आज बहुत सारे लोग यह सवाल करते हैं कि आखिर ऐसी कौन सी इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस हैं जहां रिस्क बिल्कुल कम हो। म्यूच्यूल फंड्स में रिस्क है स्टॉक मार्केट में तो बहुत ज्यादा रिस्क है और यहां तक कि डेट म्यूचूल फंड्स में भी पूरी तरह से रिस्क फ्री नहीं कहा जा सकता। ऐसे में कंजर्वेटिव इन्वेस्टर्स के मन में यह कन्फ्यूजन रहती है कि आखिर पैसा कहां लगाया जाए। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यहां पर 5 Govt Schemes के बारे में विस्तार से बताया गया है जो लगभग जीरो रिस्क के बराबर मानी जाती हैं।
वजह साफ है क्योंकि ये सभी स्कीम्स सरकार द्वारा बैक्ड हैं और इनके इंटरेस्ट या पेआउट की बात करें तो ये फिक्स्ड डिपॉजिट से भी बेहतर रिटर्न ऑफर करती हैं। इंटरेस्ट रेट समय के साथ बदलते रहते हैं लेकिन अगर हिस्ट्री देखी जाए तो इन स्कीम्स ने आसानी से इंफ्लेशन को बीट किया है। यही कारण है कि यह लेख उन लोगों के लिए खास है जो सुरक्षित और भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट की तलाश में हैं।
5 Govt Schemes में पहली स्कीम: RBI Floating Rate Savings Bond
RBI Floating Rate Savings Bond क्या है
बहुत सारे लोगों को यह स्कीम समझ में नहीं आती इसलिए इसे यहां बिल्कुल सिंपल भाषा में समझाया जा रहा है। यह एक बॉन्ड है जिसे गवर्नमेंट ऑफ इंडिया द्वारा इशू किया जाता है। जब आप इस बॉन्ड में इन्वेस्ट करते हैं तो असल में आप गवर्नमेंट ऑफ इंडिया को लोन देते हैं और उसके बदले में सरकार आपको इंटरेस्ट देती है।
फ्लोटिंग रेट का मतलब
इस स्कीम में इंटरेस्ट रेट फिक्स नहीं होता। जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट में इंटरेस्ट फिक्स रहता है वैसे यहां नहीं होता। इसी वजह से इसे फ्लोटिंग रेट बॉन्ड कहा जाता है। RBI ने इसे सबसे पहले 2020 में इशू किया था और तब से लेकर अब तक इसमें इन्वेस्ट किया जा सकता है।
मौजूदा इंटरेस्ट रेट और तुलना
जनवरी 2026 में इस स्कीम का इंटरेस्ट रेट लगभग 8.05% है। अगर इसे सरकारी बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट से कंपेयर करें तो वहां इंटरेस्ट रेट करीब 5.5% से 6% के आसपास चलता है जबकि यहां 8% से ज्यादा का रिटर्न मिल रहा है।
इंटरेस्ट रेट कैसे तय होता है
इस बॉन्ड का इंटरेस्ट रेट नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी NSC की इंटरेस्ट रेट पर आधारित होता है। NSC की जो भी रेट होती है उसके ऊपर 0.35% जोड़कर RBI Floating Rate Savings Bond का इंटरेस्ट तय किया जाता है। 2020 से लेकर अब तक इसके रेट 7.15% से बढ़ते हुए करीब 8% के आसपास पहुंचे हैं। यह जरूरी नहीं कि आगे भी बढ़े लेकिन लॉजिक यही है कि NSC की रेट के ऊपर 0.35% अतिरिक्त मिलता है।
इंटरेस्ट कब मिलता है
इस स्कीम में हर साल दो बार इंटरेस्ट मिलता है। एक बार 1 जनवरी को और दूसरी बार 1 जुलाई को। यह इंटरेस्ट सीधे आपके अकाउंट में ऑटोमैटिक आ जाता है।
लॉक इन पीरियड और प्रीमेच्योर विड्रॉल
इस स्कीम में सामान्य तौर पर 7 साल का लॉक इन पीरियड होता है। अगर आपकी उम्र 60 साल से ज्यादा है तो कुछ कंडीशंस के साथ आप 4 5 या 6 साल बाद भी प्रीमेच्योर विड्रॉल कर सकते हैं लेकिन उस पर चार्ज लगते हैं। मोटा मोटा मान लिया जाए तो यह पैसा 7 साल के लिए लॉक इन रहता है।
टैक्सेशन
इस स्कीम से मिलने वाला इंटरेस्ट आपकी इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल होता है और इसमें TDS भी कटता है बिल्कुल वैसे ही जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट में होता है।
कैसे अप्लाई करें
आप किसी भी मेनस्ट्रीम बैंक के जरिए इन बॉन्ड्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं। ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट सेक्शन में जाकर फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड को सेलेक्ट करना होता है और पूरी प्रक्रिया घर बैठे पूरी हो जाती है। नॉमिनी समेत सभी डिटेल्स आसानी से भरी जा सकती हैं।
5 Govt Schemes में दूसरी स्कीम: National Pension Scheme NPS
NPS का मुख्य उद्देश्य
NPS एक रिटायरमेंट ओरिएंटेड सरकारी स्कीम है। इसके बहुत सारे फायदे हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं होती।
सबसे बड़ा फायदा टैक्स बेनिफिट
NPS का सबसे बड़ा बेनिफिट टैक्स से जुड़ा हुआ है। जब आप रिटायरमेंट के समय अपनी जमा की गई पेंशन वेल्थ में से 60% अमाउंट लमसम विड्रॉल करते हैं तो उस पर कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगता। उदाहरण के तौर पर अगर रिटायरमेंट के समय आपके अकाउंट में 1 करोड़ रुपये हैं तो आप 60 लाख रुपये टैक्स फ्री निकाल सकते हैं। अगर यही पैसा म्यूच्यूल फंड में होता तो उस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता।
बाकी अमाउंट पर टैक्स
जो 40% अमाउंट बचता है उस पर उस समय आपकी इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है लेकिन 60% पर टैक्स जीरो होना बहुत बड़ा फायदा है।
अन्य टैक्स फायदे
NPS में और भी कई टैक्स बेनिफिट्स हैं। ओल्ड टैक्स रिजीम में 1.5 लाख तक की इनकम पर टैक्स छूट मिलती है। इसके अलावा भी कई नियम हैं लेकिन मोटे तौर पर यह स्कीम लॉन्ग टर्म और रिटायरमेंट के लिए बनाई गई है।
NPS की अलग अलग स्कीम्स
NPS में अलग अलग एसेट क्लास मिलती हैं।
एसेट क्लास E इक्विटी से जुड़ी होती है
एसेट क्लास C कॉरपोरेट डेट से जुड़ी होती है
एसेट क्लास G गवर्नमेंट बॉन्ड्स से जुड़ी होती है
एसेट क्लास A अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स से जुड़ी होती है
आप अपनी रिस्क प्रोफाइल के हिसाब से इनका चुनाव कर सकते हैं।
अकाउंट टाइप
NPS में टियर वन और टियर टू अकाउंट होते हैं। टियर टू अकाउंट खोलने के लिए टियर वन अकाउंट होना जरूरी है।
5 Govt Schemes में तीसरी स्कीम: National Saving Certificate NSC
NSC की बेसिक जानकारी
NSC पोस्ट ऑफिस के जरिए चलाई जाने वाली सरकारी स्कीम है। फिलहाल इसका इंटरेस्ट रेट 7.7% प्रति वर्ष है जो मार्केट की ज्यादातर फिक्स्ड डिपॉजिट से बेहतर है।
लॉक इन पीरियड
NSC में 5 साल का लॉक इन पीरियड होता है। यही इसका सबसे बड़ा फायदा है क्योंकि RBI Floating Rate Bonds में लॉक इन 7 साल का होता है।
इंटरेस्ट रेट में बदलाव
NSC का इंटरेस्ट रेट फिक्स नहीं होता। यह हर तीन महीने में मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस द्वारा तय किया जाता है। 2017 से लेकर अब तक इसके रेट 7.9% 7.8% 8% 6.8% जैसे अलग अलग स्तरों पर रहे हैं।
कैश फ्लो
NSC में बीच में कोई कैश फ्लो नहीं मिलता। 5 साल पूरे होने के बाद पूरा अमाउंट और इंटरेस्ट एक साथ लमसम मिलता है।
टैक्स बेनिफिट
इसमें सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है। 5 साल बाद जब अमाउंट निकाला जाता है तब टैक्स देना होता है।
5 Govt Schemes में चौथी स्कीम: Senior Citizen Saving Scheme SCSS
किसके लिए है यह स्कीम
यह स्कीम सीनियर सिटीजंस के लिए बनाई गई है। घर के माता पिता या इन लॉज के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
इंटरेस्ट और पेआउट
इस स्कीम में हर क्वार्टर इंटरेस्ट मिलता है जिससे रेगुलर इनकम होती रहती है। फिलहाल इसका इंटरेस्ट रेट 8.20% है।
लॉक इन पीरियड और एक्सटेंशन
इसमें 5 साल का लॉक इन पीरियड होता है और चाहें तो बाद में 3 साल के लिए इसे एक्सटेंड किया जा सकता है।
टैक्स बेनिफिट और लिमिट
सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है। इसमें अधिकतम 30 लाख रुपये तक इन्वेस्ट किया जा सकता है।
5 Govt Schemes में पांचवी स्कीम: Sukanya Samriddhi Yojana
किसके लिए बनी है यह स्कीम
यह स्कीम गर्ल चाइल्ड के लिए बनाई गई है। इसका सबसे बड़ा फायदा है जीरो कैपिटल गेन टैक्स।
इंटरेस्ट रेट
फिलहाल इस स्कीम में 8.2% का इंटरेस्ट रेट मिल रहा है जो फिक्स्ड डिपॉजिट से काफी बेहतर है।
अकाउंट खोलने की उम्र
बच्ची के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र तक कभी भी अकाउंट खोला जा सकता है।
इन्वेस्टमेंट नियम
हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक इन्वेस्ट किया जा सकता है। 15 साल तक इन्वेस्टमेंट की जाती है और अकाउंट 21 साल तक ग्रो करता है।
प्रीमेच्योर विड्रॉल
बेटी की उम्र 18 साल होने पर या 10वीं पास करने के बाद 50% अमाउंट एजुकेशन के लिए निकाला जा सकता है।
क्यों है यह स्कीम खास
इसमें डिसिप्लिन इन्वेस्टमेंट होता है पैसा लंबे समय तक जमा रहता है और टैक्स फ्री रिटर्न मिलता है।
Conclusion
इस लेख में 5 Govt Schemes के बारे में विस्तार से बताया गया है। सभी स्कीम्स का उद्देश्य अलग अलग है उनके इंटरेस्ट रेट अलग हैं और उनके नियम भी अलग हैं। कोई स्कीम रिटायरमेंट के लिए है कोई सीनियर सिटीजंस के लिए और कोई गर्ल चाइल्ड के फ्यूचर के लिए बनाई गई है। इन सभी स्कीम्स में रिस्क बहुत कम है क्योंकि ये सरकार द्वारा बैक्ड हैं। यही वजह है कि कंजर्वेटिव इन्वेस्टर्स के लिए ये स्कीम्स एक मजबूत विकल्प बन सकती हैं।


















