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2026 के लिए 5 Unique Investment जो कोई नहीं बताएगा

Unique Investment

बहुत कर लिए एसआईपी बहुत कर लिए स्टॉक में इन्वेस्टमेंट बहुत हो गई एफडी और पीपीएफ। ज्यादातर लोग सालों से यही करते आ रहे हैं और अब यही सवाल सामने आता है कि क्या 2026 में भी यही रास्ता सही रहेगा। यहीं से इस लेख की शुरुआत होती है। 2026 के लिए ऐसे Unique Investment कौन से हो सकते हैं जिनके बारे में आमतौर पर कोई बात नहीं करता। ऐसे इन्वेस्टमेंट जिनका पास्ट रिकॉर्ड अलग रहा है और जो पारंपरिक 10 से 12 प्रतिशत या 15 प्रतिशत के कैगर को तोड़कर उससे कहीं ऊपर जाने की क्षमता रखते हैं।

आज जिन पांच इन्वेस्टमेंट की बात होने वाली है वो बड़े सॉलिड हैं, न्यू एज हैं और ऐसे हैं कि अगर आपका पैसा इनमें लगा हो और आप इनके बारे में कहीं चर्चा करें तो बहुत लोगों को पता भी नहीं होगा कि ऐसा भी कोई इन्वेस्टमेंट होता है। यही वजह है कि ये 2026 के लिए वाकई Unique Investment माने जा सकते हैं।

Table of Contents

पहला Unique Investment: ग्लोबल ईटीएफ

अब आप कह सकते हैं कि ईटीएफ में नया क्या है। यहां बात साधारण ईटीएफ की नहीं हो रही बल्कि ग्लोबल ईटीएफ की हो रही है। यह जरूरी नहीं कि यह मार्केट में बिल्कुल नया हो लेकिन बहुत से लोगों के लिए यह अब भी नया कॉन्सेप्ट है। सवाल यह है कि यह क्या है और इस पर इतना जोर क्यों दिया जा रहा है।

आज का दौर एआई का दौर है। एआई में पिछले कुछ सालों में कंपनियों ने 500 प्रतिशत 600 प्रतिशत उससे भी ज्यादा रिटर्न दिए हैं। लेकिन सवाल यह है कि ऐसी कौन सी इंडियन कंपनी है जिसने एआई में इस तरह का रिटर्न दिया हो। सच्चाई यह है कि इंडिया में कोई भी ऐसी लिस्टेड कंपनी नहीं है जो एआई में उस लेवल पर काम कर रही हो। इसका मतलब यह हुआ कि इंडियन मार्केट में रहकर एआई में सीधे इन्वेस्ट करने का मौका आपके पास है ही नहीं।

ग्लोबल कंपनियों में एआई का असली खेल

एआई में सारा काम विदेशी कंपनियां कर रही हैं। Google, ChatGPT से जुड़ी कंपनियां Nvidia, Apple, Microsoft जैसी बड़ी टेक कंपनियां एआई में इन्वेस्ट कर रही हैं। जब तक एआई इंडिया तक पूरी तरह पहुंचेगा और इंडियन कंपनियां इस पर काम शुरू करेंगी तब तक सारी बड़ी कमाई यूएस की कंपनियां कर चुकी होंगी। उस समय अगर आप सिर्फ 10 या 12 प्रतिशत की बात करते रहेंगे तो तुलना में यह बहुत छोटा लगेगा क्योंकि वहां 500 प्रतिशत जैसे रिटर्न बन चुके होंगे।

इंडियन डीमैट से ग्लोबल ईटीएफ में इन्वेस्ट कैसे

आप सीधे Tesla, Apple, Microsoft, Google या Nvidia को इंडियन डीमैट अकाउंट से नहीं खरीद सकते। ये स्टॉक्स आपको इंडियन ब्रोकर प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट नहीं मिलते। इसका सॉल्यूशन है वहां की कंपनियों पर आधारित ईटीएफ। ये ग्लोबल ईटीएफ आपके लोकल डीमैट अकाउंट में ही मिल जाते हैं।

उदाहरण के तौर पर Nvidia ने पिछले एक साल में करीब 34 प्रतिशत रिटर्न दिया है पांच साल में लगभग 1300 प्रतिशत और दो साल में 500 प्रतिशत से ज्यादा। इसी तरह के एक्सपोजर के लिए आप Motilal Oswal Nasdaq 100 ETF, Mirae Asset NYSE FANG Plus ETF या Motilal Oswal S&P 500 Index ETF जैसे विकल्प सर्च कर सकते हैं। ये सभी आपके इंडियन डीमैट अकाउंट में उपलब्ध होते हैं।

ग्लोबल ईटीएफ के फायदे

ग्लोबल ईटीएफ में इन्वेस्ट करने से आपको एआई रिवोल्यूशन का फायदा मिलता है क्योंकि ज्यादातर एआई कंपनियां यूएस में हैं। इसके साथ ही डॉलर डाइवर्सिफिकेशन का भी फायदा मिलता है। रुपया हर साल औसतन 3 से 4 प्रतिशत गिरता है जबकि डॉलर इसके उलट मजबूत होता है। इसका मतलब आपका पैसा डॉलर में ग्रो करता है और करेंसी गेन का फायदा भी मिलता है।

फ्यूचर और इन्वेस्टमेंट की शुरुआत

आने वाले पांच साल में एआई स्पेंडिंग एक ट्रिलियन डॉलर को पार कर सकती है। टेक जाइंट्स और भी ज्यादा ग्रो करेंगे। साथ ही आपको इंडिया और यूएस दोनों मार्केट का डाइवर्सिफिकेशन मिलता है। इन्वेस्टमेंट शुरू करने के लिए आपको बस डीमैट अकाउंट चाहिए। इनमें से किसी भी ग्लोबल ईटीएफ का नाम सर्च कीजिए और आप ₹500 प्रति माह की एसआईपी से भी शुरुआत कर सकते हैं।

दूसरा Unique Investment: इनविट

इंडिया में लगातार रोड्स बन रहे हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से ग्रो कर रहा है। पावर लाइंस बिछ रही हैं और बड़े प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। आम आदमी के लिए सवाल यह होता है कि इतने बड़े हाईवे और पावर प्रोजेक्ट्स का मालिक कैसे बना जाए। यही काम इनविट करता है।

इनविट यानी इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट। इसमें आप ट्रस्ट के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट करते हैं। ₹100, ₹300 या ₹500 महीने जैसी छोटी रकम से आप रोड्स पावर ट्रांसमिशन लाइंस और गैस पाइपलाइन जैसे एसेट्स के ओनर बन जाते हैं।

इनविट से इनकम कैसे मिलती है

इनविट फंड्स हाईवे, पावर लाइंस और गैस पाइपलाइन में इन्वेस्ट करते हैं। आप इनकी यूनिट्स खरीदते हैं जैसे म्यूचुअल फंड की यूनिट्स खरीदी जाती हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर से जो इनकम होती है वह आपको क्वार्टरली डिविडेंड के रूप में मिलती है।

टॉप इनविट और उनका यील्ड

कुछ टॉप इनविट के उदाहरण हैं पावर ग्रिड इनविट जो पावर लाइंस में काम करती है और करीब 12 से 13 प्रतिशत यील्ड देती है। इंडिया ग्रिड ट्रस्ट का यील्ड लगभग 11 से 12 प्रतिशत है। आईआरबी इनविट का यील्ड करीब 8 से 9 प्रतिशत है। ये सभी एनुअल यील्ड हैं।

इनविट क्यों जरूरी है

इनविट में हाई डिविडेंड यील्ड मिलता है जो एफडी से लगभग दोगुना माना जा सकता है। ये गवर्नमेंट बैक्ड एसेट्स होते हैं इसलिए स्टेबल रहते हैं। इनफ्लेशन के साथ टोल रेट्स और पावर चार्ज बढ़ते हैं जिससे इनकम भी बढ़ती है। इस तरह आम जनता जो टोल या चार्ज देती है उसका एक हिस्सा आपकी जेब में भी आता है।

फ्यूचर और शुरुआत

नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के तहत 111 लाख करोड़ रुपये का प्लान अनाउंस हो चुका है। पीएम गतिशक्ति मिशन से हाईवे और पावर प्रोजेक्ट्स बूम पर हैं। इसका डायरेक्ट फायदा इनविट इन्वेस्टर्स को मिलेगा। डीमैट अकाउंट के जरिए ₹100 से ₹150 प्रति यूनिट में आप इनविट में इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकते हैं।

तीसरा Unique Investment: Tata AIA Multi Cap Opportunities Fund

कई बार लार्ज कैप अच्छा चलता है कभी मिड कैप या स्मॉल कैप। लेकिन हर बार सही समय पर सही कैटेगरी चुनना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। यही वजह है कि ऑल सीजन अप्रोच की जरूरत पड़ती है।

ऑल सीजन अप्रोच क्या है

मार्केट कभी लार्ज कैप को लीड करता है कभी मिड कैप या स्मॉल कैप। कई बार मार्केट सुस्त भी हो जाता है। ऑल सीजन अप्रोच का मतलब है कि आपका पैसा मार्केट कंडीशन के हिसाब से खुद शिफ्ट होता रहे। मार्केट मजबूत है तो मिड और स्मॉल कैप की तरफ जाए और कमजोर है तो लार्ज कैप और डेट में शिफ्ट हो जाए।

इस फंड का स्ट्रक्चर

इस फंड में इक्विटी एक्सपोजर 60 से 100 प्रतिशत तक रहता है और डेट व कैश में 0 से 40 प्रतिशत तक शिफ्ट हो सकता है। यह शिफ्टिंग पूरी तरह मार्केट कंडीशन पर आधारित होती है। आपको अलग-अलग फंड बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।

ट्रैक रिकॉर्ड और यूनिक बेनिफिट

Tata के कुछ फंड्स ने पिछले तीन साल में करीब 26 प्रतिशत और पांच से सात साल में 23 से 29 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है। इस फंड का यूनिक बेनिफिट यह है कि इसमें 120x मंथली प्रीमियम का लाइफ कवर भी मिलता है। साथ ही 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट मिलता है। एनआरआई भी इसमें इन्वेस्ट कर सकते हैं।

इन्वेस्टमेंट और एनएफओ डिटेल

₹2000 प्रति माह से इस फंड में एंट्री की जा सकती है। एनएफओ की विंडो 31 दिसंबर 2025 तक खुली है। इसके बाद इसमें एनएफओ के जरिए इन्वेस्ट नहीं किया जा सकेगा। यह फंड उन लोगों के लिए है जो हर सीजन में पॉजिटिव कैश फ्लो चाहते हैं।

चौथा Unique Investment: रीट

₹300 में कमर्शियल प्रॉपर्टी का मालिक बनना सुनने में अजीब लगता है लेकिन यही रीट का कॉन्सेप्ट है। रीट यानी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट। यह भी म्यूचुअल फंड की तरह ही काम करता है।

रीट कैसे काम करता है

रीट में आपका पैसा कमर्शियल बिल्डिंग्स में इन्वेस्ट होता है। इन बिल्डिंग्स को Apple, Google, Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों को रेंट पर दिया जाता है। इससे रेंटल इनकम होती है और साथ ही प्रॉपर्टी की वैल्यू भी समय के साथ बढ़ती है।

इनकम और डिविडेंड

रीट से होने वाली रेंटल इनकम का 90 प्रतिशत इन्वेस्टर्स को मिलता है। सिर्फ 10 प्रतिशत मैनेजमेंट कंपनी रखती है। इस तरह आपको क्वार्टरली डिविडेंड के रूप में 6 से 8 प्रतिशत तक का यील्ड मिलता है।

रीट क्यों जरूरी है

₹300 में रियल एस्टेट में एंट्री मिलती है। प्रॉपर्टी टैक्स, मेंटेनेंस, टेनेंट ढूंढने जैसी कोई टेंशन नहीं होती। रेगुलर कैश फ्लो मिलता है और अप्रिसिएशन का भी फायदा होता है। रजिस्ट्री या लॉयर जैसी झंझट नहीं होती।

इन्वेस्टमेंट कैसे करें

रीट में इन्वेस्ट करने के लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है। ₹300 से ₹500 प्रति यूनिट के आसपास रीट यूनिट मिल जाती है और यहीं से आपकी एसआईपी शुरू हो जाती है।

पांचवां Unique Investment: गोल्ड ईटीएफ

गोल्ड इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है। लगभग एक साल में गोल्ड ने करीब 80 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। सोवरेन गोल्ड बॉन्ड बंद हो चुका है क्योंकि सरकार को इसमें रिडेम्पशन पर ज्यादा लॉस हुआ।

गोल्ड में इन्वेस्ट करने के विकल्प

फिजिकल गोल्ड खरीदने में मेकिंग चार्ज और स्टोरेज का रिस्क होता है। दूसरा विकल्प है गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड म्यूचुअल फंड। गोल्ड ईटीएफ सीधे फिजिकल गोल्ड में इन्वेस्ट करता है और स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होता है।

टॉप गोल्ड ईटीएफ और एक्सपेंस रेशियो

लो एक्सपेंस रेशियो देखना बहुत जरूरी है। Nippon India Gold ETF, SBI Gold ETF और HDFC Gold ETF जैसे विकल्पों में एक्सपेंस रेशियो कम है एयूएम बड़ा है और लिक्विडिटी हाई है।

गोल्ड ईटीएफ के फायदे

कोई स्टोरेज टेंशन नहीं कोई मेकिंग चार्ज नहीं। हाई लिक्विडिटी होती है और ₹500 से इन्वेस्टमेंट शुरू हो सकता है। ग्लोबल अनसर्टेनिटी में गोल्ड सेफ हेवन माना जाता है। पोर्टफोलियो में 10 से 15 प्रतिशत गोल्ड होना जरूरी माना जाता है।

पांचों Unique Investment का सार

पहला ग्लोबल ईटीएफ जिसमें एआई और ग्लोबल टेक कंपनियों का एक्सपोजर मिलता है और ₹500 से एसआईपी शुरू हो जाती है। दूसरा इनविट जिसमें 10 से 13 प्रतिशत का यील्ड और पैसिव इनकम मिलती है। तीसरा Tata AIA Multi Cap Opportunities Fund जिसमें ऑल सीजन अप्रोच, इंश्योरेंस और टैक्स बेनिफिट मिलता है। चौथा रीट जिसमें ₹300 से कमर्शियल प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट और रेगुलर डिविडेंड मिलता है। पांचवां गोल्ड ईटीएफ जिसमें वेल्थ प्रिजर्वेशन और ग्रोथ दोनों का फायदा मिलता है।

यह पूरा सेशन एजुकेशनल था। यह कोई एडवाइस नहीं है। पैसा कहां और कैसे लगाना है यह आपका फैसला है। Tata के एनएफओ की लास्ट डेट 31 दिसंबर है यह ध्यान रखना जरूरी है। अगर ग्लोबल ईटीएफ पर डिटेल में जानना है तो कमेंट में जरूर बताइए। यहीं पर यह लेख समाप्त होता है।

Sunny kumar

नमस्ते! मैं Sunny Kumar हूँ BiharMint.com का founder Bihar के लोगों को आसान Hindi में Personal Finance, Sarkari Yojana और Investment की सही जानकारी देना मेरा मकसद है 5+ साल से Finance field में active हूँ अगर पैसों से जुड़ा कोई सवाल हो BiharMint पर जरूर आएं!

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