आज अगर आप Google पर जाकर SIP से जुड़ी कोई भी जानकारी सर्च करते हैं तो आपको दो बिल्कुल अलग तरह की बातें देखने को मिलती हैं। एक तरफ ऐसे ब्लॉग और आर्टिकल मिलते हैं जो यह समझाने की कोशिश करते हैं कि SIP करना गलत है और दूसरी तरफ ऐसे ब्लॉग मिलते हैं जो यह बताते हैं कि SIP ही वेल्थ बनाने का सबसे सही तरीका है।
यहीं से कन्फ्यूजन शुरू होता है। असली सवाल यही है कि SIP करनी चाहिए या SIP नहीं करनी चाहिए। इस पूरे ब्लॉग में SIP को लेकर वही बातें क्रमबद्ध तरीके से रखी गई हैं जो इस विषय पर डाटा के आधार पर समझाई गई हैं ताकि आप खुद तय कर सकें कि सच्चाई क्या है।
SIP करनी चाहिए या नहीं
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि SIP को लेकर राय बनाने से पहले हमें डाटा देखना चाहिए। यहां जो डाटा सामने रखा गया है वह निफ्टी 50 के SIP रिटर्न्स का है और यह डाटा नवंबर 2026 तक का लेटेस्ट डाटा है। यह वही इंडेक्स है जिसे भारतीय शेयर बाजार का थर्मामीटर माना जाता है।
निफ्टी 50 SIP रिटर्न्स का डाटा
अगर कोई निवेशक निफ्टी 50 में SIP करता तो अलग-अलग समय अवधि में उसे जो रिटर्न्स मिलते वो इस प्रकार रहे हैं।
| समय अवधि | SIP रिटर्न |
|---|---|
| 1 साल | 17.23% |
| 3 साल | 14.20% |
| 5 साल | 14.05% |
| 7 साल | 15.66% |
| 10 साल | 14.80% |
| 15 साल | 13.82% |
यहां यह साफ दिखाई देता है कि पिछले एक साल में जब मार्केट काफी ज्यादा वोलैटाइल रहा तब भी SIP ने अच्छे रिटर्न्स दिए।
Nifty 500 SIP रिटर्न्स का डाटा
अब अगर हम निफ्टी 500 का डाटा देखें जिसमें लार्ज कैप मिड कैप और स्माल कैप तीनों शामिल होते हैं तो वहां भी SIP के रिटर्न्स मजबूत नजर आते हैं।
| समय अवधि | SIP रिटर्न |
|---|---|
| 1 साल | 15.12% |
| 3 साल | 15.35% |
| 5 साल | 15.66% |
| 7 साल | 17.44% |
| 10 साल | 15.87% |
| 15 साल | 14.89% |
ये सभी रिटर्न्स एनुअल रिटर्न्स हैं और यह दिखाते हैं कि लंबे समय में SIP ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।
SIP को लेकर चार जरूरी सवाल
क्या SIP में किसी भी समय अवधि में नुकसान हुआ
इन सभी डाटा को देखकर पहला सवाल यही उठता है कि क्या SIP करने में किसी भी समय अवधि में लॉस हुआ। जवाब है बिल्कुल नहीं। हर समय अवधि में SIP ने पॉजिटिव रिटर्न्स दिए हैं।
क्या SIP के रिटर्न्स महंगाई से बेहतर हैं
दूसरा सवाल यह है कि क्या ये रिटर्न्स महंगाई दर से बेहतर हैं। जब महंगाई दर 4 से 5 प्रतिशत के आसपास रहती है और SIP 14 से 17 प्रतिशत तक रिटर्न दे रही है तो यह साफ है कि SIP महंगाई को आसानी से मात दे रही है।

क्या SIP FD से बेहतर है
तीसरा सवाल FD से तुलना का है। FD जहां 6 से 7 प्रतिशत रिटर्न देती है वहीं SIP ने लगभग दोगुने रिटर्न्स दिए हैं।
SIP में कितनी मेहनत करनी पड़ी
चौथा सवाल यह है कि क्या इन रिटर्न्स के लिए कोई मेहनत करनी पड़ी। न दिमाग लगाना पड़ा न ट्रेडिंग करनी पड़ी और न ही किसी ने बेवकूफ बनाया। SIP म्यूच्यूल फंड्स में होती है जो सेबी द्वारा रेगुलेटेड होती है।
पास्ट डाटा क्या सिखाता है
यह बात साफ है कि पास्ट डाटा हमें यह बताता है कि SIP एक अच्छा तरीका है। इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य में भी बिल्कुल ऐसे ही रिटर्न्स आएंगे लेकिन पास्ट डाटा यह जरूर दिखाता है कि SIP ने समय के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है।
लोग क्यों कहते हैं कि SIP में पैसा डूब गया
जब लोग कहते हैं कि SIP में उनका पैसा डूब गया तो इसके पीछे कुछ खास कारण होते हैं।
गलत समय अवधि देखना
कई लोग सिर्फ 2 या 3 महीने का डाटा देखकर यह निष्कर्ष निकाल लेते हैं कि SIP खराब है।
मार्केट गिरते ही SIP रोक देना
जैसे ही मार्केट गिरता है लोग SIP रोक देते हैं और फिर कहते हैं कि रिटर्न नहीं बने।

गलत फंड का चुनाव
कई बार लोग किसी एक थीमैटिक म्यूच्यूल फंड में SIP शुरू कर देते हैं और जब रिटर्न नहीं आते तो SIP को दोष देते हैं। इन सभी मामलों में गलती SIP की नहीं बल्कि SIP करने के तरीके की होती है।
SIP का सही तरीका
अब यह समझना जरूरी है कि SIP को सही तरीके से कैसे किया जाए।
सही SIP अमाउंट कैसे तय करें
मान लीजिए किसी व्यक्ति की मंथली इनकम ₹1 लाख है और उसका खर्च ₹70,000 है। यानी ₹30,000 की बचत है। इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी ₹30,000 की SIP शुरू कर दी जाए।
सही तरीका यह है कि उस अमाउंट का चुनाव किया जाए जिसे किसी भी हालत में रोका न जाए। चाहे कोई भी परिस्थिति आए SIP जारी रहनी चाहिए। यही कमिटमेंट SIP की असली नींव है।
कमिटमेंट क्यों जरूरी है
मार्केट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। 2020 में कोरोना के समय मार्केट 38 प्रतिशत गिर गया था। 2008 में ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के समय मार्केट 60 प्रतिशत तक गिरा था। इसके बावजूद आज सेंसेक्स ऑल टाइम हाई पर है। अगर SIP बीच में रोक दी जाती तो इसका फायदा नहीं मिल पाता।
SIP कितने समय के लिए करनी चाहिए
SIP हमेशा गोल बेस्ड होनी चाहिए। आमतौर पर हर व्यक्ति के तीन बड़े गोल होते हैं।

बच्चों की पढ़ाई
जिसका समय लगभग 10 साल हो सकता है।
घर खरीदना
जिसका समय 5 साल हो सकता है।
रिटायरमेंट
जिसका समय 20 साल या उससे ज्यादा हो सकता है। SIP की अवधि इन गोल्स के आधार पर तय होती है और गोल पूरा होने पर ही SIP रोकनी चाहिए।

गोल के लिए SIP अमाउंट कैसे तय करें
अगर आज किसी को लगता है कि बच्चे की पढ़ाई में ₹10 लाख का खर्च आएगा तो यह मान लेना गलत है कि 10 साल बाद भी यही खर्च रहेगा। महंगाई के कारण यह खर्च बढ़ जाएगा। अगर औसतन 5 प्रतिशत की महंगाई मान ली जाए तो 10 साल बाद ₹10 लाख का खर्च लगभग ₹16,29,000 हो जाता है।
SIP कैलकुलेशन का उदाहरण
अगर कोई व्यक्ति ₹8,000 की मंथली SIP करता है और 12 प्रतिशत का रिटर्न मानता है तो 10 साल में कुल अमाउंट लगभग ₹17,92,000 बनता है। इसमें से ₹9,60,000 इन्वेस्टमेंट होता है और बाकी गेन होता है।
टैक्स को नजरअंदाज करने की गलती
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर 12.5 प्रतिशत टैक्स लगाया जाए तो गेन में से लगभग ₹1,04,000 टैक्स में चला जाएगा और नेट अमाउंट लगभग ₹16,88,000 रहेगा। यही कारण है कि हमेशा मार्जिन ऑफ सेफ्टी रखना जरूरी है।

Step Up SIP से गैप कैसे पूरा करें
कई बार गोल्स के हिसाब से SIP अमाउंट ज्यादा बनती है और कमिटमेंट कम होता है। इस गैप को भरने का सबसे अच्छा तरीका है Step Up SIP। अगर कोई ₹10,000 से SIP शुरू करता है और हर साल 10 प्रतिशत से बढ़ाता है तो 20 साल में ₹2 करोड़ का गोल हासिल किया जा सकता है। Step Up SIP इसलिए प्रैक्टिकल है क्योंकि हर साल इनकम बढ़ने की संभावना रहती है।
SIP कहां करें
SIP केवल इक्विटी म्यूच्यूल फंड्स तक सीमित नहीं है। SIP डेट म्यूच्यूल फंड्स, गोल्ड और सिल्वर में भी की जा सकती है। अगर इक्विटी में SIP करनी है तो शुरुआत में लार्ज कैप मिड कैप और स्माल कैप फंड्स में SIP करना सही रहता है। थीमैटिक फंड्स में तभी जाना चाहिए जब अनुभव बढ़ जाए।
Direct Fund क्यों जरूरी है
हमेशा डायरेक्ट म्यूच्यूल फंड का चुनाव करना चाहिए क्योंकि इनमें एक्सपेंस रेशियो कम होता है। रेगुलर फंड में एक्सपेंस रेशियो ज्यादा होता है जिससे रिटर्न्स पर असर पड़ता है।
लार्ज कैप SIP फंड्स का डाटा
लार्ज कैप कैटेगरी में कुछ फंड्स ने अच्छे SIP रिटर्न्स दिए हैं लेकिन नए फंड्स में ट्रैक रिकॉर्ड नहीं होता। इसलिए हमेशा पुराने और लंबे ट्रैक रिकॉर्ड वाले फंड्स पर ध्यान देना चाहिए।
मिड कैप SIP फंड्स का डाटा
मिड कैप कैटेगरी में भी कई फंड्स ने 21 से 23 प्रतिशत तक SIP रिटर्न्स दिए हैं। यहां 1 या 2 प्रतिशत के फर्क पर ज्यादा कन्फ्यूज नहीं होना चाहिए।
स्माल कैप SIP फंड्स का डाटा
स्माल कैप में कुछ नए फंड्स ने बहुत ज्यादा रिटर्न्स दिए हैं लेकिन उनका ट्रैक रिकॉर्ड कम है। पुराने फंड्स जिनका 5 से 10 साल का रिकॉर्ड है उन्हें प्राथमिकता देनी चाहिए।
SIP को सिंपल रखें
SIP को जितना सिंपल रखा जाए उतना बेहतर है। ज्यादा कॉम्प्लिकेट करने से ही ज्यादातर लोग गलतियां करते हैं और फिर कहते हैं कि SIP काम नहीं करती।
निष्कर्ष
इस पूरे ब्लॉग में SIP से जुड़ी हर बात डाटा के आधार पर रखी गई है। SIP सही है या गलत यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस तरीके से किया गया है। सही कमिटमेंट सही अवधि सही कैलकुलेशन और सही फंड सिलेक्शन के साथ की गई SIP लंबे समय में अच्छा परिणाम देती है। यही SIP का सही तरीका है।















