दुकान पर भीड़ है, ग्राहक phone की screen दिखाता है जिस पर हरा tick, रकम, तारीख और transaction ID सब लिखा है. आप सामान दे देते हैं. रात को हिसाब मिलाते हैं तो पता चलता है कि खाते में वह पैसा कभी आया ही नहीं. यह कहानी देश के लाखों छोटे दुकानदारों के साथ दोहराई जा रही है.
Fake UPI Payment App या edited screenshot से होने वाली ठगी इसलिए कामयाब होती है क्योंकि हम ग्राहक की screen पर भरोसा कर लेते हैं, अपने bank के alert पर नहीं. अच्छी बात यह है कि एक सही आदत, यानी हर payment को अपने phone पर जांचना, इस पूरी ठगी को बेअसर कर देती है.
इस गाइड में जानिए नकली payment कैसे बनाई जाती है, असली और नकली में फर्क कैसे करें, ठगी हो जाए तो 1930 और cybercrime.gov.in पर शिकायत का सही तरीका क्या है, और Bihar के दुकानदार किन बातों का ध्यान रखें.
इस लेख में आप जानेंगे
✔ Fake UPI Payment App और edited screenshot कैसे काम करते हैं
✔ Payment असली है या नहीं, जांचने के 3 steps
✔ नकली payment के 8 आम संकेत
✔ ठगी होने पर 1930 और cybercrime.gov.in पर शिकायत का तरीका
✔ असली UPI app पहचानने का आसान तरीका
✔ दुकानदारों के लिए रोज़ की सुरक्षा आदतें
ताज़ा अपडेट (30 अक्टूबर 2026)
वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary ने 15 दिसंबर 2025 को Lok Sabha में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में नवंबर तक UPI से जुड़े धोखाधड़ी के 10.64 लाख मामलों में ₹805 करोड़ का नुकसान दर्ज हुआ. यह आंकड़ा सभी तरह की UPI ठगी का है, सिर्फ fake app का नहीं. 2024-25 में यह ₹981 करोड़ (12.64 लाख मामले) था.
मुख्य जानकारी एक नज़र में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| ठगी का तरीका | नकली payment app, edited screenshot या pending screen दिखाकर सामान लेना |
| सबसे बड़ा बचाव | अपने phone पर bank SMS, app notification या soundbox से पुष्टि |
| तुरंत शिकायत | National Cyber Crime Helpline 1930 |
| Online शिकायत | cybercrime.gov.in पर Financial Fraud |
| संदिग्ध call या SMS की रिपोर्ट | Sanchar Saathi portal का Chakshu |
| Official website | cybercrime.gov.in, npci.org.in |
| अंतिम अपडेट | 30 अक्टूबर 2026 |
Fake UPI Payment App क्या है और कैसे काम करता है
Fake UPI Payment App ऐसी app होती है जो दिखने में किसी लोकप्रिय UPI app जैसी लगती है, लेकिन असल में कोई पैसा नहीं भेजती. यह सिर्फ एक “Payment Successful” screen बना देती है, जिसमें आपका नाम, रकम, समय और एक नकली transaction ID भरा होता है. कुछ apps payment वाली आवाज़ भी बजा देती हैं ताकि सब असली लगे.
ऐसी apps आम तौर पर Google Play Store या Apple App Store पर नहीं मिलतीं. इन्हें WhatsApp, Telegram या किसी link से APK file के रूप में install कराया जाता है. दूसरा तरीका edited screenshot का है, जिसमें किसी पुराने असली payment की तस्वीर में रकम, नाम और तारीख बदल दी जाती है.

असली UPI payment में पैसा भेजने वाले के bank से निकलकर आपके bank खाते में आता है और आपके bank का SMS आता है. Fake screen में ऐसा कुछ नहीं होता. इसलिए किसी भी screen, screenshot या printout को payment का सबूत न मानें. सबूत सिर्फ आपके अपने खाते में आया credit है.

दुकानदार किन तरीकों से ठगे जाते हैं
नकली payment के कई रूप हैं. सबका तरीका अलग है, पर निशाना एक ही है: आप अपने खाते की जगह सामने वाले की बात या screen पर भरोसा कर लें.
| तरीका | क्या होता है | बचाव |
|---|---|---|
| Fake app screen | ग्राहक अपने phone पर नकली Payment Successful दिखाता है | अपने phone पर credit देखें |
| Edited screenshot | WhatsApp पर बदला हुआ screenshot भेजकर सामान या refund मांगना | Screenshot नहीं, bank statement देखें |
| Pending या processing screen | “थोड़ी देर में आ जाएगा” कहकर सामान ले जाना | Credit आने तक सामान न दें |
| ज्यादा भेज दिया वाली चाल | “गलती से ₹5,000 भेज दिए, बाकी लौटा दो” कहना | खाते में रकम पक्की करने के बाद ही लौटाएं |
| पैसा पाने के लिए QR या PIN | “पैसा भेज रहा हूं, यह QR scan करके PIN डालो” कहना | पैसा पाने के लिए PIN कभी नहीं लगता |
| नकली customer care | Internet पर मिले नकली number से screen sharing app install कराना | App के अंदर का Help ही इस्तेमाल करें |

ध्यान दें कि NPCI ने 1 अक्टूबर 2025 से person-to-person collect request बंद कर दी है, यानी कोई आम व्यक्ति अब आपसे UPI पर पैसे की “request” नहीं भेज सकता. फिर भी ठग QR code scan कराकर या app में PIN डलवाकर पैसा निकालने की कोशिश करते हैं. याद रखें, UPI PIN सिर्फ पैसा भेजने के लिए डाला जाता है.
Payment असली है या नहीं, ऐसे जांचें: Step-by-step
यह 3 steps की जांच हर payment पर करें, चाहे रकम ₹50 हो या ₹50,000. इसमें 10 से 20 सेकंड लगते हैं और यही सबसे भरोसेमंद बचाव है.
Step 1: अपने phone का alert या soundbox सुनें
Payment आते ही आपकी UPI app का notification, bank का SMS या दुकान पर लगे soundbox की आवाज़ आती है. ग्राहक की screen देखने की बजाय पहले अपने phone या soundbox पर ध्यान दें. अगर कुछ सेकंड में कोई alert नहीं आया, तो payment अभी पूरा नहीं हुआ है.

Step 2: App या bank की history में entry खोजें
अपनी UPI app में transaction history या passbook खोलें, या bank app में account statement देखें. वहां उसी रकम, भेजने वाले के नाम और समय की entry होनी चाहिए. चाहें तो ग्राहक से UPI transaction ID या UTR लेकर अपनी history में मिलान करें. UTR क्या होता है, यह हमारी गाइड UPI UTR Number में समझाया गया है.

Step 3: Credit पक्का होने के बाद ही सामान दें
जब आपके खाते में रकम दिख जाए, तभी सामान दें या कोई पैसा लौटाएं. Pending, processing या “server slow है” जैसी बातों पर सामान न दें. अगर ग्राहक जल्दी मचाए, तो विनम्रता से कहें कि alert आने तक इंतज़ार करना होगा. असली ग्राहक को इससे कोई दिक्कत नहीं होती.

दुकान पर UPI payment असली है या नहीं, जांचने का तरीका
अपना alert देखें
अपने phone के notification, bank SMS या soundbox से payment की पुष्टि करें.
History में entry खोजें
UPI app या bank app की history में रकम, नाम और समय मिलाएं.
Credit के बाद सामान दें
खाते में रकम दिखने के बाद ही सामान दें या पैसा लौटाएं.
नकली payment के 8 आम संकेत
- आपके phone पर कोई SMS या app notification नहीं आया, जबकि ग्राहक कहता है payment हो गया.
- ग्राहक अपना phone पास नहीं आने देता या screen जल्दी हटा लेता है.
- Screenshot में font, logo या रंग थोड़ा अलग या धुंधला दिखता है.
- Screenshot का समय उस समय से मेल नहीं खाता जब ग्राहक ने pay करने की बात कही.
- Transaction ID आपकी history में कहीं नहीं मिलता.
- Screen पर Pending या Processing लिखा है और ग्राहक जाने की जल्दी में है.
- “ज्यादा भेज दिया, बाकी लौटा दो” जैसी कहानी, जबकि खाते में कुछ नहीं आया.
- पैसा देने के नाम पर आपसे QR scan कराने, PIN डलवाने या कोई app install कराने की कोशिश.
Payment की रसीद सही तरीके से कैसे निकालें और share करें, यह UPI Payment Receipt गाइड में है. Payment से पहले QR पर पाने वाले का असली नाम देखने के नियम UPI Rule Change 2026 में बताए गए हैं.
Fake UPI Payment App से ठगी हो जाए तो शिकायत कैसे करें
ठगी का पता चलते ही जितनी जल्दी शिकायत होगी, ठग के खाते में पैसा रोके जाने की संभावना उतनी बढ़ती है. नीचे का क्रम अपनाएं और हर step का सबूत संभालकर रखें.
Step 1: तुरंत 1930 पर call करें
National Cyber Crime Helpline 1930 पर call करके घटना बताएं. अपने पास transaction ID, समय, रकम, ठग का mobile number या UPI ID और screenshot तैयार रखें. Call पर मिला acknowledgement या reference number लिख लें.

Step 2: cybercrime.gov.in पर online complaint दर्ज करें
Portal पर “Register a Complaint” में “Financial Fraud” चुनें, फिर “File a Complaint” पर click करके शर्तें पढ़ें और “I Accept” दबाएं. अपना राज्य, email और mobile number डालकर “Get OTP” से login करें. Category चुनकर घटना, संदिग्ध और अपनी जानकारी भरें, “Preview & Submit” से जांचें और “Confirm & Submit” करें. Complaint ID SMS और email पर आता है, PDF download कर लें.

Step 3: Bank, UPI app और police को सूचना दें
अगर आपके खाते से बिना अनुमति पैसा कटा है, तो तुरंत अपने bank को लिखित सूचना दें और UPI सेवा रुकवाएं. RBI के नियमों में बिना ग्राहक की गलती वाले unauthorised electronic लेनदेन की जल्दी सूचना देने पर ग्राहक की देनदारी सीमित होती है, इसलिए देरी न करें. UPI app के Help section में भी report करें और जरूरत हो तो नज़दीकी cyber police station में FIR दर्ज कराएं. संदिग्ध call, SMS या WhatsApp की रिपोर्ट Sanchar Saathi के Chakshu पर कर सकते हैं.

UPI लेनदेन से जुड़े विवाद का official क्रम (app, bank, फिर NPCI और RBI) NPCI की UPI Dispute Redressal Mechanism में दिया गया है.
ठगी का पैसा वापस मिलने की कितनी उम्मीद है
सीधे fake screenshot वाले मामले में आपने खुद सामान दिया है, इसलिए bank इसे unauthorised debit नहीं मानता और अपने आप पैसा नहीं लौटाता. यहां वसूली police जांच और ठग के खाते पर रोक पर निर्भर करती है. फिर भी शिकायत जरूरी है, क्योंकि उसी खाते से दूसरे लोगों के साथ भी ठगी हो रही होती है.
गृह राज्य मंत्री Bandi Sanjay Kumar ने 12 अगस्त 2026 को Rajya Sabha में बताया कि 30 जून 2026 तक Citizen Financial Cyber Fraud Reporting and Management System में 32.8 लाख से ज्यादा शिकायतों के आधार पर ₹11,158 करोड़ से ज्यादा की रकम ठगों तक पहुंचने से बचाई गई. इससे साफ है कि जल्दी की गई शिकायत असर दिखाती है.
| स्थिति | bank की नज़र में | क्या उम्मीद करें |
|---|---|---|
| Fake screen या screenshot से सामान दिया | आपके खाते से कुछ नहीं कटा | 1930 और portal पर शिकायत, police जांच से वसूली संभव |
| आपके खाते से बिना अनुमति पैसा कटा | Unauthorised debit | तुरंत bank को सूचना, RBI नियमों के तहत देनदारी सीमित हो सकती है |
| आपने खुद PIN डालकर पैसा भेजा | Authorised लेनदेन | 1930 पर तुरंत शिकायत, ठग का खाता रोका जा सकता है |
असली UPI app कैसे पहचानें
नकली app से बचने का पहला नियम है कि UPI app सिर्फ Google Play Store या Apple App Store से install करें, किसी link या APK file से नहीं. Play Store पर app का नाम, developer का नाम और downloads की संख्या जरूर देखें. Android में Settings के App info में package name भी देखा जा सकता है.
| App | Android package name |
|---|---|
| PhonePe | com.phonepe.app |
| Google Pay | com.google.android.apps.nbu.paisa.user |
| Paytm | net.one97.paytm |
अगर आपके phone में किसी जानी-पहचानी app के नाम से दो apps दिखें, या कोई app बिना Play Store के install हुई हो, तो उसे तुरंत हटाएं और अपना UPI PIN बदलें. PIN बदलने का तरीका UPI PIN Change गाइड में है.
Bihar के दुकानदारों के लिए जरूरी सावधानियां
Patna के बाज़ार हों या Muzaffarpur, Gaya और Bhagalpur के चौक, शाम की भीड़ और त्योहारों के समय नकली payment की कोशिशें ज्यादा होती हैं, क्योंकि उस समय दुकानदार जल्दी में होता है. कई दुकानों पर बच्चे या helper भी गल्ला संभालते हैं, जो screen देखकर भरोसा कर लेते हैं.
- Counter पर soundbox लगवाएं ताकि हर payment की आवाज़ सबको सुनाई दे.
- Helper और परिवार के लोगों को सिखाएं कि ग्राहक की screen नहीं, अपना alert देखें.
- QR code के पास छोटा notice लगाएं कि “alert आने के बाद ही सामान मिलेगा”.
- दिन के अंत में UPI history और cash का मिलान करें, ताकि गड़बड़ी तुरंत पकड़ी जाए.
- संदिग्ध ग्राहक का mobile number या vehicle number नोट करें और शिकायत में दें.
मान लीजिए किसी दवा दुकान पर कोई व्यक्ति ₹2,400 का सामान लेकर screen दिखाता है और soundbox चुप रहता है. ऐसे में दुकानदार बस इतना कहे कि “alert आने दीजिए”. अगर payment असली है तो कुछ सेकंड में आवाज़ आ जाएगी, और अगर नकली है तो ठग खुद बहाना बनाकर निकल जाएगा.

💡 प्रो टिप: दुकान पर UPI के लिए अलग current account या अलग bank खाता रखें और उसके SMS alert चालू रखें. इससे हर payment की पहचान आसान होती है, घर के खर्च से हिसाब नहीं मिलता और गड़बड़ी तुरंत पकड़ी जाती है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Fake UPI Payment App कैसे पहचानें?
ग्राहक की screen पर भरोसा न करें. अपने phone पर bank SMS, app notification या soundbox की आवाज़ आने और history में entry दिखने के बाद ही payment असली मानें.
क्या PhonePe, Google Pay या Paytm खुद नकली payment दिखा सकते हैं?
नहीं. ठगी इन apps की नकली copy या edited screenshot से होती है. असली apps सिर्फ Play Store या App Store से install करें.
पैसा पाने के लिए UPI PIN डालना पड़ता है क्या?
नहीं. UPI PIN सिर्फ पैसा भेजने के लिए डाला जाता है. पैसा पाने के नाम पर कोई QR scan या PIN मांगे तो वह ठगी है.
नकली payment से ठगी हो जाए तो पहले क्या करें?
तुरंत 1930 पर call करें, फिर cybercrime.gov.in पर Financial Fraud की शिकायत दर्ज करें और सबूत संभालकर रखें.
क्या fake screenshot वाले मामले में bank पैसा लौटाएगा?
आम तौर पर नहीं, क्योंकि आपके खाते से पैसा नहीं कटा. वसूली police जांच और ठग के खाते पर रोक से हो सकती है, इसलिए शिकायत जल्दी करें.
Soundbox लगाने से क्या फायदा है?
Soundbox आपके खाते में आए payment की आवाज़ देता है, इसलिए ग्राहक की screen पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और नकली payment तुरंत पकड़ में आती है.
निष्कर्ष
Fake UPI Payment App से बचाव के लिए किसी महंगी तकनीक की जरूरत नहीं, बस एक आदत चाहिए: हर payment अपने phone, SMS या soundbox पर जांचें, फिर सामान दें. Pending screen, screenshot या “ज्यादा भेज दिया” जैसी कहानियों पर भरोसा न करें. ठगी हो जाए तो बिना देर किए 1930 पर call करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें.
Official स्रोत: National Cyber Crime Reporting Portal, Sanchar Saathi (Chakshu) और NPCI Dispute Redressal.
अस्वीकरण: यह लेख केवल जागरूकता और सामान्य जानकारी के लिए है. आंकड़े संसद में दिए गए सरकारी जवाबों पर आधारित हैं और समय के साथ बदल सकते हैं. किसी भी ठगी की स्थिति में official helpline और portal का ही इस्तेमाल करें. BiharMint किसी bank, NPCI या payment app से जुड़ा नहीं है.









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