आज भी बहुत लोग म्यूच्यूल फंड में निवेश करना चाहते हैं लेकिन उन्हें यह साफ नहीं होता कि SIP Kaise Kare और पूरा प्रोसेस आखिर शुरू कहां से करें। किसी को एप्लीकेशन का इंटरफेस समझ नहीं आता। किसी को फंड के प्रकार में कन्फ्यूजन रहता है। किसी को रिस्क और रिटर्न का फर्क समझ में नहीं आता। इसी वजह से बहुत लोग निवेश शुरू ही नहीं कर पाते।
इस ब्लॉग में आप SIP Kaise Kare का पूरा प्रोसेस बिल्कुल उसी क्रम में समझेंगे जैसा एक नए निवेशक को चाहिए। यहां हर स्टेप आसान भाषा में बताया गया है ताकि आप बिना कन्फ्यूजन के म्यूच्यूल फंड में SIP शुरू कर सकें। यह पूरा लेख उसी स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस का प्रोफेशनल लिखित रूप है जिसे एक शुरुआती निवेशक को समझना जरूरी होता है।
म्यूच्यूल फंड में SIP Kaise Kare की पूरी तैयारी
म्यूच्यूल फंड में निवेश करने के लिए आप किसी भी एप्लीकेशन का उपयोग कर सकते हैं। मार्केट में कई एप्लीकेशन मौजूद हैं। यहां किसी तरह का पेड प्रमोशन नहीं है और न ही किसी लिंक की जरूरत है। बस किसी एक एप्लीकेशन को समझना जरूरी है। इस ब्लॉग में जिस इंटरफेस को समझाया गया है उसे आप बिहार मिंट एप्लीकेशन के रूप में मान सकते हैं। आप किसी भी दूसरी एप्लीकेशन में भी लगभग यही प्रोसेस पाएंगे।
एप्लीकेशन का इंटरफेस समझना
जब आप एप्लीकेशन खोलते हैं तो फ्रंट पेज दिखाई देता है। वहां कई ऑप्शन मिलते हैं जैसे
- स्टॉक्स
- एफ एंड ओ
- म्यूच्यूल फंड
- फिक्स्ड डिपॉजिट
क्योंकि हमें म्यूच्यूल फंड में SIP शुरू करनी है इसलिए हमें म्यूच्यूल फंड वाले ऑप्शन को सेलेक्ट करना होता है। अब हमारा फोकस यही रहता है कि म्यूच्यूल फंड के अंदर SIP Kaise Kare।
सबसे पहले इंटरफेस को समझना क्यों जरूरी है
निवेश से पहले इंटरफेस को समझना बहुत जरूरी होता है। अगर इंटरफेस समझ में नहीं आएगा तो सही फंड चुनना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए यहां हर चीज बिल्कुल आसान भाषा में समझाई जा रही है ताकि कोई भी नया निवेशक बिना डर के आगे बढ़ सके।
Invest in Most Bought SIP सेक्शन
यहां आपको सबसे ज्यादा खरीदी गई SIP दिखाई देती हैं।
आप View All पर क्लिक करते हैं।
ऊपर आपको अलग अलग कैटेगरी दिखाई देती हैं।
अब हम स्टेप बाय स्टेप आगे बढ़ते हैं।
Large Cap Mutual Fund क्या होता है
Large Cap Mutual Fund का मतलब
जब आप Large Cap सेलेक्ट करते हैं तो वहां वे म्यूच्यूल फंड दिखते हैं जिनमें फंड मैनेजर भारत की टॉप 100 कंपनियों में पैसा निवेश करता है।
Large Cap कंपनियां क्या होती हैं
भारत की टॉप 100 रैंक वाली कंपनियां Large Cap कंपनियां कहलाती हैं।
Large Cap में निवेश का स्वभाव
Large Cap कंपनियां पहले से ही बड़ी और मजबूत होती हैं। इनका ग्रोथ बहुत तेज नहीं होता लेकिन ये बहुत सुरक्षित होती हैं। ये कंपनियां अचानक बंद नहीं होतीं। Large Cap को हाथी की तरह समझिए। हाथी धीरे चलता है लेकिन गिरता नहीं। Large Cap फंड में आमतौर पर 10 से 12 प्रतिशत के आसपास रिटर्न आराम से मिल जाता है और रिस्क बहुत कम रहता है।
Large Cap किसके लिए सही है
- बिल्कुल नए निवेशक
- जो रिस्क नहीं लेना चाहते
- जिनका पैसा सुरक्षित रहना जरूरी है
- रिटायरमेंट का पैसा
- बच्चों की पढ़ाई का पैसा
ऐसे निवेशक Large Cap या Index Fund चुन सकते हैं।
Mid Cap Mutual Fund क्या होता है
Mid Cap कंपनियां कौन सी होती हैं
Large Cap के बाद जो कंपनियां रैंक 101 से 250 के बीच होती हैं उन्हें Mid Cap कहा जाता है।
Mid Cap में निवेश का स्वभाव
Mid Cap कंपनियों में आगे बढ़ने की क्षमता होती है। ये भविष्य में Large Cap बन सकती हैं। लेकिन इनका रिस्क थोड़ा ज्यादा होता है। अगर ये अच्छा परफॉर्म करें तो पैसा तेजी से बढ़ता है। अगर खराब परफॉर्म करें तो गिरावट भी आ सकती है।
Mid Cap का रिटर्न
Mid Cap में Large Cap से ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है क्योंकि रिस्क भी थोड़ा ज्यादा होता है।
Small Cap Mutual Fund क्या होता है
Small Cap कंपनियां कौन सी होती हैं
जिन कंपनियों की रैंक 250 से नीचे होती है वे Small Cap कहलाती हैं।

Small Cap में निवेश का स्वभाव
Small Cap कंपनियां बहुत तेजी से बढ़ भी सकती हैं और जल्दी गिर भी सकती हैं। अगर कुछ कंपनियां बहुत अच्छा परफॉर्म कर गईं तो पैसा कई गुना बढ़ सकता है। लेकिन रिस्क भी सबसे ज्यादा यहीं होता है क्योंकि कई कंपनियां फंडिंग पर चल रही होती हैं।
Small Cap किसके लिए सही है
जो निवेशक बहुत एग्रेसिव होते हैं और रिस्क लेने के लिए तैयार रहते हैं वे Small Cap को कंसीडर कर सकते हैं।
Risk और Return का सरल नियम
| कैटेगरी | रिस्क | रिटर्न |
|---|---|---|
| Large Cap | कम | मध्यम |
| Mid Cap | मध्यम | ज्यादा |
| Small Cap | ज्यादा | बहुत ज्यादा |
Sectoral Fund क्या होता है
Sectoral Fund में आप एक खास सेक्टर चुनते हैं जैसे
- इंफ्रास्ट्रक्चर
- पीएसयू
- ऑटोमोबाइल
इस तरह के फंड तभी चुनने चाहिए जब आप मार्केट को अच्छे से स्टडी करते हों। बिगिनर निवेशकों के लिए यह सही नहीं माना जाता।
SIP with 100 वाला ऑप्शन
यह ऑप्शन आपको ऐसे फंड दिखाता है जिनमें आप केवल 100 रुपये से भी SIP शुरू कर सकते हैं।
Top Indian Firms ऑप्शन
यहां ऐसे फंड दिखते हैं जिनमें फंड मैनेजर केवल Large Cap कंपनियों में निवेश करता है।
Highest Return ऑप्शन
यह ऑप्शन आपको ऐसे फंड दिखाता है जिन्होंने पिछले सालों में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है। लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है। पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते। भविष्य कोई नहीं जानता। इसलिए निवेश हमेशा अपनी समझ से या किसी एक्सपर्ट की सलाह से करना चाहिए।
Index Fund क्या होता है
Index Fund एक तरह का कॉपी पेस्ट सिस्टम होता है। जैसे अगर कोई इंडेक्स टॉप 50 कंपनियों का है तो फंड मैनेजर उन्हीं 50 कंपनियों में उसी वेटेज के अनुसार पैसा लगा देता है। इसमें फंड मैनेजर का ज्यादा दिमाग नहीं लगता इसलिए इसका एक्सपेंस रेश्यो कम होता है। Index Fund में रिस्क भी कम रहता है। मार्केट जैसे परफॉर्म करती है आपका पैसा भी वैसे ही ग्रो करता है। Index Fund भी बिगिनर निवेशकों के लिए अच्छा ऑप्शन होता है।
Flexi Cap Fund क्या होता है
Flexi Cap Fund में फंड मैनेजर को पूरी आजादी होती है।
वह चाहे तो Large Cap में पैसा डाले
चाहे तो Mid Cap में डाले
चाहे तो Small Cap में डाले
सब कुछ उसकी रणनीति पर निर्भर करता है।
Multi Cap Fund क्या होता है
Multi Cap Fund में फंड मैनेजर को कम से कम
- 25 प्रतिशत Large Cap
- 25 प्रतिशत Mid Cap
- 25 प्रतिशत Small Cap
में निवेश करना ही पड़ता है। बाकी 25 प्रतिशत वह अपनी मर्जी से निवेश कर सकता है।
Hybrid Fund क्या होता है
Hybrid Fund में
- कुछ पैसा इक्विटी में
- कुछ पैसा डेट में
निवेश होता है।
डेट में पैसा एफडी कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी बॉन्ड जैसी सुरक्षित जगहों पर लगाया जाता है।इसलिए Hybrid Fund बहुत सुरक्षित माना जाता है और एफडी से ज्यादा रिटर्न भी देता है।
SIP Kaise Kare Step by Step
अब एक फंड में SIP शुरू करके देखते हैं। यह कोई रिकमेंडेशन नहीं है। यह सिर्फ समझाने के लिए है। मान लीजिए आपने Highest Return वाले ऑप्शन में एक फंड चुना। आपने उसे सेलेक्ट किया। आपने 1000 रुपये की SIP राशि चुनी। अब आपने Start SIP पर क्लिक किया। आपका ऑर्डर प्लेस हो गया। अब हर महीने उस फंड में 1000 रुपये की SIP अपने आप कटती रहेगी।
Gold Mutual Fund और Gold ETF
अब एक और जरूरी चीज समझते हैं।
Gold Mutual Fund क्या करता है
Gold Mutual Fund में फंड मैनेजर आपके पैसे से गोल्ड खरीदता है और उसकी शुद्धता और स्टोरेज का ध्यान रखता है।
Gold ETF क्या होता है
Gold ETF एक तरह से स्टॉक की तरह होता है जिसमें आप सीधे गोल्ड में निवेश करते हैं।
Gold Mutual Fund बनाम Gold ETF
| पॉइंट | Gold Mutual Fund | Gold ETF |
|---|---|---|
| एक्सपेंस रेश्यो | डबल लेयर | कम |
| निवेश | अप्रत्यक्ष | सीधा |
| बेहतर विकल्प | नहीं | हां |
Gold Mutual Fund में फंड मैनेजर पहले अपना एक्सपेंस रेश्यो लेता है और आगे Gold ETF का भी एक्सपेंस जुड़ता है। इसलिए बेहतर है कि आप सीधे Gold ETF में निवेश करें।
Gold ETF में निवेश कैसे करें
एप्लीकेशन में सर्च ऑप्शन पर जाएं।
Gold ETF लिखें।
ETF सेक्शन पर क्लिक करें।
अब आप जिस Gold ETF में निवेश करना चाहते हैं उसे चुनें।
Buy पर क्लिक करें।
शेयर की संख्या डालें।

जितना पैसा आप निवेश करना चाहते हैं उसके अनुसार शेयर चुन लें।
अब आपका पैसा सीधे Gold ETF में निवेश हो जाता है।
Gold ETF के फायदे
- मेकिंग चार्ज नहीं लगता
- जीएसटी नेट एसेट वैल्यू में एडजस्ट हो जाता है
- पूरा पैसा सीधे गोल्ड में निवेश होता है
- फिजिकल गोल्ड से ज्यादा बेहतर तरीका
Physical Gold बनाम Gold ETF
| Physical Gold | Gold ETF |
|---|---|
| मेकिंग चार्ज लगता है | नहीं लगता |
| जीएसटी अलग से लगता है | एडजस्ट हो जाता है |
| स्टोरेज की चिंता | नहीं होती |
इसलिए गोल्ड में निवेश के लिए Gold ETF ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है।
Zero Balance Savings Account से जुड़ी जानकारी
कई लोग पूछते हैं कि जीरो बैलेंस सेविंग्स अकाउंट कौन सा अच्छा है जिसे ऑनलाइन खोला जा सके। इसके लिए बिहार मिंट बैंक का जीरो बैलेंस सेविंग्स अकाउंट लिया जा सकता है। वहां दो प्रकार के अकाउंट होते हैं।
- क्लासिक अकाउंट
- सुपर अकाउंट
दोनों ही जीरो बैलेंस अकाउंट होते हैं। इन दोनों के बीच का फर्क एक अलग ब्लॉग में अच्छे से समझाया गया है जिसे आप Kotak mahindra bank पर देख सकते हैं।
SIP Kaise Kare से जुड़ा सार
इस पूरे प्रोसेस में आपने सीखा

- SIP Kaise Kare
- म्यूच्यूल फंड के प्रकार
- रिस्क और रिटर्न का फर्क
- Large Cap Mid Cap Small Cap का चुनाव
- Index Fund Flexi Cap Multi Cap Hybrid Fund
- Gold ETF में निवेश का तरीका
Pros and Cons
| Pros | Cons |
|---|---|
| SIP से छोटे अमाउंट से निवेश शुरू होता है | मार्केट रिस्क रहता है |
| डिसिप्लिन बनता है | रिटर्न की गारंटी नहीं |
| लॉन्ग टर्म में ग्रोथ | गलत फंड चयन से नुकसान |
Conclusion
इस ब्लॉग में आपने पूरा स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस समझा कि SIP Kaise Kare और म्यूच्यूल फंड में निवेश कैसे शुरू किया जाता है। आपने फंड के प्रकार समझे। आपने रिस्क और रिटर्न का फर्क समझा। आपने SIP लगाने का तरीका समझा। आपने Gold ETF और Gold Mutual Fund का अंतर समझा। अब निवेश हमेशा अपनी समझ से या किसी एक्सपर्ट की सलाह से करना चाहिए क्योंकि भविष्य कोई नहीं जानता।
यहीं पर इस ब्लॉग का अंत होता है। धन्यवाद।

























