गया जिले के किसी गांव की जीविका दीदी को सितंबर 2025 में 10,000 रुपये मिले थे. उस पैसे से किसी ने दो बकरियां खरीदीं, किसी ने सिलाई मशीन ली और किसी ने गांव में चाय-नाश्ते की छोटी दुकान खोल ली. अब एक साल बीत चुका है और लगभग हर घर में एक ही सवाल पूछा जा रहा है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अगली किस्त कब आएगी और कितने पैसे आएंगे.
सवाल वाजिब है, क्योंकि सोशल मीडिया पर रोज नई तारीखें घूम रही हैं. कोई कहता है दिवाली से पहले पैसा आएगा, कोई कहता है छठ के बाद. सच यह है कि दूसरी और आगे की किस्तें किसी एक तय तारीख पर सबको एक साथ नहीं मिल रही हैं. यह पैसा उन्हीं महिलाओं को जा रहा है जिनका रोजगार जांच में सही पाया गया है.
नीचे आपको योजना के आधिकारिक नियम, अब तक भेजी गई किस्तों का पूरा हिसाब, दूसरी किस्त की शर्तें, पैसा न आने के कारण और अपनी अगली किस्त पक्की करने के ठोस कदम एक जगह मिलेंगे. यह जानकारी 23 अक्टूबर 2026 तक की खबरों और योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर आधारित है.
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना क्या है, एक नजर में
बिहार सरकार ने इस योजना को 30 अगस्त 2025 को मंजूरी दी थी. योजना की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसका मकसद राज्य के हर पात्र परिवार की एक महिला को उसकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देना है. ग्रामीण इलाकों में इसे जीविका यानी बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति चलाती है, जबकि शहरी इलाकों में नगर विकास एवं आवास विभाग इसमें सहयोग करता है.
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| मंजूरी की तारीख | 30 अगस्त 2025 |
| किसे मिलता है | पात्र परिवार की एक महिला |
| पहली किस्त | 10,000 रुपये, रोजगार शुरू करने के लिए |
| आगे की मदद | रोजगार शुरू होने के 6 महीने बाद आकलन के आधार पर 2 लाख रुपये तक |
| भुगतान का तरीका | आधार से जुड़े बैंक खाते में डीबीटी |
| ग्रामीण क्षेत्र | जीविका के जरिए |
| शहरी क्षेत्र | नगर विकास एवं आवास विभाग के सहयोग से |
सबसे जरूरी बात आधिकारिक नियम में ही लिखी है. 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद अपने आप नहीं मिलती. यह तभी मिलती है जब रोजगार शुरू होने के 6 महीने बाद आकलन हो और जरूरत के हिसाब से मदद तय की जाए. यानी आगे की हर किस्त आपके काम की प्रगति से जुड़ी है.
अब तक कितनी किस्तें आईं: तारीखों के साथ पूरा हिसाब

योजना की शुरुआत सितंबर 2025 के आखिर में हुई, जब प्रधानमंत्री ने एक साथ 75 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये, कुल 7,500 करोड़ रुपये भेजे थे. उसके बाद कई चरणों में और महिलाओं को पहली किस्त मिली.
- सितंबर 2025: 75 लाख महिलाओं को 10,000 रुपये की पहली किस्त.
- मई 2026: ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने 22 मई को बताया कि 1.56 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को पहली किस्त मिल चुकी है और 20,000 रुपये की दूसरी किस्त देने की तैयारी है. उसी समय शहरी इलाकों की करीब 18 लाख आवेदक महिलाओं का सत्यापन पूरा होने की बात भी कही गई.
- 27 अगस्त 2026: रक्षाबंधन से पहले पटना के बापू सभागार से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों 600 करोड़ रुपये भेजे जाने की खबर आई. इसमें 4 लाख नई महिलाओं को 10,000 रुपये की पहली किस्त और 1 लाख महिलाओं को 20,000 रुपये की दूसरी किस्त शामिल थी.
अगस्त वाली खबर के मुताबिक तब तक कुल 1.67 करोड़ जीविका दीदियों को पहली किस्त मिल चुकी थी. इसी आंकड़े से अंदाजा लगाइए कि दूसरी किस्त अभी तक बहुत छोटे हिस्से तक पहुंची है. ज्यादातर महिलाएं अभी दूसरी किस्त की कतार में हैं.
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मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अगली किस्त कब आएगी
सीधा जवाब यह है कि 23 अक्टूबर 2026 तक सरकार ने अगली किस्त के लिए कोई एक तारीख घोषित नहीं की है जो सब पर लागू हो. पैसा बैच में जा रहा है. जिस महिला का रोजगार सत्यापन पूरा हो गया और कागज सही पाए गए, उसका नाम अगले बैच में जुड़ता है. इसलिए आपकी पड़ोसन को दूसरी किस्त मिल गई और आपको नहीं मिली, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपका नाम कट गया.
अब तक का पैटर्न देखें तो बड़े भुगतान किसी सरकारी कार्यक्रम या त्योहार के आसपास एक साथ भेजे गए हैं. सितंबर 2025 और अगस्त 2026 के भुगतान इसके उदाहरण हैं. लेकिन यह सिर्फ अब तक का चलन है, कोई नियम नहीं. किसी यूट्यूब वीडियो या व्हाट्सऐप मैसेज में बताई गई तारीख पर भरोसा मत कीजिए, जब तक जीविका या राज्य सरकार की ओर से घोषणा न हो.
तीसरी किस्त का क्या हाल है
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दूसरी किस्त के बाद 40,000 रुपये की तीसरी किस्त आनी है. लेकिन अभी तक तीसरी किस्त की कोई तारीख घोषित नहीं हुई है. यह भी समझिए कि तीसरी किस्त उन्हीं महिलाओं के लिए होगी जिन्हें दूसरी किस्त मिल चुकी है और जिनका काम आगे बढ़ता दिखेगा.
किस्तों का ढांचा: 10,000 से 2 लाख तक कैसे पहुंचेगा पैसा
मई 2026 में ग्रामीण विकास मंत्री के बयान के बाद आई खबरों में किस्तों का यह ढांचा बताया गया. आधिकारिक वेबसाइट पर अभी सिर्फ इतना लिखा है कि अतिरिक्त मदद 2 लाख रुपये तक होगी, इसलिए नीचे की रकम को अंतिम सरकारी आदेश नहीं, बल्कि घोषित योजना मानिए.
| किस्त | रकम | स्थिति (23 अक्टूबर 2026 तक) |
|---|---|---|
| पहली | ₹10,000 | 1.67 करोड़ महिलाओं को मिल चुकी (अगस्त 2026 तक) |
| दूसरी | ₹20,000 | सत्यापित महिलाओं को बैच में, अगस्त में 1 लाख महिलाओं को |
| तीसरी | ₹40,000 | तारीख घोषित नहीं |
| चौथी | ₹80,000 | तारीख घोषित नहीं |
| पांचवीं | ₹60,000 | तारीख घोषित नहीं, खबरों के अनुसार ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए |
बिहारमिंट कैलकुलेशन: कुल रकम कितनी बनती है
चरण 1, आगे की चार किस्तें: 20,000 + 40,000 + 80,000 + 60,000 = 2,00,000 रुपये. यही वह 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद है जिसका जिक्र आधिकारिक वेबसाइट पर है.
चरण 2, पहली किस्त जोड़कर: 10,000 + 2,00,000 = 2,10,000 रुपये. यानी सारी शर्तें पूरी करने वाली एक महिला को कुल मिलाकर 2.10 लाख रुपये तक मिल सकते हैं.
चरण 3, अगस्त 2026 का भुगतान जांचिए: 4 लाख × 10,000 = 400 करोड़ रुपये और 1 लाख × 20,000 = 200 करोड़ रुपये. दोनों मिलाकर 600 करोड़ रुपये, जो खबर में बताई गई रकम से मेल खाता है.
चरण 4, अपनी जेब का हिस्सा: खबरों के अनुसार दूसरी किस्त के समय महिला को 5,000 रुपये अपनी ओर से लगाने होंगे. यानी 20,000 रुपये सरकारी मदद + 5,000 रुपये आपकी भागीदारी = 25,000 रुपये की नई पूंजी धंधे में लगेगी. पहली किस्त के 10,000 रुपये जोड़ें तो दूसरे चरण तक आपके काम में कुल 35,000 रुपये की पूंजी पहुंच जाती है.
दूसरी किस्त पाने की शर्तें
दूसरी किस्त का पैसा सिर्फ इस आधार पर नहीं मिलता कि पहली किस्त आई थी. खबरों में जो शर्तें सामने आई हैं, वे सीधे इस बात से जुड़ी हैं कि आपने 10,000 रुपये से सच में कोई काम शुरू किया या नहीं.
- रोजगार की जानकारी जमा करना: लाभार्थियों से उनके रोजगार गतिविधि का ब्योरा मांगा गया था, जिसकी आखिरी तारीख 25 अप्रैल 2026 बताई गई थी.
- पहली किस्त के उपयोग का प्रमाण: 10,000 रुपये किस काम में लगे, इसका प्रमाण पत्र या ब्योरा.
- हिसाब-किताब: धंधे की कमाई और खर्च का सामान्य रिकॉर्ड रखना.
- प्रस्तावित काम पर टिके रहना: आवेदन में जो रोजगार बताया था, उसी में आगे बढ़ना.
- अपना हिस्सा: दूसरी किस्त के समय 5,000 रुपये की अपनी भागीदारी की बात भी खबरों में आई है.
अधिकारियों ने 40 लाख से ज्यादा महिलाओं का सर्वे करके पात्र लाभार्थियों की पहचान की, ऐसा मई 2026 की रिपोर्टों में बताया गया. इसका मतलब यह है कि आपके गांव की जीविका कैडर या शहरी क्षेत्र का कर्मचारी आपके काम को खुद देखने आ सकता है. उस समय दुकान, पशु, मशीन या सामान दिखाने के लिए तैयार रहिए.
मान लीजिए मुजफ्फरपुर के किसी गांव की सुनीता दीदी ने पहली किस्त से अगरबत्ती बनाने का सामान खरीदा था और हर हफ्ते बाजार में बेचती हैं. अगर उनके पास खरीद की पर्ची, बिक्री की कॉपी और काम करते हुए फोटो हैं, तो सत्यापन में उनका केस मजबूत रहेगा. वहीं जिसने पैसा घर के खर्च में लगा दिया और कोई काम शुरू नहीं किया, उसकी दूसरी किस्त अटक सकती है.
दूसरी किस्त का पैसा नहीं आया, ये हो सकते हैं कारण
| कारण | क्या करें |
|---|---|
| रोजगार का सत्यापन अभी बाकी है | ग्राम संगठन या जीविका कैडर से पूछिए कि आपका सत्यापन हुआ या नहीं |
| रोजगार की जानकारी या उपयोग प्रमाण जमा नहीं हुआ | अपने समूह के जरिए ब्योरा दोबारा जमा कराइए |
| बैंक खाता आधार से जुड़ा नहीं या डीबीटी के लिए सक्रिय नहीं | बैंक शाखा जाकर आधार सीडिंग और एनपीसीआई मैपिंग करवाइए |
| खाता बंद, निष्क्रिय या केवाईसी अधूरी | बैंक में केवाईसी अपडेट कराइए और खाते में छोटा लेनदेन करके उसे चालू रखिए |
| नाम या आधार में गड़बड़ी | आधार और बैंक रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग एक जैसी करवाइए |
| आपका बैच अभी आया ही नहीं | इंतजार कीजिए, भुगतान चरणों में जा रहा है |
बिहार के गांवों में सबसे आम दिक्कत बैंक खाते की होती है. कई दीदियों के दो-तीन खाते होते हैं, और डीबीटी का पैसा उसी खाते में जाता है जो आधार से आखिरी बार जोड़ा गया हो. अगर आपको नहीं पता कि आधार किस खाते से जुड़ा है, तो बैंक शाखा में पूछिए या यूआईडीएआई के माई आधार पोर्टल पर बैंक सीडिंग स्टेटस देखिए.
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पैसा आया या नहीं, ऐसे जांचें
- सबसे पहले उस मोबाइल नंबर पर बैंक के एसएमएस देखिए जो खाते से जुड़ा है. डीबीटी का पैसा आने पर आमतौर पर बैंक संदेश भेजता है.
- पासबुक अपडेट कराइए. एंट्री में डीबीटी या सरकारी भुगतान जैसा विवरण दिख सकता है.
- अगर आपके खाते में यूपीआई चालू है तो फोनपे, गूगल पे या भीम ऐप में बैलेंस और लेनदेन देखिए.
- गांव की सीएसपी यानी बैंक मित्र के पास जाकर आधार और अंगूठे से मिनी स्टेटमेंट निकलवाइए.
- पैसा न दिखे तो अपने ग्राम संगठन, जीविका सामुदायिक कैडर या प्रखंड स्तर के जीविका कार्यालय से संपर्क कीजिए. शहरी क्षेत्र की महिलाएं अपने नगर निकाय कार्यालय में पूछें.
ध्यान रखिए, योजना के नाम पर कोई फोन करके ओटीपी, एटीएम पिन या पैसे मांगे, तो वह धोखाधड़ी है. सरकारी किस्त पाने के लिए किसी को कमीशन देने की जरूरत नहीं होती.
अगली किस्त पक्की करने के लिए अभी क्या करें
अगली किस्त की तारीख आपके हाथ में नहीं है, लेकिन उस किस्त के लिए पात्र बने रहना पूरी तरह आपके हाथ में है. भागलपुर हो या पटना, ये कदम हर लाभार्थी के काम आएंगे.
- काम चालू रखिए: आकलन 6 महीने के बाद होता है, इसलिए धंधा बंद मिला तो आगे की मदद मुश्किल है.
- एक साधारण कॉपी बनाइए: रोज की बिक्री, खरीद और बचत लिखिए. पढ़ना-लिखना कम आता हो तो घर के किसी बच्चे की मदद लीजिए.
- सबूत संभालिए: सामान की रसीद, पशु खरीद का कागज, दुकान और काम की फोटो फोन में सुरक्षित रखिए.
- समूह की बैठक में जाइए: किस्त, सत्यापन और नई सूची की खबर सबसे पहले ग्राम संगठन और समूह की बैठक में ही आती है.
- बैंक खाता दुरुस्त रखिए: आधार सीडिंग, केवाईसी और मोबाइल नंबर तीनों अपडेट रखिए.
- 5,000 रुपये की तैयारी: अगर अपना हिस्सा लगाना पड़े, तो समूह की बचत या छोटी बचत से यह रकम पहले से अलग रखिए.
अगर आपका काम बढ़ रहा है और 20,000 रुपये से ज्यादा पूंजी चाहिए, तो राज्य की दूसरी योजनाएं भी देखिए. बिहार उद्यमी योजना जैसी योजनाओं में बड़े कारोबार के लिए अलग से मदद का प्रावधान है.
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शहरी महिलाओं के लिए क्या स्थिति है
शुरुआत में यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण जीविका दीदियों तक पहुंची थी. शहरी इलाकों के लिए अलग से आवेदन लिए गए. मई 2026 में मंत्री ने बताया था कि करीब 18 लाख शहरी महिलाओं ने आवेदन किया है और उनका सत्यापन पूरा हो गया है. ऐसी महिलाओं के लिए पहला कदम 10,000 रुपये की पहली किस्त है. दूसरी किस्त का सवाल उनके लिए तभी आएगा जब पहली किस्त से शुरू किया गया काम 6 महीने तक चल जाए.
पटना, गया या दरभंगा जैसे शहरों की जो महिलाएं अभी पहली किस्त का इंतजार कर रही हैं, वे अपने वार्ड के स्वयं सहायता समूह या नगर निकाय कार्यालय से अपने आवेदन की स्थिति पूछ सकती हैं.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की अगली किस्त की तारीख क्या है?
23 अक्टूबर 2026 तक सरकार ने सबके लिए कोई एक तारीख घोषित नहीं की है. दूसरी किस्त रोजगार सत्यापन पूरा होने के बाद बैच में भेजी जा रही है. अगस्त 2026 में 1 लाख महिलाओं को 20,000 रुपये की दूसरी किस्त भेजी गई थी.
दूसरी किस्त में कितने पैसे मिलते हैं?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दूसरी किस्त 20,000 रुपये की है. खबरों में यह भी बताया गया है कि इस समय महिला को 5,000 रुपये अपनी ओर से लगाने होंगे.
क्या सभी महिलाओं को 2 लाख रुपये मिलेंगे?
नहीं. आधिकारिक नियम के अनुसार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद रोजगार शुरू होने के 6 महीने बाद आकलन के आधार पर और जरूरत के हिसाब से दी जाएगी. जिनका काम चालू नहीं मिलेगा, उन्हें आगे की किस्त मिलना मुश्किल है.
पड़ोसन को दूसरी किस्त मिल गई, मुझे क्यों नहीं मिली?
भुगतान चरणों में हो रहा है. हो सकता है आपका सत्यापन बाकी हो, रोजगार का ब्योरा जमा न हुआ हो या बैंक खाता आधार से ठीक से न जुड़ा हो. अपने ग्राम संगठन या जीविका कैडर से जानकारी लीजिए.
क्या पहली किस्त के 10,000 रुपये वापस करने होंगे?
मई 2026 की रिपोर्टों में मंत्री के हवाले से बताया गया कि पहली किस्त की राशि महिलाओं से वापस नहीं ली जाएगी. फिर भी अंतिम नियम के लिए जीविका या सरकार की आधिकारिक सूचना देखते रहें.
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अगली किस्त किसी कैलेंडर की तारीख से नहीं, बल्कि आपके रोजगार की प्रगति से तय होगी. पहली किस्त 1.67 करोड़ महिलाओं तक पहुंच चुकी है, जबकि 20,000 रुपये की दूसरी किस्त सत्यापन के बाद बैच में भेजी जा रही है. तीसरी किस्त की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है.
आपके लिए अगला कदम साफ है. काम चालू रखिए, खर्च और कमाई का हिसाब लिखिए, सबूत संभालिए, बैंक खाता आधार से जोड़कर रखिए और समूह की बैठकों में आते रहिए. आधिकारिक जानकारी के लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट और जीविका की वेबसाइट देखते रहिए. योजना की शुरुआत से जुड़ी सरकारी खबर आकाशवाणी समाचार पर भी पढ़ी जा सकती है. नई किस्त की घोषणा होते ही बिहारमिंट यह लेख अपडेट करेगा.
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी और जागरूकता के लिए है. किस्त की रकम, तारीख और नियम सरकार बदल सकती है, और कुछ आंकड़े मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं. कोई भी कदम उठाने से पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट, जीविका कार्यालय या अपने बैंक से पुष्टि जरूर कर लें.









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