रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि जमा पूंजी कहां रखें, ताकि पैसा सुरक्षित भी रहे और हर कुछ महीने पर तय आमदनी भी आती रहे. Pension कम हो या न हो, तो bank FD की घटती दरें और share market का जोखिम, दोनों चिंता बढ़ाते हैं.
ऐसे में भारत सरकार की Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) बुज़ुर्गों के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है. इसमें अभी 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो हर तिमाही सीधे आपके खाते में आता है, और पूरा पैसा सरकार की गारंटी वाली small savings योजना में रहता है.
इस लेख में हमने SCSS के नियम, पात्रता, ₹30 लाख तक के निवेश पर हर तिमाही मिलने वाला ब्याज, premature closure की सही penalty, TDS और Form 121 का नया नियम, और Post Office या bank में खाता खोलने के steps, सब official स्रोतों से मिलाकर दिए हैं. पुराने version की कुछ गलत जानकारियां भी यहां सुधारी गई हैं.
इस लेख में आप जानेंगे
✔ Senior Citizen Savings Scheme की ताज़ा ब्याज दर और हर तिमाही की कमाई
✔ कौन खाता खोल सकता है: 60+, 55-60 के retired और defence pensioners
✔ ₹30 लाख की सीमा, joint खाता और पति-पत्नी के अलग खाते का नियम
✔ Premature closure पर कितना कटेगा और खाता कैसे बढ़ाएं
✔ TDS, 80C और Form 121 के नियम
✔ Post Office या bank में खाता खोलने के 4 steps
ताज़ा अपडेट (30 अक्टूबर 2026)
वित्त मंत्रालय ने अक्टूबर से दिसंबर 2026 तिमाही के लिए small savings योजनाओं की दरें नहीं बदलीं. SCSS पर 8.2% सालाना ब्याज जारी है. यह दर 1 अप्रैल 2023 से बिना बदलाव के लागू है. खाता खोलते समय जो दर होती है, वही पूरे 5 साल लागू रहती है.
मुख्य जानकारी एक नज़र में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| योजना | Senior Citizens’ Savings Scheme, 2019 (भारत सरकार) |
| ब्याज दर | 8.2% सालाना (अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही) |
| ब्याज भुगतान | हर तिमाही, अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के पहले कामकाजी दिन |
| न्यूनतम और अधिकतम जमा | ₹1,000 से शुरू, ₹1,000 के गुणक में, सभी SCSS खातों को मिलाकर अधिकतम ₹30 लाख |
| अवधि | 5 साल, maturity के बाद 3 साल के block में बढ़ाने का विकल्प |
| कहां खुलेगा | Post Office और authorised banks की शाखाएं |
| Official website | indiapost.gov.in, dea.gov.in (Ministry of Finance) |
| आखिरी अपडेट | 30 अक्टूबर 2026 |
Senior Citizen Savings Scheme क्या है
SCSS भारत सरकार की एक small savings योजना है, जिसे Senior Citizens’ Savings Scheme, 2019 के नियमों के तहत चलाया जाता है. इसमें आप एक बार में रकम जमा करते हैं और 5 साल तक हर तिमाही ब्याज मिलता है. मूल रकम maturity पर वापस मिलती है.
इसकी ब्याज दर वित्त मंत्रालय का Department of Economic Affairs हर तिमाही तय करता है. लेकिन आपके खाते पर वही दर लागू रहती है जो खाता खोलते समय थी. यानी बाद में दर घटे तो भी आपका ब्याज नहीं घटेगा, और दर बढ़े तो पुराने खाते पर बढ़ी दर नहीं मिलेगी.
ब्याज खाते में जमा होकर नहीं बढ़ता, यानी इसमें compounding नहीं है. हर तिमाही का ब्याज आपके savings account में भेज दिया जाता है, जिससे यह एक तरह की नियमित आय बन जाता है.

Senior Citizen Savings Scheme 2026: ₹61,500 हर तिमाही का हिसाब
SCSS में तिमाही ब्याज का सूत्र सीधा है: जमा रकम × सालाना दर ÷ 4. अभी की 8.2% दर पर हर तिमाही जमा रकम का 2.05% ब्याज मिलता है. ₹30 लाख पर यह ₹61,500 बनता है, जो हर महीने के हिसाब से करीब ₹20,500 हुआ.
| जमा रकम | हर तिमाही ब्याज | सालाना ब्याज | 5 साल में कुल ब्याज |
|---|---|---|---|
| ₹1 लाख | ₹2,050 | ₹8,200 | ₹41,000 |
| ₹5 लाख | ₹10,250 | ₹41,000 | ₹2,05,000 |
| ₹10 लाख | ₹20,500 | ₹82,000 | ₹4,10,000 |
| ₹15 लाख | ₹30,750 | ₹1,23,000 | ₹6,15,000 |
| ₹20 लाख | ₹41,000 | ₹1,64,000 | ₹8,20,000 |
| ₹30 लाख | ₹61,500 | ₹2,46,000 | ₹12,30,000 |
ये आंकड़े टैक्स और TDS से पहले के हैं. पहली तिमाही का ब्याज जमा की तारीख से तिमाही के अंत तक के दिनों के हिसाब से थोड़ा कम या ज़्यादा हो सकता है. 5 साल बाद मूल रकम वापस मिलती है, यानी ₹30 लाख वाले खाते में 5 साल में ₹12.30 लाख ब्याज और ₹30 लाख मूलधन.
पति-पत्नी के लिए ₹60 लाख तक का रास्ता
₹30 लाख की सीमा हर व्यक्ति के सभी SCSS खातों को मिलाकर है. Joint खाते की पूरी रकम पहले खाताधारक के नाम मानी जाती है. इसलिए अगर पति और पत्नी दोनों पात्र हैं, तो दोनों अपने-अपने नाम से अलग खाते खोलकर कुल ₹60 लाख तक जमा कर सकते हैं. मान लीजिए दोनों ₹30-30 लाख जमा करते हैं, तो दोनों खातों से मिलाकर हर तिमाही ₹1,23,000 ब्याज आएगा.
कौन खोल सकता है SCSS खाता: पात्रता के नियम
| कौन | शर्त |
|---|---|
| 60 साल या उससे ज़्यादा | कोई अतिरिक्त शर्त नहीं |
| 55 से 60 साल के retired नागरिक | Superannuation, VRS या अन्य तरीके से retire हुए हों, retirement benefits मिलने के 3 महीने के अंदर खाता खोलें, जमा रकम retirement benefits से ज़्यादा नहीं |
| Defence से retired (civilian defence कर्मचारी नहीं) | 50 साल की उम्र से, ऊपर वाली शर्तों के साथ |
| सेवा में मृत सरकारी कर्मचारी का जीवनसाथी | कर्मचारी की उम्र 50 साल या ज़्यादा रही हो, नियमों में बताई शर्तों के साथ |
| Joint खाता | सिर्फ जीवनसाथी के साथ, पात्रता पहले खाताधारक की उम्र से तय |
55 से 60 साल वालों के लिए retirement benefits की रकम का सबूत और नियोक्ता का प्रमाणपत्र देना होता है. NRI और HUF के लिए यह योजना नहीं है, क्योंकि नियम सिर्फ पात्र व्यक्तियों के लिए हैं. एक व्यक्ति एक से ज़्यादा खाते खोल सकता है, लेकिन सबको मिलाकर ₹30 लाख से ज़्यादा जमा नहीं हो सकता. सीमा से ज़्यादा जमा हुई रकम लौटा दी जाती है.

SCSS खाता कैसे खोलें: Step-by-step
SCSS खाता किसी भी Post Office या authorised bank की शाखा में खुल सकता है. कुछ banks अपने net banking में भी SCSS की सुविधा देते हैं, लेकिन यह हर bank में उपलब्ध नहीं है. नीचे शाखा से खाता खोलने का तरीका है, जो Bihar के छोटे शहरों और गांवों में सबसे आसान रास्ता है.
Step 1: पात्रता जांचें और documents तैयार करें
सबसे पहले देख लें कि आप ऊपर दी गई किसी पात्रता श्रेणी में आते हैं. Aadhaar और PAN दोनों ज़रूरी हैं, क्योंकि 2023 से small savings योजनाओं में Aadhaar और PAN जमा करना अनिवार्य है. साथ में उम्र का प्रमाण, पासपोर्ट size photo और 55 से 60 साल के retired हों तो retirement benefits का सबूत रखें. बड़ी रकम पर Post Office या bank आय के स्रोत का प्रमाण भी मांग सकता है.
Step 2: Post Office या bank में account opening form भरें
नज़दीकी Post Office या SCSS की सुविधा वाली bank शाखा में जाकर SCSS का account opening form मांगें. Form में नाम, पता, जन्म तिथि, जमा रकम, nominee का नाम और ब्याज जिस savings account में चाहिए उसकी जानकारी भरें. Form की copy India Post की website के forms section से भी download की जा सकती है.

Step 3: एक बार में रकम जमा करें
SCSS में एक खाते में सिर्फ एक बार जमा होता है. रकम ₹1,000 के गुणक में होनी चाहिए. बड़ी रकम cheque या demand draft से दें. Cheque से जमा करने पर खाता उस दिन से माना जाता है जिस दिन cheque clear होता है. Cash में जमा की सीमा के बारे में अपने Post Office या bank से पहले पूछ लें.

Step 4: Passbook लें और ब्याज के लिए खाता जोड़ें
खाता खुलने पर passbook या account की रसीद मिलती है. उसमें खाता संख्या, जमा तारीख और रकम ज़रूर जांचें. ब्याज अपने आप आपके Post Office savings account या bank savings account में आए, इसके लिए form में दिया गया mandate सही होना चाहिए. ब्याज न निकाला जाए तो उस पर अलग से ब्याज नहीं मिलता, इसलिए auto credit सबसे अच्छा है.

Post Office या bank में Senior Citizen Savings Scheme खाता खोलने का तरीका
पात्रता और documents
उम्र की शर्त जांचें और Aadhaar, PAN, उम्र का प्रमाण, photo तैयार रखें.
Form भरें
Post Office या authorised bank में SCSS account opening form भरें, nominee और savings account की जानकारी दें.
रकम जमा करें
₹1,000 के गुणक में अधिकतम ₹30 लाख तक एक बार में cheque या तय तरीके से जमा करें.
Passbook लें
Passbook या रसीद में विवरण जांचें और तिमाही ब्याज के auto credit की पुष्टि करें.
Premature closure और extension: सही नियम
पुराने version में penalty उलटी लिखी थी. Senior Citizens’ Savings Scheme, 2019 के नियमों के अनुसार खाता किसी भी समय बंद किया जा सकता है, लेकिन कटौती इस तरह होती है:
| कब बंद किया | क्या कटेगा |
|---|---|
| 1 साल से पहले | अब तक दिया गया पूरा ब्याज मूल रकम से वापस काट लिया जाता है |
| 1 साल के बाद, 2 साल से पहले | जमा रकम का 1.5% |
| 2 साल के बाद, 5 साल से पहले | जमा रकम का 1% |
| Extension के 1 साल के अंदर | जमा रकम का 1% |
| Extension के 1 साल बाद | कोई कटौती नहीं |
5 साल पूरे होने पर आप maturity के 1 साल के अंदर Form-4 देकर खाते को 3 साल के block में बढ़ा सकते हैं. बढ़ाए गए समय में वह दर मिलती है जो maturity की तारीख पर लागू थी. खाताधारक की मृत्यु होने पर रकम nominee या कानूनी वारिस को मिलती है, और अगर जीवनसाथी joint holder या अकेला nominee है तथा खुद पात्र है, तो वह खाता जारी रख सकता है.
SCSS बनाम SBI FD और Post Office MIS
पुराने लेख में SBI senior FD की दर 7.50% बताई गई थी, जो सही नहीं थी. SBI की website पर 15 दिसंबर 2025 से लागू दरों में senior citizens को सबसे ज़्यादा 7.05% (5 से 10 साल, WeCare सहित) मिलता है. नीचे तुलना है:
| पहलू | SCSS | SBI Senior FD (5-10 साल) | Post Office MIS |
|---|---|---|---|
| ब्याज दर | 8.2% | 7.05% | 7.4% |
| भुगतान | तिमाही | मासिक, तिमाही या maturity पर | मासिक |
| अधिकतम जमा | ₹30 लाख | कोई सीमा नहीं | ₹9 लाख single, ₹15 लाख joint |
| सुरक्षा | सरकारी योजना | DICGC बीमा ₹5 लाख तक | सरकारी योजना |
| Lock-in | 5 साल, जल्दी बंद करने पर कटौती | Penalty के साथ कभी भी | 1 साल बाद, कटौती के साथ |
| 80C कटौती | हां (पुरानी कर व्यवस्था) | सिर्फ 5 साल की tax saving FD पर | नहीं |
₹30 लाख पर SCSS से सालाना ₹2,46,000 ब्याज मिलता है, जबकि SBI की 7.05% वाली तिमाही भुगतान FD से लगभग ₹2,11,500. यानी साल में करीब ₹34,500 और 5 साल में करीब ₹1,72,500 का फर्क. ₹30 लाख से ऊपर की रकम के लिए FD या Post Office MIS Scheme जैसे विकल्प साथ में रखे जा सकते हैं. Bank FD की ताज़ा दरें हमारी SBI FD Scheme गाइड में हैं.
SCSS पर टैक्स, TDS और Form 121
SCSS का ब्याज पूरी तरह taxable है और आपकी कुल आय में जुड़ता है. 1 अप्रैल 2025 से senior citizens के लिए ब्याज पर TDS की सालाना सीमा ₹1 लाख है. एक वित्त वर्ष में ब्याज इससे ज़्यादा हो और PAN दिया हो, तो आम तौर पर 10% TDS कटता है.
₹30 लाख वाले खाते में सालाना ब्याज ₹2,46,000 है, इसलिए TDS कटेगा. अगर आपकी कुल आय पर टैक्स शून्य बनता है, तो TDS रोकने के लिए घोषणा देनी होती है. नए Income-tax Act 2025 और Income-tax Rules 2026 के तहत टैक्स वर्ष 2026-27 से Form 15G और 15H की जगह Form 121 आ गया है. इसे साल की शुरुआत में Post Office या bank में जमा करें.
पुरानी कर व्यवस्था चुनने वालों को SCSS में जमा रकम पर 80C (नए Act में इसका समकक्ष प्रावधान) के तहत कुल ₹1.5 लाख की सीमा में कटौती मिलती है. नई कर व्यवस्था में यह कटौती नहीं मिलती. अपनी स्थिति के लिए CA या Income Tax Department की website से पुष्टि करें. टैक्स बचत के दूसरे रास्ते NPS Tax Benefit लेख में हैं.

Senior Citizen Savings Scheme के फायदे और सीमाएं
| फायदे | सीमाएं |
|---|---|
| अभी 8.2% ब्याज, बड़े banks की senior FD से ज़्यादा | प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹30 लाख |
| सरकारी योजना, पूंजी की सुरक्षा | ब्याज पूरी तरह taxable, compounding नहीं |
| हर तिमाही नियमित आय | 5 साल से पहले बंद करने पर 1% से 1.5% कटौती |
| खाता खोलते समय की दर पूरी अवधि लागू | एक खाते में एक ही बार जमा |
| Post Office और banks दोनों में सुविधा | NRI और HUF के लिए नहीं |
आम समस्याएं और उनका हल
- ब्याज खाते में नहीं आया: Passbook में auto credit mandate और savings account नंबर जांचें. Post Office या bank शाखा में लिखित आवेदन दें.
- 55-60 साल में खाता खोलने से मना किया: देखें कि retirement benefits मिलने के 3 महीने पूरे तो नहीं हुए, और नियोक्ता का प्रमाणपत्र साथ है या नहीं.
- TDS कट गया जबकि टैक्स नहीं बनता: अगले साल की शुरुआत में Form 121 दें और कटे TDS का refund ITR भरकर लें.
- Maturity के बाद क्या करें: 1 साल के अंदर Form-4 से extension लें या closure form देकर पैसा निकालें. Maturity के बाद बिना extension के रकम पर कम दर लग सकती है.
- Fraud call: कोई phone पर “ज़्यादा ब्याज वाली सरकारी योजना” बताकर OTP या पैसे मांगे तो वह धोखा है. खाता सिर्फ शाखा में या bank की official site से खोलें.
Bihar के वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुझाव
Bihar में Post Office का नेटवर्क गांव-गांव तक है, इसलिए SCSS खोलने के लिए जिला मुख्यालय जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती. Retirement पर मिले PF, gratuity या leave encashment की रकम का एक हिस्सा SCSS में रखकर तिमाही आमदनी बनाई जा सकती है, जबकि आपात ज़रूरत के लिए कुछ पैसा savings account या छोटी FD में रखें.
मान लीजिए किसी retired शिक्षक को ₹20 लाख retirement benefits मिले. वे ₹15 लाख SCSS में रखें तो हर तिमाही ₹30,750 मिलेंगे, और बाकी रकम से emergency fund और ज़रूरत के खर्च संभाले जा सकते हैं. Emergency fund कितना रखें, यह हमारे Emergency Fund गाइड में है. Post Office की दूसरी योजनाओं की तुलना Post Office Best Investment Options लेख में देखें.
💡 प्रो टिप: अगर आप और आपका जीवनसाथी दोनों पात्र हैं, तो एक joint खाते की जगह दोनों अपने नाम से अलग खाते खोलें. Joint खाते की पूरी रकम पहले खाताधारक की ₹30 लाख सीमा में गिनी जाती है, जबकि अलग खातों से परिवार ₹60 लाख तक इस योजना में रख सकता है और TDS की ₹1 लाख सीमा भी दोनों को अलग-अलग मिलती है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Senior Citizen Savings Scheme में अभी ब्याज दर कितनी है?
अक्टूबर से दिसंबर 2026 तिमाही के लिए SCSS की दर 8.2% सालाना है. खाता खोलते समय जो दर होती है, वही पूरे 5 साल लागू रहती है.
SCSS में ₹30 लाख पर हर तिमाही कितना ब्याज मिलेगा?
8.2% की दर पर ₹30 लाख पर हर तिमाही ₹61,500 और साल में ₹2,46,000 ब्याज मिलता है. यह TDS और टैक्स से पहले की रकम है.
SCSS खाता 5 साल से पहले बंद करने पर कितना कटता है?
1 साल से पहले बंद करने पर दिया गया ब्याज वापस काटा जाता है. 1 से 2 साल के बीच जमा रकम का 1.5% और 2 साल के बाद 1% कटता है.
क्या 60 साल से कम उम्र में SCSS खाता खुल सकता है?
हां, 55 से 60 साल के retired लोग retirement benefits मिलने के 3 महीने के अंदर और defence से retired लोग 50 साल से खाता खोल सकते हैं.
SCSS पर TDS कब कटता है और कैसे रोकें?
Senior citizens के लिए सालाना ब्याज ₹1 लाख से ज़्यादा होने पर TDS कटता है. कुल आय पर टैक्स शून्य हो तो 2026-27 से Form 121 देकर TDS रोका जा सकता है.
क्या पति-पत्नी दोनों अलग-अलग SCSS खाता खोल सकते हैं?
हां, दोनों पात्र हों तो अपने-अपने नाम से अलग खाते खोलकर ₹30-30 लाख तक जमा कर सकते हैं.
SCSS खाता Bihar में कहां खुलेगा?
Bihar के किसी भी Post Office या SCSS की सुविधा देने वाले authorised bank की शाखा में Aadhaar, PAN और उम्र के प्रमाण के साथ खाता खुलता है.
निष्कर्ष
Senior Citizen Savings Scheme उन बुज़ुर्गों के लिए मज़बूत विकल्प है जो पूंजी की सुरक्षा के साथ हर तिमाही तय आमदनी चाहते हैं. अभी 8.2% की दर बड़े banks की senior FD से ज़्यादा है, और खाता खोलते समय की दर पूरे 5 साल बनी रहती है.
खाता खोलने से पहले ₹30 लाख की सीमा, premature closure की सही कटौती और TDS के नियम समझ लें. बड़ी रकम हो तो पति-पत्नी के अलग खाते और बाकी पैसे के लिए FD या MIS जैसे विकल्प मिलाकर योजना बनाएं.
Official स्रोत: India Post, Department of Economic Affairs, Ministry of Finance, ICICI Bank SCSS features और SBI Term Deposit Rates.
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश या टैक्स सलाह नहीं. Small savings की दरें सरकार हर तिमाही तय करती है. खाता खोलने से पहले Post Office या bank से ताज़ा दर और नियम की पुष्टि करें, और टैक्स से जुड़े फैसले के लिए CA से सलाह लें.










