एक बार hospital में भर्ती होना कई परिवारों की सालों की बचत खत्म कर देता है. Surgery, ICU, दवाइयां और जांच का bill अचानक लाखों में पहुंच सकता है, और ऐसे समय में उधार या जमीन-गहने बेचने की नौबत आ जाती है. इसी जोखिम से बचाने के लिए health insurance बना है.
Health Insurance Policy एक ऐसा contract है जिसमें आप हर साल insurance company को premium देते हैं और बदले में company policy की शर्तों के अनुसार आपके इलाज का खर्च उठाती है. लेकिन बहुत से लोग policy लेते समय waiting period, room rent और exclusions जैसी बातें नहीं समझते, और claim के समय निराश होते हैं.
इस लेख में हम आसान भाषा में बताएंगे कि health insurance कैसे काम करता है, इसके कितने प्रकार हैं, इसमें क्या cover होता है और क्या नहीं, IRDAI के नए नियम क्या कहते हैं, और policy खरीदने व claim करने का सही तरीका क्या है.
इस लेख में आप जानेंगे
✔ Health insurance की बुनियादी बातें: premium, sum insured और policy year
✔ Individual, family floater, top-up और दूसरी policies का फर्क
✔ क्या cover होता है और कौन से खर्च आम तौर पर बाहर रहते हैं
✔ IRDAI के 2024 के नियम और GST में छूट
✔ Policy खरीदने का step-by-step तरीका और claim की प्रक्रिया
✔ सही company चुनने के आसान पैमाने
ताज़ा अपडेट (30 अक्टूबर 2026): 22 सितंबर 2025 से individual health insurance premium पर GST नहीं लगता. IRDAI के 2024 के नियमों के अनुसार कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है, PED waiting अधिकतम 3 साल है और cashless request पर 1 घंटे में फैसला होना चाहिए.
मुख्य जानकारी एक नज़र में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| Regulator | IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India) |
| Policy की अवधि | आम तौर पर 1 साल, हर साल renewal (कुछ plans बहु-वर्षीय) |
| Claim के तरीके | Cashless (network hospital) और reimbursement |
| PED waiting की अधिकतम सीमा | 36 महीने |
| Free look period | Policy document मिलने से 30 दिन |
| Tax छूट | Old regime में Section 80D के तहत |
| शिकायत | IRDAI Bima Bharosa portal |
| Last updated | 30 अक्टूबर 2026 |
Health Insurance Policy क्या है और कैसे काम करती है
Health insurance में आप एक तय राशि यानी premium देकर एक साल के लिए coverage खरीदते हैं. इस coverage की अधिकतम सीमा को sum insured कहते हैं. Policy year के दौरान बीमारी या दुर्घटना से hospital में भर्ती होने पर company policy की शर्तों के अनुसार sum insured तक का खर्च देती है.
मान लीजिए किसी ने ₹5 लाख sum insured की policy ली और साल के बीच में उसका ₹1.2 लाख का operation हुआ. अगर policy में कोई co-payment या sub-limit नहीं है और खर्च cover में आता है, तो company यह खर्च देगी और उस साल के लिए बाकी ₹3.8 लाख का cover बचेगा. अगले साल renewal पर sum insured फिर से पूरा हो जाता है.

कुछ जरूरी शब्द
| शब्द | मतलब |
|---|---|
| Premium | Cover के बदले हर साल दी जाने वाली राशि |
| Sum insured | एक policy year में मिलने वाला अधिकतम cover |
| Waiting period | वह समय जिसमें कुछ बीमारियों का claim नहीं मिलता |
| Co-payment | Claim का वह हिस्सा जो policyholder खुद देता है |
| Sub-limit | किसी खास इलाज या खर्च पर तय की गई छोटी सीमा |
| Network hospital | वे hospitals जहां company cashless इलाज की सुविधा देती है |
Health insurance के प्रकार
| प्रकार | किसके लिए | ध्यान देने की बात |
|---|---|---|
| Individual policy | हर सदस्य का अलग sum insured | बुजुर्ग या बीमार सदस्य के लिए उपयोगी |
| Family floater | पूरा परिवार एक sum insured share करता है | Young family के लिए सस्ता, एक बड़ा claim सबका cover घटाता है |
| Senior citizen plan | बुजुर्गों के लिए | Premium ज्यादा, co-payment की शर्त आम |
| Top-up और super top-up | Base policy के ऊपर अतिरिक्त cover | Deductible के बाद ही claim मिलता है |
| Critical illness | तय गंभीर बीमारियों पर एकमुश्त राशि | Hospital bill की जगह diagnosis पर भुगतान |
| Group policy | Employer या संस्था द्वारा | नौकरी छोड़ने पर cover खत्म हो सकता है |
Individual और family floater में से क्या चुनें, इसके लिए Individual Policy vs Family Floater लेख विस्तार से पढ़ें.
क्या cover होता है और क्या नहीं
ज्यादातर comprehensive health insurance policies में hospital में कम से कम 24 घंटे भर्ती होने का खर्च, day-care procedures जिनमें इतनी देर भर्ती जरूरी नहीं, भर्ती से पहले और बाद के कुछ दिनों का खर्च, और ambulance जैसे खर्च शामिल होते हैं. IRDAI के निर्देशों के बाद AYUSH इलाज भी बिना अलग sub-limit के cover होना चाहिए, और mental illness जैसी बीमारियों को मनमाने तरीके से बाहर नहीं किया जा सकता.

| आम तौर पर cover | आम तौर पर बाहर |
|---|---|
| Hospitalisation में room, ICU, doctor fees | Cosmetic surgery |
| Surgery और operation theatre खर्च | Waiting period के दौरान की बीमारियां |
| Day-care procedures | Adventure sports से चोट (policy अनुसार) |
| Pre और post hospitalisation खर्च | OPD खर्च, अगर plan में अलग से न हो |
| AYUSH इलाज (policy शर्तों अनुसार) | Non-medical items जैसे कुछ consumables |
हर policy की exclusion सूची अलग होती है, इसलिए Customer Information Sheet (CIS) और policy wording में “Exclusions” वाला हिस्सा जरूर पढ़ें.
Waiting period, PED और IRDAI के नए नियम
Policy लेते ही हर बीमारी का claim नहीं मिलता. शुरुआती दिनों का initial waiting period, कुछ तय बीमारियों का specific waiting period और पहले से मौजूद बीमारी यानी pre-existing disease (PED) का waiting period होता है. Accident से होने वाली hospitalisation आम तौर पर शुरू से cover होती है.
- PED waiting: IRDAI के 2024 के नियमों के अनुसार अधिकतम 36 महीने, पहले यह 48 महीने तक था.
- Moratorium: लगातार 5 साल coverage के बाद company non-disclosure या गलत जानकारी के आधार पर claim पर सवाल नहीं उठा सकती, fraud को छोड़कर.
- उम्र की सीमा नहीं: 1 अप्रैल 2024 से health insurance खरीदने की कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है.
- Cashless समय-सीमा: Cashless request पर 1 घंटे में फैसला और discharge पर 3 घंटे में final authorisation.
- GST छूट: 22 सितंबर 2025 से individual health insurance premium पर GST नहीं लगता.
PED से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए Pre-Existing Disease क्या होती है लेख देखें.
Health Insurance Policy खरीदने का तरीका: Step-by-Step
Policy आप insurer की website, app, agent या bank किसी से भी खरीद सकते हैं. Online खरीदने के steps आम तौर पर नीचे जैसे होते हैं, हालांकि हर company की website पर button के नाम थोड़े अलग हो सकते हैं.
Step 1: जरूरत और बजट तय करें
तय करें कि किन सदस्यों को cover करना है, उनकी उम्र क्या है और किसी को पहले से कोई बीमारी तो नहीं. अपने शहर के अच्छे hospital के खर्च के हिसाब से sum insured और सालाना premium का बजट तय करें. बुजुर्ग माता-पिता के लिए अलग policy पर विचार करें.

Step 2: Quote देखें और proposal form भरें
Insurer की website या app पर “Get Quote” या “Buy Now” जैसे option में सदस्यों की उम्र, शहर का pin code और sum insured डालें. 2-3 plans के quote और features देखकर एक plan चुनें, फिर proposal form में नाम, पता, nominee और KYC की जानकारी भरें.

Step 3: Medical history सच-सच बताएं और documents दें
Proposal form में BP, diabetes, thyroid या किसी पुरानी बीमारी, surgery और दवाइयों की जानकारी पूरी और सही भरें. उम्र या बीमारी के हिसाब से company medical test करवा सकती है. मांगे जाने पर पुराने reports और ID documents upload करें. गलत या अधूरी जानकारी बाद में claim reject होने की सबसे बड़ी वजह बनती है.

Step 4: Premium भरें और policy document संभालें
Underwriting पूरी होने के बाद premium का भुगतान करें. Email पर मिली policy, Customer Information Sheet और premium की रसीद download करके रखें और परिवार को भी बताएं कि policy कहां रखी है. Policy मिलने के 30 दिन के free look period में शर्तें दोबारा पढ़ लें.

Health insurance policy online खरीदने का तरीका.
जरूरत और बजट तय करें
सदस्यों की उम्र, पुरानी बीमारियां और शहर के इलाज खर्च के हिसाब से sum insured और बजट तय करें.
Quote देखकर proposal form भरें
Insurer की website या app पर quote देखें, plan चुनें और proposal form व KYC भरें.
Medical history सच-सच बताएं
पुरानी बीमारियों और दवाइयों की पूरी जानकारी दें और मांगे गए documents upload करें.
Premium भरें और documents संभालें
भुगतान के बाद policy, CIS और रसीद save करें और free look period में शर्तें पढ़ें.
Claim कैसे होता है: cashless और reimbursement
Network hospital में cashless claim के लिए hospital के insurance desk पर policy या health card दिखाएं. Hospital pre-authorisation request भेजता है और company को उस पर तय समय में फैसला करना होता है. Planned इलाज के लिए पहले से और emergency में भर्ती के बाद जल्दी से जल्दी company को सूचना दें.

Non-network hospital में इलाज होने पर पहले bill खुद भरना पड़ता है और फिर discharge summary, bills, reports और prescriptions के साथ reimbursement claim किया जाता है. सारे original documents और payment receipts संभालकर रखें.
यह भी पढ़ें: Health Insurance Claim Kaise Kare: Reject से बचने की पूरी गाइड
सही company और plan कैसे चुनें
कोई एक company सबके लिए best नहीं होती. Plans को sum insured, room rent की सीमा, co-payment, sub-limits, waiting periods, आपके शहर के network hospitals और claim service के आधार पर compare करें. Claim settlement और incurred claim ratio का कई सालों का trend भी देखें, सिर्फ एक साल का आंकड़ा नहीं.
पूरी तुलना का तरीका हमारे लेख Best Health Insurance Policy: Compare के 10 जरूरी पैमाने में दिया गया है.
💡 प्रो टिप: Policy लेने के बाद उसकी PDF, insurer का claim helpline number और अपने शहर के 2-3 network hospitals के नाम एक कागज पर लिखकर घर में ऐसी जगह रखें जहां परिवार के बाकी सदस्य भी देख सकें. Emergency में यही जानकारी cashless इलाज जल्दी शुरू करवाती है.
Tax फायदा और सरकारी योजनाएं
Old tax regime में Section 80D के तहत अपने, जीवनसाथी और बच्चों के premium पर ₹25,000 तक और माता-पिता के premium पर अलग से ₹25,000 तक की छूट मिलती है. Senior citizen के लिए यह सीमा ₹50,000 है. New tax regime में यह छूट नहीं मिलती.
बिहार में बहुत से परिवार Ayushman Bharat PM-JAY के दायरे में आते हैं, जिसमें empanelled hospitals में तय सीमा तक मुफ्त इलाज मिलता है. 70 साल और उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए Ayushman Vay Vandana card की सुविधा भी है. Private Health Insurance Policy इनके ऊपर अतिरिक्त सुरक्षा दे सकती है, खासकर उन hospitals में जो योजना में शामिल नहीं हैं. Card download करने का तरीका Ayushman Card Download लेख में देखें.
आम गलतियां और शिकायत का तरीका
- बीमारी छिपाना: इससे claim reject और policy रद्द तक हो सकती है.
- सिर्फ सस्ता premium देखना: Room rent और co-payment की शर्तें बाद में भारी पड़ती हैं.
- Renewal भूल जाना: Policy टूटने पर waiting period का फायदा खत्म हो सकता है.
- सिर्फ office की group policy पर निर्भर रहना: नौकरी बदलते ही cover खत्म हो सकता है.
- Documents न संभालना: Reimbursement claim में original bills और reports जरूरी होते हैं.
Claim या service से जुड़ी शिकायत पहले company के grievance officer को लिखित में दें. दो हफ्तों में हल न मिले या जवाब से संतुष्ट न हों तो Bima Bharosa पर, complaints@irdai.gov.in पर या toll-free 155255 या 1800 4254 732 पर IRDAI से शिकायत करें. पूरी प्रक्रिया IRDAI policyholder portal पर दी गई है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Health Insurance Policy क्या होती है?
यह insurance company के साथ एक contract है जिसमें आप premium देते हैं और company policy की शर्तों के अनुसार sum insured तक hospital और इलाज का खर्च देती है.
Cashless और reimbursement claim में क्या फर्क है?
Cashless में network hospital का bill सीधे company भरती है, जबकि reimbursement में पहले आप भुगतान करते हैं और बाद में documents देकर पैसा वापस लेते हैं.
Pre-existing disease का waiting period कितना होता है?
IRDAI के नियमों के अनुसार अधिकतम 36 महीने. कई plans इससे कम waiting भी देते हैं, इसलिए policy wording जरूर पढ़ें.
क्या 60 या 70 साल की उम्र में health insurance मिल सकता है?
हां. 1 अप्रैल 2024 से health insurance खरीदने की ऊपरी आयु सीमा नहीं है, हालांकि premium और शर्तें उम्र के हिसाब से अलग होंगी.
Health insurance premium पर GST लगता है या नहीं?
22 सितंबर 2025 से individual health insurance policies के premium पर GST नहीं लगता.
Policy पसंद न आए तो क्या वापस कर सकते हैं?
हां, policy document मिलने के 30 दिन के free look period में policy वापस की जा सकती है. Company नियमों के अनुसार कुछ खर्च काटकर premium लौटाती है.
निष्कर्ष
Health Insurance Policy हर परिवार की financial planning की पहली जरूरत है, क्योंकि एक बड़ा इलाज सालों की बचत खत्म कर सकता है. Policy लेते समय सिर्फ premium नहीं, बल्कि sum insured, waiting period, room rent, co-payment, exclusions और network hospitals को समझें और अपनी सेहत की पूरी जानकारी सच-सच दें.
IRDAI के नए नियमों ने ग्राहकों को कई फायदे दिए हैं, जैसे कम PED waiting, 5 साल का moratorium, cashless समय-सीमा और उम्र की सीमा का हटना. इनका पूरा फायदा उठाने के लिए समय पर renewal करें और policy के दस्तावेज़ संभालकर रखें.
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है, insurance या tax advice नहीं. हर policy की शर्तें अलग होती हैं और नियम बदल सकते हैं. Policy खरीदने से पहले insurer की Customer Information Sheet और policy wording ध्यान से पढ़ें. BiharMint किसी insurance company से जुड़ा नहीं है.








