Loan ₹2 लाख का sanction हुआ, EMI भी ₹2 लाख पर बनी, लेकिन खाते में पैसा कुछ हज़ार कम आया. बहुत से लोग यहीं चौंकते हैं और सोचते हैं कि bank ने गलती कर दी. असल में यह कटौती ज़्यादातर processing fee और उस पर लगे GST की होती है.
Personal Loan Processing Fee वह एक बार का charge है जो bank या NBFC आपका loan आवेदन जांचने और loan जारी करने के बदले लेता है. Official websites के अनुसार 2026 में यह कुछ lenders में शून्य है तो कुछ में loan राशि के 5% तक, और इस पर 18% GST अलग से जुड़ता है. यानी सिर्फ ब्याज दर देखकर loan चुनना आधा फैसला है.
इस लेख में हम बैंक-वार fee, GST का हिसाब, fee से असली लागत (APR) कितनी बढ़ती है, RBI के Key Fact Statement (KFS) नियम और fee कम करवाने के व्यावहारिक तरीके सही गणना के साथ समझेंगे. मान लीजिए आप अगले हफ्ते loan लेने वाले हैं, तो offer स्वीकार करने से पहले यह लेख ज़रूर पढ़ें.
इस लेख में आप जानेंगे
✔ Personal Loan Processing Fee क्या है और कब कटती है
✔ SBI, HDFC, ICICI, Axis, Kotak, IDFC FIRST समेत lenders की official fee
✔ ₹1 लाख से ₹10 लाख तक loan पर fee और GST की सही रकम
✔ Fee से APR कितना बढ़ता है, सही उदाहरण के साथ
✔ Fee कम या माफ करवाने के 5 steps और शिकायत का रास्ता
मुख्य जानकारी एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| Fee क्या है | Loan आवेदन जांचने और loan जारी करने का एक बार का charge |
| सामान्य दायरा | शून्य से 5% तक (lender और profile के अनुसार) |
| GST | Fee पर 18% अलग से |
| कब कटती है | आम तौर पर disbursal के समय loan राशि से |
| जानकारी कहां मिलेगी | Key Fact Statement (KFS) और loan agreement में |
| शिकायत | पहले lender, फिर cms.rbi.org.in या 14448 |
| आखिरी अपडेट | 30 अक्टूबर 2026 |
ताज़ा अपडेट (30 अक्टूबर 2026): इस लेख के पुराने संस्करण में कई आंकड़े गलत या पुराने थे. SBI की fee 0.5% से 1% बताई गई थी, जबकि SBI की website पर यह 1.50% तक (न्यूनतम ₹1,000, अधिकतम ₹15,000) + GST है. Kotak की fee 1% से 2% लिखी थी, जो official जानकारी में 5% तक है. RBI Ombudsman का नंबर 1800-180-1111 बताया गया था, जबकि RBI की शिकायत helpline 14448 है. Effective rate वाले उदाहरण भी दोबारा गणना करके सुधारे गए हैं.
Personal Loan Processing Fee क्या है और कैसे कटती है
Loan देने से पहले lender आपकी आय, नौकरी, credit report और दस्तावेज़ों की जांच करता है, फिर loan account बनाकर पैसा भेजता है. इस पूरी प्रक्रिया के खर्च के रूप में processing fee ली जाती है. यह ब्याज नहीं है, बल्कि सेवा शुल्क है, इसलिए इस पर GST लगता है.
ज़्यादातर banks यह fee disbursal के समय loan राशि से ही काट लेते हैं. मतलब EMI पूरी sanctioned राशि पर बनती है, लेकिन हाथ में fee और GST घटाकर पैसा आता है.
एक आसान उदाहरण
मान लीजिए SBI से ₹2 लाख का loan मिला और processing fee 1.50% है. Fee होगी ₹3,000 और उस पर 18% GST ₹540, यानी कुल ₹3,540. खाते में ₹1,96,460 आएंगे, पर EMI और ब्याज ₹2,00,000 पर ही गिना जाएगा.

2026 में बैंक-वार fee: official सूची
नीचे की जानकारी lenders की अपनी websites और Key Fact Statement पर अक्टूबर 2026 के अंत में दिखी जानकारी पर आधारित है. “तक” का मतलब अधिकतम सीमा है, आपकी असली fee offer और KFS में लिखी होगी.
| Lender | Processing fee (official) | ध्यान देने वाली बात |
|---|---|---|
| SBI | 1.50% तक (न्यूनतम ₹1,000, अधिकतम ₹15,000) + GST | कुछ श्रेणियों को 50% से 100% छूट |
| HDFC Bank | ₹6,500 तक + GST | बड़ी राशि पर percentage fee से सस्ता पड़ सकता है |
| ICICI Bank | 2% तक + टैक्स | Offer में fee ज़रूर देखें |
| Axis Bank | 2% तक + GST | Profile के अनुसार |
| Kotak Mahindra Bank | 5% तक + टैक्स | सबसे ऊंची सीमा वाले banks में |
| IDFC FIRST Bank | शून्य | Foreclosure भी शून्य, part-prepayment नहीं |
| Bank of Maharashtra | 1% + GST (न्यूनतम ₹1,000) और documentation 0.20% + GST | सरकारी bank |
| Bajaj Finance (NBFC) | 4.13% तक (टैक्स सहित) | NBFC |
| KreditBee (app lender) | 4.7% तक + GST | Digital lending app |
| InCred (NBFC) | 5% तक | Schedule of Charges के अनुसार |
App आधारित lenders में fee अक्सर ज़्यादा होती है. उदाहरण के लिए Kissht के official representative example में ₹1.25 लाख के loan पर ₹8,850 processing fee दिखाई गई है. इसलिए app से loan लेने से पहले KFS में APR ज़रूर देखें.
SBI की दरें और charges SBI की interest rate page पर और HDFC के charges HDFC की rates and charges page पर देखे जा सकते हैं.
Loan राशि के हिसाब से fee कितनी बनेगी
नीचे की तालिका अधिकतम fee पर 18% GST जोड़कर बनाई गई है.
| Loan राशि | SBI (1.50%, अधिकतम ₹15,000) | HDFC (₹6,500 तक) | 2% वाले lender | 5% वाले lender |
|---|---|---|---|---|
| ₹1 लाख | ₹1,770 | ₹7,670 | ₹2,360 | ₹5,900 |
| ₹2 लाख | ₹3,540 | ₹7,670 | ₹4,720 | ₹11,800 |
| ₹5 लाख | ₹8,850 | ₹7,670 | ₹11,800 | ₹29,500 |
| ₹10 लाख | ₹17,700 | ₹7,670 | ₹23,600 | ₹59,000 |
यहां एक दिलचस्प बात दिखती है. छोटी राशि पर percentage वाली fee सस्ती पड़ती है, जबकि ₹5 लाख या उससे बड़े loan पर HDFC जैसी fixed सीमा वाली fee फायदेमंद हो सकती है. इसलिए राशि के हिसाब से तुलना करें.
Processing Fee पर 18% GST कैसे जुड़ता है
Loan का मूलधन और ब्याज GST से बाहर हैं, लेकिन processing fee, bounce charge, late payment charge और foreclosure charge जैसी सेवाओं पर 18% GST लगता है. KFS और sanction letter में कई बार fee “+ GST” या “टैक्स सहित” लिखी होती है, दोनों का फर्क समझ लें.
मान लीजिए fee 2% है और loan ₹3 लाख का है. Base fee ₹6,000 होगी और GST ₹1,080, यानी कुल कटौती ₹7,080. अगर fee “4.13% टैक्स सहित” लिखी है, तो उसमें GST पहले से जुड़ा है.
Personal Loan Processing Fee से असली लागत (APR) कितनी बढ़ती है
ब्याज दर आपको सिर्फ ब्याज बताती है. APR यानी Annual Percentage Rate में ब्याज के साथ fee जैसे खर्च भी जुड़ते हैं, इसलिए यह loan की असली सालाना लागत दिखाता है. RBI के नियमों के तहत KFS में APR बताना ज़रूरी है.
| ₹2 लाख का loan, 12% ब्याज | EMI | Fee + GST | हाथ में राशि | APR (लगभग) |
|---|---|---|---|---|
| 24 महीने, कोई fee नहीं | ₹9,415 | ₹0 | ₹2,00,000 | 12.0% |
| 24 महीने, 2% fee | ₹9,415 | ₹4,720 | ₹1,95,280 | 14.4% |
| 12 महीने, 2% fee | ₹17,770 | ₹4,720 | ₹1,95,280 | 16.6% |
| 36 महीने, 2% fee | ₹6,643 | ₹4,720 | ₹1,95,280 | 13.7% |
इससे साफ है कि अवधि जितनी छोटी, fee का असर उतना ज़्यादा. 12 महीने के loan पर 2% fee से असली लागत 12% से बढ़कर करीब 16.6% हो जाती है. पुराने संस्करण में इसी तरह के उदाहरण में लगभग 14.5% लिखा था, जो 12 महीने के लिए गलत था.
कम ब्याज बनाम कम fee: कौन सा offer सस्ता
मान लीजिए ₹3 लाख का loan 24 महीने के लिए चाहिए और दो offers हैं.
| पहलू | Offer A | Offer B |
|---|---|---|
| ब्याज दर | 12% | 13% |
| Processing fee | 2% + GST | 0.5% + GST |
| EMI | ₹14,122 | ₹14,263 |
| कुल ब्याज | ₹38,929 | ₹42,301 |
| Fee + GST | ₹7,080 | ₹1,770 |
| कुल लागत (ब्याज + fee) | ₹46,009 | ₹44,071 |
| APR (लगभग) | 14.4% | 13.6% |
Offer B की ब्याज दर 1% ज़्यादा है, फिर भी कुल लागत करीब ₹1,938 कम है. यही वजह है कि तुलना हमेशा APR या कुल लागत से करनी चाहिए.
RBI के नियम: KFS, APR और छिपे charges
RBI ने 1 अक्टूबर 2024 से सभी retail और MSME term loans के लिए Key Fact Statement (KFS) देना अनिवार्य किया है. इसमें ब्याज दर, APR, processing fee समेत सभी charges, EMI की संख्या और शिकायत अधिकारी की जानकारी होती है.
- KFS में जो fee या charge नहीं लिखा है, वह borrower की स्पष्ट सहमति के बिना loan की अवधि में कभी नहीं वसूला जा सकता.
- Digital lending में loan की राशि और fees सीधे lender और borrower के bank account के बीच ही चलती हैं, किसी agent या app के निजी खाते में नहीं.
- Digital loan में cooling-off अवधि के भीतर borrower मूलधन और उस अवधि का अनुपातिक APR चुकाकर बिना penalty loan से बाहर निकल सकता है. KFS में पहले से बताई गई उचित one-time processing fee lender रख सकता है.
- Floating rate वाले individual loans पर foreclosure charge नहीं लगता, लेकिन ज़्यादातर personal loans fixed rate होते हैं, इसलिए KFS में foreclosure charge जांचें.
ज़्यादा जानकारी के लिए RBI की official website देखें.
Processing Fee जांचने और कम करवाने का तरीका: Step-by-Step
Step 1: Offer स्वीकार करने से पहले KFS पढ़ें
Loan offer आते ही KFS या sanction letter मांगें. इसमें processing fee, GST, APR, foreclosure और bounce charges देखें. कुछ भी साफ न हो तो लिखित में पूछें.
KFS पर हस्ताक्षर या OTP देने से पहले यह जांच ज़रूरी है, क्योंकि बाद में बदलाव करवाना मुश्किल होता है.

Step 2: कुल लागत निकालें
EMI को महीनों से गुणा करें, उसमें से loan राशि घटाएं, फिर fee और GST जोड़ें. यही loan की कुल लागत है. KFS में दिया APR इसी लागत को सालाना प्रतिशत में दिखाता है.
ऊपर की तालिका जैसे अपने आंकड़े बनाएं. इससे साफ होगा कि कम ब्याज वाला offer सच में सस्ता है या fee उसे महंगा बना रही है.

Step 3: कम से कम दो lenders के offers मिलाएं
अपने salary वाले bank का pre-approved offer, एक private bank और ज़रूरत हो तो एक NBFC का KFS लें. सबसे कम APR वाला offer चुनें, सिर्फ सबसे कम ब्याज दर वाला नहीं.
Credit report पर बार-बार hard inquiry से बचने के लिए बहुत ज़्यादा जगह एक साथ आवेदन न करें. पहले eligibility जांचें, फिर 2 से 3 जगह आवेदन करें.

Step 4: Fee कम या माफ करवाने की बात करें
अगर आपका credit score अच्छा है या bank में salary account है, तो दूसरे lender का KFS दिखाकर fee कम करने का अनुरोध करें. SBI की website पर कुछ श्रेणियों, जैसे defence और कुछ premium salary ग्राहकों को पूरी, और सरकारी कर्मचारियों या ऊंचे credit score वालों को 50% छूट बताई गई है.
छूट का वादा मौखिक नहीं, KFS या sanction letter में लिखा होना चाहिए. Festive offers भी आते हैं, पर उनकी शर्तें बैंक की official website पर ही जांचें.

Step 5: Disbursal के बाद कटौती मिलाएं
पैसा आने पर bank statement और loan account statement देखें. कटी हुई रकम KFS में लिखी fee और GST से मिलानी चाहिए. बिना बताए insurance premium या दूसरा charge कटा हो तो तुरंत lender को लिखें.
Loan के सभी कागज़, KFS, sanction letter और repayment schedule की copy संभालकर रखें. शिकायत में यही सबूत काम आते हैं.

Personal loan की processing fee जांचने और कम करवाने का तरीका
Step 1: KFS पढ़ें
Offer स्वीकार करने से पहले KFS में processing fee, GST, APR और दूसरे charges देखें.
Step 2: कुल लागत निकालें
कुल EMI में से loan राशि घटाकर fee और GST जोड़ें, APR से मिलाएं.
Step 3: Offers मिलाएं
कम से कम दो lenders के KFS लेकर सबसे कम APR वाला offer चुनें.
Step 4: Waiver मांगें
दूसरे offer या salary account के आधार पर fee कम करवाएं और लिखित में लें.
Step 5: कटौती जांचें
Disbursal के बाद कटी रकम KFS से मिलाएं, गड़बड़ी हो तो lender को लिखें.
क्या Processing Fee वापस मिलती है
ज़्यादातर lenders की नीति में processing fee non-refundable होती है. आम तौर पर यह disbursal के समय कटती है, इसलिए loan reject होने पर आम तौर पर कोई fee नहीं कटती. अगर किसी lender ने आवेदन के समय ही fee ली है, तो उसकी refund नीति KFS या आवेदन की शर्तों में देखें.
सबसे बड़ा खतरा “advance fee” वाले ठग हैं. कोई agent, WhatsApp या फोन पर “loan पास कराने” के नाम पर पहले file charge, GST या insurance के पैसे मांगे, तो यह fraud का आम तरीका है. असली bank या NBFC fee को KFS में लिखकर loan राशि से काटते हैं या अपने official खाते में लेते हैं.
आम समस्याएं और उनका समाधान
| समस्या | संभावित कारण | क्या करें |
|---|---|---|
| खाते में उम्मीद से कम पैसा आया | Processing fee, GST या insurance कटा | KFS से कटौती मिलाएं, बिना सहमति वाला insurance हटवाने को लिखें |
| KFS में fee अलग, कटौती अलग | गलत charge या गलत गणना | Lender के grievance officer को लिखित शिकायत करें |
| Agent advance fee मांग रहा है | Advance fee fraud | पैसा न दें, 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें |
| APR बहुत ज़्यादा लग रहा है | ऊंची fee या छोटी अवधि | दूसरे lender का offer लें या अवधि और राशि बदलकर देखें |
| 30 दिन में जवाब नहीं मिला | Lender ने शिकायत नहीं सुलझाई | RBI CMS पर शिकायत करें या 14448 पर कॉल करें |

बिहार के borrowers के लिए Personal Loan Processing Fee की समझ
बिहार में बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षक, पुलिसकर्मी और दूसरे सरकारी कर्मचारी salary account वाले bank से ही loan लेते हैं. ऐसे में सबसे पहले अपने bank का pre-approved offer और उस पर मिलने वाली fee छूट देखें.
- सरकारी कर्मचारी: SBI जैसे banks में आपकी श्रेणी के लिए fee छूट हो सकती है, branch में लिखित offer मांगें.
- छोटे व्यापारी और self-employed: NBFC या app से loan लेने से पहले उसी राशि पर bank का offer भी देखें, क्योंकि app lenders की fee अक्सर ज़्यादा होती है.
- गांव में agent: “File charge” या “approval fee” के नाम पर नकद पैसा कभी न दें.
- छोटी ज़रूरत: ₹50,000 जैसी छोटी राशि पर fixed fee बहुत भारी पड़ सकती है, इसलिए APR ज़रूर देखें.
Loan की राशि के हिसाब से विस्तृत तुलना के लिए 5 Lakh Personal Loan की EMI और bank तुलना और 50000 Personal Loan गाइड पढ़ें. App lenders की शर्तें समझने के लिए Kissht Personal Loan App और InCred Personal Loan वाले लेख देखें.
💡 प्रो टिप: Loan की राशि बढ़ाकर “fee का प्रतिशत” कम दिखाने के झांसे में न आएं. ज़रूरत से ज़्यादा loan लेने पर fee और ब्याज दोनों बढ़ते हैं. जितनी ज़रूरत हो उतना ही loan लें और हमेशा KFS में दिया APR दो offers के बीच मिलाकर फैसला करें.
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Personal Loan Processing Fee कितनी होती है?
Official websites के अनुसार यह lender के हिसाब से शून्य से 5% तक हो सकती है, जैसे IDFC FIRST Bank में शून्य, SBI में 1.50% तक (अधिकतम ₹15,000), HDFC में ₹6,500 तक और Kotak में 5% तक. इस पर 18% GST अलग से लगता है.
क्या processing fee पर GST लगता है?
हां, processing fee एक सेवा शुल्क है, इसलिए इस पर 18% GST लगता है. Loan के मूलधन और ब्याज पर GST नहीं लगता.
Processing fee कब कटती है?
ज़्यादातर lenders disbursal के समय loan राशि से fee और GST काट लेते हैं. EMI पूरी sanctioned राशि पर बनती है.
क्या processing fee वापस मिलती है?
आम तौर पर processing fee non-refundable होती है. Lender की refund नीति KFS और loan agreement में देखें.
किस bank में personal loan की processing fee सबसे कम है?
IDFC FIRST Bank की website पर processing fee शून्य बताई गई है. बड़ी राशि पर HDFC की ₹6,500 तक की fixed सीमा भी फायदेमंद हो सकती है.
KFS में लिखी fee से ज़्यादा पैसा कटे तो क्या करें?
RBI के नियमों के अनुसार KFS में न लिखा charge आपकी सहमति के बिना नहीं लिया जा सकता. पहले lender को लिखित शिकायत करें, 30 दिन में हल न हो तो cms.rbi.org.in पर या 14448 पर शिकायत करें.
निष्कर्ष
Personal Loan Processing Fee छोटी दिखती है, लेकिन यह loan की असली लागत को काफी बढ़ा सकती है, खासकर छोटी अवधि के loan में. 2026 में official जानकारी के अनुसार यह शून्य से 5% तक है और उस पर 18% GST अलग से लगता है.
इसलिए offer चुनते समय ब्याज दर के साथ KFS में दिया APR और कुल लागत देखें, fee छूट लिखित में लें और disbursal के बाद कटौती मिलाएं. कोई भी अतिरिक्त charge कटे तो पहले lender और फिर RBI के पास शिकायत करने का अधिकार आपके पास है.
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है, किसी loan को लेने की सलाह नहीं. Fees, GST और नियम lenders और नियामक द्वारा बदले जा सकते हैं. आवेदन से पहले lender की official website और अपने Key Fact Statement में ताज़ा जानकारी ज़रूर जांचें.










