पिछले एक साल में UPI से जुड़े इतने नियम बदले हैं कि आम आदमी उलझ गया है. कोई कहता है अब हर payment पर fingerprint लगेगा, कोई कहता है UPI पर charge लगने वाला है, तो कोई balance check की सीमा से परेशान है. WhatsApp पर घूम रहे आधे-अधूरे messages इस उलझन को और बढ़ा देते हैं.
New UPI Rules को समझने का सबसे आसान तरीका है हर नियम को उसकी तारीख, उसके official स्रोत और आप पर असर के साथ देखना. इस लेख में हमने RBI, NPCI और सरकार के official फैसलों के आधार पर 2025-26 के सभी बड़े बदलाव एक जगह रखे हैं, और साथ में यह भी बताया है कि कौन सी बातें अफवाह हैं.
आखिर में 3 steps में यह भी जानिए कि इन नियमों के हिसाब से अपना UPI सुरक्षित और बिना रुकावट वाला कैसे रखें.
इस लेख में आप जानेंगे
✔ 1 अप्रैल 2026 से लागू RBI के authentication नियम का असली मतलब
✔ Balance check, status check और AutoPay timing की NPCI सीमाएं
✔ Merchant payments की नई ऊंची limits और categories
✔ ATM पर UPI withdrawal और BSBD खातों के नए नियम
✔ Merchant MDR का प्रस्ताव और उसकी ताज़ा स्थिति
✔ नए नियमों के हिसाब से अपना UPI तैयार करने के 3 steps
ताज़ा अपडेट (30 अक्टूबर 2026)
NPCI ने ₹2,000 से ऊपर के कुछ merchant (P2M) UPI payments पर merchant discount rate (MDR) लागू करने की 15 अक्टूबर 2026 की तारीख टाल दी है. NPCI के मुताबिक यह Diwali के तुरंत बाद लागू होगा और नई तारीख अलग से बताई जाएगी. यह शुल्क दुकानदार पर है, ग्राहक पर नहीं.
मुख्य जानकारी एक नज़र में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| सबसे बड़ा बदलाव | RBI के Authentication Mechanisms Directions, 1 अप्रैल 2026 से |
| App usage सीमाएं | NPCI, 1 अगस्त 2025 से (balance check 50 प्रति app प्रति दिन) |
| P2P collect request | 1 अक्टूबर 2025 से बंद |
| ऊंची merchant limits | 15 सितंबर 2025 से, कुछ categories में ₹10 लाख प्रति दिन तक |
| Merchant MDR | ₹2,000 से ऊपर कुछ P2M पर प्रस्तावित, Diwali के बाद |
| Official website | rbi.org.in, npci.org.in |
| अंतिम अपडेट | 30 अक्टूबर 2026 |
New UPI Rules 2026: कौन सा नियम कब से लागू
नीचे की table में हर बड़ा बदलाव उसकी लागू होने की तारीख के साथ है. ध्यान दें कि कई नियम 2025 में आए थे और 2026 में भी लागू हैं, इसलिए इन्हें “2026 के नियम” कहकर फैलाया जाता है.
| नियम | कब से | किसका फैसला |
|---|---|---|
| RBI Authentication Directions (2 factor, एक dynamic) | 1 अप्रैल 2026 | RBI |
| Balance check, list account, status check और AutoPay timing सीमाएं | 1 अगस्त 2025 | NPCI |
| QR पर पाने वाले का असली नाम दिखाना | 30 जून 2025 तक पालन | NPCI |
| कुछ merchant categories में ₹5 लाख प्रति लेनदेन, ₹10 लाख प्रति दिन | 15 सितंबर 2025 | NPCI |
| P2P collect request बंद | 1 अक्टूबर 2025 | NPCI |
| BSBD खाते में UPI, NEFT, IMPS जैसे digital लेनदेन free withdrawal गिनती से बाहर | 1 अप्रैल 2026 | RBI |
| कुछ banks में UPI ATM withdrawal free ATM सीमा में शामिल | 1 अप्रैल 2026 | Bank (जैसे HDFC Bank) |
| ₹2,000 से ऊपर कुछ P2M पर merchant MDR | Diwali 2026 के बाद (तारीख बाकी) | NPCI और सरकार |
| एक app के 30% market share की सीमा का पालन | 31 दिसंबर 2026 तक | NPCI |

RBI का नया authentication नियम: हर payment पर क्या बदला
RBI ने 25 सितंबर 2025 को Authentication Mechanisms for Digital Payment Transactions Directions, 2025 जारी किए, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं. इनके तहत देश के अंदर हर digital payment में कम से कम दो अलग-अलग authentication factor होने चाहिए, और इनमें से एक dynamic होना चाहिए, यानी हर लेनदेन के लिए अलग.
बहुत से messages में दावा किया गया कि अब हर UPI payment पर OTP और fingerprint दोनों लगेंगे. यह सही नहीं है. UPI में पहले से phone और SIM की device binding और UPI PIN मिलकर दो factor बनाते हैं. RBI ने SMS OTP भी बंद नहीं किया है, बल्कि banks को biometrics, software token जैसे नए विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है.


- Banks जोखिम के आधार पर अतिरिक्त जांच कर सकते हैं, जैसे नई जगह, नया device या असामान्य रकम पर.
- छोटी रकम के contactless card payment, e-mandate की बाद की किस्तें और NETC toll जैसी पुरानी छूट जारी हैं.
- अगर इन नियमों का पालन न होने से ग्राहक को नुकसान होता है, तो जारीकर्ता को पूरा मुआवज़ा देना होगा.
- Cross-border card-not-present लेनदेन की जांच के लिए card issuers को 1 अक्टूबर 2026 तक व्यवस्था करनी थी. यह नियम cards का है, UPI का नहीं.
इससे अलग, NPCI ने अक्टूबर 2025 में phone के fingerprint या face unlock से UPI payment approve करने का optional विकल्प शुरू किया, जिसकी शुरुआती सीमा ₹5,000 प्रति लेनदेन रखी गई. यह सुविधा app और bank के support पर निर्भर है.
Balance check, status check और AutoPay की नई सीमाएं
NPCI ने system पर बेवजह के load को कम करने के लिए 1 अगस्त 2025 से कुछ API सीमाएं लागू कीं. आम user पर इनका असर बहुत कम है, लेकिन बार-बार refresh करने वालों को फर्क दिख सकता है.
| सुविधा | सीमा |
|---|---|
| Balance check | एक app से प्रति दिन अधिकतम 50 बार |
| Bank account list देखना (list account) | एक app से प्रति दिन अधिकतम 25 बार |
| Pending लेनदेन का status check | 2 घंटे में अधिकतम 3 बार, हर बार के बीच कम से कम 90 सेकंड |
| AutoPay mandate का debit | सिर्फ non-peak समय में: सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे और रात 9:30 के बाद |
कई जगह “एक app में 25 से ज्यादा bank accounts link नहीं हो सकते” लिखा मिलता है, जो गलत है. 25 की सीमा bank account की list मंगाने वाले requests पर है, खाते जोड़ने की संख्या पर नहीं. AutoPay mandates और pre-debit सूचना के नियम हमारी गाइड UPI Mandate Kya Hai में विस्तार से हैं.

UPI transaction limits: कहां बढ़ी सीमा
आम person-to-person (P2P) UPI की सीमा ₹1 लाख प्रति दिन ही है. लेकिन NPCI ने 15 सितंबर 2025 से कुछ verified merchant categories में ऊंची सीमा की अनुमति दी, ताकि बड़े भुगतान UPI से हो सकें. आपके bank की अपनी सीमा इससे कम भी हो सकती है.
| Category | प्रति लेनदेन | प्रति दिन |
|---|---|---|
| Capital market, insurance | ₹5 लाख | ₹10 लाख |
| Travel | ₹5 लाख | ₹10 लाख |
| Government e-Marketplace (GeM), loan EMI | ₹5 लाख | ₹10 लाख |
| Credit card bill | ₹5 लाख | ₹6 लाख |
| Jewellery | ₹2 लाख | ₹6 लाख |
| Hospital और education (पहले से) | ₹5 लाख | Bank के नियम |
पूरी सीमाएं, नए user की शुरुआती ₹5,000 वाली सीमा और limit बढ़ाने का तरीका UPI Transaction Limit गाइड में है. Official घोषणा AIR News (NPCI P2M limits) पर देखी जा सकती है.
ATM पर UPI withdrawal और BSBD खाते के नियम
RBI के दिसंबर 2025 के BSBD संशोधन निर्देश 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं. इनके मुताबिक Basic Savings Bank Deposit खाते में हर महीने कम से कम 4 free withdrawals मिलेंगे, और UPI, NEFT, RTGS, IMPS और PoS जैसे digital लेनदेन इन withdrawals में नहीं गिने जाएंगे. यानी zero balance खाते से UPI payment करने पर free सीमा खत्म नहीं होती.
दूसरी तरफ ATM से UPI के जरिए cardless cash निकालने के नियम कुछ banks ने कड़े किए हैं. HDFC Bank ने 1 अप्रैल 2026 से UPI ATM withdrawal को debit card withdrawal की तरह मासिक free ATM सीमा में गिनना शुरू किया: अपने ATM पर 5, दूसरे bank के ATM पर metro में 3 और non-metro में 5 free. सीमा के बाद RBI की अनुमति के तहत प्रति लेनदेन अधिकतम ₹23 और GST तक शुल्क लग सकता है. दूसरे banks के नियम अलग हो सकते हैं.

ATM पर बिना card पैसा जमा करने की सुविधा UPI ICD के बारे में हमारी गाइड UPI ICD पढ़ें.
Merchant MDR: क्या UPI पर charge लगेगा
UPI से person-to-person पैसा भेजना पूरी तरह free है और ग्राहक से किसी UPI payment पर शुल्क नहीं लिया जाता. बहस merchant discount rate (MDR) की है, जो दुकानदार अपने bank को देता है. वित्तीय सेवा विभाग के FAQ के अनुसार प्रस्ताव में ₹2,000 से ऊपर के कुछ P2M लेनदेन पर 0.40% MDR (अधिकतम ₹300) और बिल, fuel, education जैसी कुछ categories में ₹5 का flat शुल्क है.
| लेनदेन | स्थिति |
|---|---|
| Person-to-person (P2P) transfer | कोई शुल्क नहीं |
| ₹2,000 तक के merchant payment | छूट |
| ₹2,000 से ऊपर के कुछ P2M | 0.40%, अधिकतम ₹300 (प्रस्तावित) |
| बिल, fuel, education जैसी कुछ categories | ₹5 flat (प्रस्तावित) |
| ग्राहक पर | कोई शुल्क नहीं, merchant इसे ग्राहक पर नहीं डाल सकता |
| लागू होने की तारीख | 15 अक्टूबर 2026 से टली, Diwali के बाद नई तारीख |

GST और MDR का पूरा हिसाब, और दुकानदारों पर इसका असर, हमारी गाइड GST on UPI Transaction में है. Wallet (PPI) से ₹2,000 से ऊपर के merchant payment पर 1 अप्रैल 2023 से जो interchange लगता है, वह भी merchant के bank पर है, ग्राहक पर नहीं.
30% market share की सीमा
NPCI ने दिसंबर 2024 में तय किया कि किसी एक third-party UPI app के 30% market share की सीमा का पालन 31 दिसंबर 2026 तक करना होगा. इसका आम user पर सीधा असर नहीं है. आप जो app चाहें इस्तेमाल करते रहें, लेकिन लंबे समय में दूसरे apps को बढ़ने का मौका मिल सकता है.
नए UPI नियमों के हिसाब से अपना UPI कैसे तैयार करें: Step-by-step
इन बदलावों से परेशान होने की जरूरत नहीं. नीचे के 3 steps से आपका UPI सुरक्षित भी रहेगा और नए नियमों की वजह से payment बीच में नहीं अटकेगा.
Step 1: UPI app update करें
Play Store या App Store खोलें, अपनी UPI app (BHIM, PhonePe, Google Pay, Paytm या bank की app) खोजें और Update पर tap करें. नए authentication और सुरक्षा बदलाव app के नए version में ही आते हैं. पुराने version में कई बार नए विकल्प नहीं दिखते या payment fail होता है.

Step 2: Phone lock और biometric विकल्प चालू करें
Phone में screen lock जरूर लगाएं और UPI app की settings में app lock या biometric का विकल्प देखें. जहां आपका bank और app support करें, वहां fingerprint या face से छोटे payments approve करने का विकल्प चालू कर सकते हैं. UPI PIN हमेशा गुप्त रखें, अगर किसी ने देख लिया हो तो तुरंत बदलें.

Step 3: AutoPay mandates और bank statement जांचें
UPI app में AutoPay या Mandates section खोलें और देखें कि कौन-कौन से subscriptions या EMI चल रहे हैं. जिनकी जरूरत नहीं, उन्हें Pause या Cancel करें. AutoPay अब non-peak समय में ही कटता है, इसलिए due date से पहले खाते में पर्याप्त balance रखें और महीने में एक बार bank statement जरूर देखें.

नए UPI नियमों के हिसाब से अपना UPI तैयार करने का तरीका
UPI app update करें
Play Store या App Store से अपनी UPI app का नया version install करें.
Lock और biometric चालू करें
Phone screen lock, app lock और जहां उपलब्ध हो वहां biometric विकल्प चालू करें.
AutoPay और statement जांचें
App के AutoPay section में mandates देखें, अनचाहे mandates रोकें और balance रखें.
अगर किसी बदलाव के बाद payment बार-बार fail हो रहा है, तो कारण और हल UPI Not Working गाइड में देखें.
Bihar के UPI users पर New UPI Rules का असर
Bihar में बहुत से लोग Jan Dhan और BSBD जैसे zero balance खातों से UPI इस्तेमाल करते हैं. BSBD के नए नियम उनके लिए राहत हैं, क्योंकि UPI payment अब free withdrawal की गिनती खत्म नहीं करते. छोटे दुकानदारों के लिए ₹2,000 तक के payments पर MDR की छूट का प्रस्ताव भी अहम है, क्योंकि किराना और रोज़मर्रा की ज्यादातर बिक्री इसी दायरे में आती है.
मान लीजिए Muzaffarpur का कोई कपड़ा व्यापारी त्योहार में ₹5,000 का एक बड़ा UPI payment लेता है. अगर उसकी category पर MDR लागू हुआ, तो 0.40% के हिसाब से लगभग ₹20 का शुल्क उसके bank के जरिए कटेगा, ग्राहक से कुछ नहीं लिया जाएगा. छोटे payments पर यह शुल्क प्रस्ताव में नहीं है.
- WhatsApp पर “UPI बंद होने वाला है” जैसे messages पर भरोसा न करें, official RBI या NPCI स्रोत देखें.
- ATM से UPI withdrawal करते समय अपने bank की free सीमा जान लें.
- AutoPay वाली EMI या subscription के लिए due date से पहले balance रखें.
- शिकायत के लिए पहले app, फिर bank, फिर RBI के cms.rbi.org.in का क्रम अपनाएं.
💡 प्रो टिप: Bank या NPCI की ओर से आने वाले असली नियम कभी भी “link पर click करके KYC update करें” या “PIN बताइए” जैसी मांग नहीं करते. नियम बदलने के नाम पर ऐसा कोई message आए तो उसे fraud मानें और 1930 पर रिपोर्ट करें.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
New UPI Rules 2026 में सबसे बड़ा बदलाव क्या है?
RBI के authentication नियम, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं. हर digital payment में दो factor और उनमें एक dynamic होना जरूरी है. UPI में device binding और UPI PIN से यह शर्त पूरी होती है.
क्या अब हर UPI payment पर OTP और fingerprint दोनों लगेंगे?
नहीं. RBI ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है. Bank जोखिम के आधार पर अतिरिक्त जांच कर सकते हैं, और biometric से payment एक optional विकल्प है.
क्या UPI से पैसे भेजने पर charge लगेगा?
ग्राहक के लिए नहीं. प्रस्तावित MDR सिर्फ ₹2,000 से ऊपर के कुछ merchant payments पर दुकानदार के लिए है, और इसकी तारीख Diwali 2026 के बाद तय होगी.
एक दिन में कितनी बार balance check कर सकते हैं?
NPCI के नियम के अनुसार एक UPI app से एक दिन में अधिकतम 50 बार.
AutoPay का पैसा किस समय कटता है?
NPCI के नियम के अनुसार AutoPay debit सिर्फ non-peak समय में होता है: सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे और रात 9:30 के बाद.
क्या BSBD या zero balance खाते में UPI payment free withdrawal में गिना जाता है?
नहीं. RBI के नए BSBD नियमों में UPI, NEFT, RTGS, IMPS और PoS जैसे digital लेनदेन free withdrawals की गिनती से बाहर हैं.
निष्कर्ष
New UPI Rules का मकसद UPI को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है, आम user पर बोझ डालना नहीं. 1 अप्रैल 2026 से authentication नियम, 2025 की NPCI app सीमाएं, ऊंची merchant limits, BSBD राहत और ATM के बदले नियम, यही असली बदलाव हैं. Merchant MDR अभी प्रस्ताव है और ग्राहक पर लागू नहीं होगा. App update रखें, PIN गुप्त रखें और कोई भी नई खबर official स्रोत से ही जांचें.
Official स्रोत: RBI: Authentication Mechanisms Directions, 2025 और NPCI: UPI Dispute Redressal.
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. RBI, NPCI और banks के नियम बदल सकते हैं, और MDR का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है. कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले अपने bank या official स्रोत से जानकारी जांचें. BiharMint किसी bank, NPCI या payment app से जुड़ा नहीं है.








