“1 तारीख से ₹2,000 से ज़्यादा के UPI payment पर 18% GST कटेगा.” ऐसे WhatsApp संदेश हर कुछ महीने घूमते हैं और इन्हें पढ़कर कई दुकानदार QR code हटाने की सोचने लगते हैं, तो ग्राहक नकद देने लगते हैं. सवाल सीधा है: GST on UPI Transaction का सच क्या है?
2026 में यह सवाल और जरूरी हो गया है, क्योंकि सरकार ने सितंबर 2026 में बड़े merchant payments पर MDR का एक नया ढांचा बताया है, जिसे फिलहाल टाल दिया गया है. इसके कारण GST, MDR, wallet fee और income tax की बातें आपस में उलझ गई हैं.
इस लेख में हमने वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग (DFS), NPCI और GST portal की official जानकारी के आधार पर हर स्थिति अलग-अलग समझाई है, ताकि आम user और दुकानदार दोनों सही फैसला ले सकें.
इस लेख में आप जानेंगे
✔ UPI payment की रकम पर GST लगता है या नहीं, सरकार का official जवाब
✔ MDR क्या है और GST सिर्फ MDR जैसे charges पर क्यों लगता है
✔ सितंबर 2026 का MDR प्रस्ताव: किस पर लगेगा, किस पर नहीं
✔ Wallet और RuPay credit card से भुगतान पर merchant के charges
✔ दुकानदार के लिए GST registration और income tax के नियम
✔ GST portal पर UPI से challan भरने का step-by-step तरीका
ताज़ा अपडेट (30 अक्टूबर 2026): वित्तीय सेवा विभाग के 15 सितंबर 2026 के FAQ में ₹2,000 से ऊपर के कुछ P2M UPI payments पर 0.4% MDR (₹300 की अधिकतम सीमा) का ढांचा बताया गया, जिसे 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना था. NPCI की steering committee ने इसे Diwali के बाद तक टाल दिया है और नई तारीख अलग से बताई जाएगी. ग्राहक से इस ढांचे में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.
मुख्य जानकारी एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| UPI payment की रकम पर GST | नहीं (वित्त मंत्रालय, 18 अप्रैल 2025) |
| GST किस पर लगता है | MDR जैसे service charges पर, जो merchant चुकाता है |
| Bank account से P2M UPI पर MDR | जनवरी 2020 से शून्य, 2026 का नया ढांचा टला हुआ |
| प्रस्तावित MDR | ₹2,000 से ऊपर 0.4%, अधिकतम ₹300 प्रति transaction |
| ग्राहक से शुल्क | नहीं, merchant MDR ग्राहक पर नहीं डाल सकता |
| Official website | financialservices.gov.in, npci.org.in, gst.gov.in |
| अंतिम अपडेट | 30 अक्टूबर 2026 |
GST on UPI Transaction: सरकार का official जवाब क्या है
18 अप्रैल 2025 को वित्त मंत्रालय ने उन खबरों को “पूरी तरह गलत, भ्रामक और बेबुनियाद” बताया जिनमें ₹2,000 से ज़्यादा के UPI payments पर GST लगाने की बात कही गई थी. मंत्रालय ने साफ कहा कि सरकार के सामने ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.
उसी बयान में मंत्रालय ने यह भी समझाया कि GST केवल कुछ payment instruments पर लगने वाले charges, जैसे MDR, पर लगता है. CBDT की gazette notification से जनवरी 2020 से P2M UPI पर MDR हटा दिया गया था, इसलिए UPI payments पर GST का सवाल ही नहीं बनता. यह बयान All India Radio News पर पढ़ा जा सकता है.
सीधे शब्दों में: आप UPI से ₹10 भेजें या ₹1 लाख, भेजी गई रकम पर कोई GST नहीं कटता. GST सेवा शुल्क पर लगने वाला tax है, पैसे के लेन-देन पर नहीं.

MDR क्या है और GST से इसका क्या संबंध है
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो दुकानदार या कंपनी अपने bank (acquiring bank) को digital payment स्वीकार करने की सेवा के बदले देता है. Debit card और credit card पर यह शुल्क लंबे समय से लगता आया है.

चूंकि MDR एक सेवा शुल्क है, इसलिए इस शुल्क पर GST लगता है और वह भी merchant ही चुकाता है. ग्राहक के payment की पूरी रकम पर GST नहीं लगता. यही वह बारीकी है जो अफवाहों में गायब हो जाती है.
सरकार UPI को बढ़ावा देने के लिए FY 2021-22 से कम रकम के BHIM-UPI P2M payments पर एक incentive scheme भी चला रही है, जिसमें पैसा banks को मिलता है, ग्राहक या दुकानदार से कुछ नहीं लिया जाता.
सितंबर 2026 का MDR प्रस्ताव: किस पर लगेगा, किस पर नहीं
वित्तीय सेवा विभाग के MDR वाले official FAQ में बताए ढांचे के मुख्य बिंदु नीचे हैं. ध्यान रहे, इसे अभी Diwali के बाद तक टाला गया है, इसलिए लागू होने की तारीख और अंतिम नियम बदल सकते हैं.
| Payment का प्रकार | प्रस्तावित MDR |
|---|---|
| P2P (व्यक्ति से व्यक्ति), self transfer | कोई शुल्क नहीं |
| ₹2,000 तक का कोई भी P2M payment | कोई MDR नहीं |
| छोटे P2PM merchant (UPI QR से हर महीने ₹1 लाख तक आमदनी) | शून्य MDR |
| ₹2,000 से ऊपर का सामान्य P2M payment | 0.4%, ₹75,000 और उससे ऊपर पर अधिकतम ₹300 |
| Railway, telecom, insurance, fuel, utility bill, education fee | ₹2,000 से ऊपर पर flat ₹5 प्रति transaction |
| Capital market (mutual fund, securities) | 0.02%, अधिकतम ₹300 |
| UPI AutoPay mandate | कोई MDR निर्धारित नहीं |
| RuPay credit card और credit line on UPI | इनके अलग नियम, यह MDR लागू नहीं |
FAQ के उदाहरण के अनुसार ₹3,000 के payment पर merchant का MDR ₹12 होगा, ₹50,000 पर ₹200 और ₹1 लाख पर ₹300. अगर इस सेवा शुल्क पर 18% GST मानें, तो ₹12 के MDR पर लगभग ₹2.16 GST बनेगा. यानी GST ₹3,000 पर नहीं, सिर्फ ₹12 के शुल्क पर लगेगा और वह भी merchant के खाते से. अंतिम GST राशि merchant के bank की invoice पर निर्भर करेगी.
FAQ में यह भी कहा गया है कि merchant MDR ग्राहक पर नहीं डाल सकता और UPI apps ग्राहक से platform fee नहीं ले सकतीं. अगर कोई दुकानदार UPI के नाम पर अलग से “GST” या “charge” मांगे, तो उससे bill मांगें और ज़रूरत हो तो शिकायत करें.

₹2,000 वाली अफवाह कहां से आई: wallet और credit card का सच
₹2,000 का आंकड़ा कई अलग नियमों में आता है, इसलिए लोग इन्हें एक-दूसरे से मिला देते हैं.
- Wallet (PPI) से merchant payment: NPCI के मार्च 2023 के नियम के तहत 1 अप्रैल 2023 से wallet से ₹2,000 से ऊपर के merchant payments पर 1.1% तक interchange fee लगती है. यह fee merchant का bank देता है, ग्राहक नहीं. Bank account से सीधे किए गए UPI payment पर यह लागू नहीं होती.
- RuPay credit card on UPI: छोटे merchants पर ₹2,000 तक MDR नहीं लगता, उससे ऊपर merchant category के हिसाब से MDR लग सकता है. ग्राहक से इसका कोई शुल्क नहीं लिया जाता. विस्तार से RuPay Credit Card UPI Charges लेख में पढ़ें.
- 2026 का MDR प्रस्ताव: यह भी ₹2,000 से ऊपर के कुछ P2M payments की बात करता है और यह भी merchant पर है.
तीनों मामलों में एक बात साझा है: ग्राहक की जेब से कोई GST नहीं कटता. और किसी भी मामले में कुल payment राशि पर 18% GST नहीं लगता.
| स्थिति | ग्राहक का शुल्क | Merchant का शुल्क |
|---|---|---|
| Bank account से P2P | शून्य | लागू नहीं |
| Bank account से P2M (अभी) | शून्य | शून्य MDR |
| Wallet से P2M, ₹2,000 से ऊपर | शून्य | Interchange का असर merchant के bank पर |
| RuPay credit card से P2M | शून्य | Category के हिसाब से MDR + उस पर GST |
| Payment gateway से online business | आमतौर पर शून्य | Gateway का service fee + उस पर GST |
दुकानदार के लिए GST registration और income tax के नियम
UPI पर GST न लगने का मतलब यह नहीं कि business की कमाई tax-free है. UPI, cash या card, किसी भी तरीके से आई बिक्री आपका turnover है. GST का सवाल आपके कुल turnover से तय होता है, payment के तरीके से नहीं.
| Business का प्रकार | Bihar जैसे सामान्य राज्यों में GST registration सीमा |
|---|---|
| केवल सामान (goods) बेचने वाले | सालाना turnover ₹40 लाख से ज़्यादा |
| Service देने वाले | सालाना turnover ₹20 लाख से ज़्यादा |
| विशेष श्रेणी के कुछ राज्य | कम सीमा (goods ₹20 लाख, services ₹10 लाख) |
कुछ वस्तुओं के व्यापार पर ₹40 लाख वाली छूट लागू नहीं होती और कुछ हालात में, जैसे दूसरे राज्य में माल भेजने पर, registration पहले से ज़रूरी हो सकता है. इसलिए अपने काम के हिसाब से CA या GST practitioner से पुष्टि करें.
Income tax के लिए UPI से आई business की कमाई भी उतनी ही taxable है जितनी cash की. Digital payment का फायदा यह है कि हर entry का record बनता है, जिससे हिसाब रखना और ITR भरना आसान होता है. Personal खाते में दोस्तों या परिवार से आए पैसे और business की बिक्री को अलग रखने के लिए business के लिए अलग खाता और अलग QR रखना समझदारी है.
GST portal पर UPI से GST कैसे भरें: Step-by-step
GSTN ने जनवरी 2024 की advisory में GST challan का भुगतान credit card, debit card और UPI से करने की सुविधा शुरू की थी, जो धीरे-धीरे राज्यों में फैली. सितंबर 2025 की जानकारी के अनुसार यह सुविधा Bihar समेत 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध है. Portal पर बटन के नाम समय के साथ थोड़े बदल सकते हैं.
Step 1: GST portal पर Login करके Create Challan खोलें
gst.gov.in पर अपने username और password से Login करें. फिर Services में Payments और उसके बाद Create Challan पर जाएं. Challan का कारण चुनें और CGST, SGST, IGST या cess के खानों में सही रकम भरें.

Step 2: Payment mode में E-Payment और UPI चुनें
Payment Modes में E-Payment चुनें. जहां सुविधा चालू है, वहां Net Banking के साथ CC/DC और UPI का विकल्प दिखता है. UPI चुनें, सूची में से कोई अधिकृत bank gateway चुनें और शर्तें स्वीकार करके Generate Challan या Make Payment पर क्लिक करें.

Step 3: UPI app से payment करें और receipt संभालें
Bank के payment page पर QR scan करें या अपना UPI ID डालें, फिर अपनी UPI app में आई request को UPI PIN से approve करें. Payment सफल होने पर CIN वाली challan receipt download करके रखें और electronic cash ledger में entry जांच लें. बड़ी रकम हो तो ध्यान रखें कि tax payment पर UPI की सीमा ₹5 लाख प्रति transaction है.

GST portal पर challan बनाकर UPI से GST भरने का तरीका.
GST portal पर Login करके Create Challan खोलें
gst.gov.in पर Login करें, Services में Payments और फिर Create Challan चुनें, कारण और tax की रकम भरें.
E-Payment में UPI चुनें
Payment Modes में E-Payment, फिर UPI और अधिकृत bank gateway चुनकर challan generate करें.
UPI PIN से payment करें और receipt रखें
QR scan करें या UPI ID डालें, UPI PIN से approve करें और CIN वाली receipt download करें.
💡 प्रो टिप: अगर आप दुकानदार हैं, तो घर के खर्च और दुकान की बिक्री के लिए अलग bank account और अलग UPI QR रखें. साल के अंत में business वाले खाते का statement ही आपका turnover बता देगा, जिससे GST सीमा पार हुई या नहीं और ITR में कितनी कमाई दिखानी है, दोनों सवालों का जवाब आसानी से मिल जाएगा.
Bihar के दुकानदारों और ग्राहकों के लिए क्या मतलब है
Bihar के ज़्यादातर छोटे दुकानदार, सब्ज़ी वाले, किराना दुकानें और चाय की दुकानें निजी UPI QR (P2PM) पर payment लेती हैं. DFS के FAQ के अनुसार ऐसे merchants जिनकी UPI QR से मासिक आमदनी ₹1 लाख तक है, उन पर प्रस्तावित MDR शून्य रहेगा, और इसके लिए GST registration की ज़रूरत नहीं है. अगर लगातार तीन महीने आमदनी ₹1 लाख से ऊपर जाए, तो merchant P2M श्रेणी में जा सकता है.
ग्राहकों के लिए संदेश साफ है: UPI से भुगतान पर आपसे कोई GST या extra charge नहीं लिया जा सकता. GST सिर्फ सामान या सेवा के bill पर लगता है, चाहे आप cash दें या UPI. अगर किसी दुकान पर UPI के नाम से surcharge मांगा जाए, तो पक्का bill मांगें.
फर्जी GST संदेशों और fraud से कैसे बचें
- किसी भी “GST on UPI” संदेश पर भरोसा करने से पहले PIB, वित्त मंत्रालय या NPCI की official जानकारी देखें.
- “GST refund के लिए UPI PIN डालें” जैसे संदेश सीधा fraud हैं, क्योंकि PIN सिर्फ पैसा भेजने के लिए डाला जाता है.
- GST का भुगतान सिर्फ gst.gov.in पर बने challan से करें, किसी व्यक्ति के निजी UPI ID पर नहीं.
- ठगी होने पर तुरंत 1930 पर call करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें.
Fake payment apps और नकली screenshot पहचानने के तरीके हमारे लेख Fake UPI Payment App कैसे पहचानें में हैं. बड़े tax payment की सीमा और बाकी UPI limits UPI Transaction Limit 2026 में विस्तार से दी गई हैं, और 2026 के बाकी बदलाव UPI Rule Change 2026 में पढ़ें.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या 2026 में GST on UPI Transaction लगता है?
नहीं. UPI से भेजी गई रकम पर GST नहीं लगता. वित्त मंत्रालय ने 18 अप्रैल 2025 को ₹2,000 से ऊपर के UPI पर GST की खबरों को गलत और बेबुनियाद बताया था.
फिर GST किस चीज़ पर लगता है?
GST MDR जैसे service charges पर लगता है, जो merchant अपने bank को देता है. Bank account से P2M UPI पर जनवरी 2020 से MDR शून्य है, इसलिए उस पर GST का सवाल नहीं बनता.
नया UPI MDR कब से लागू होगा?
वित्तीय सेवा विभाग के ढांचे के अनुसार इसे 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना था, लेकिन NPCI की steering committee ने इसे Diwali के बाद तक टाल दिया है. नई तारीख अलग से बताई जाएगी.
क्या दुकानदार UPI payment पर ग्राहक से extra charge ले सकता है?
DFS के FAQ के अनुसार merchant MDR ग्राहक पर नहीं डाल सकता और UPI apps ग्राहक से platform fee नहीं ले सकतीं. ऐसा हो तो bill मांगें और शिकायत करें.
क्या UPI से GST challan भर सकते हैं?
हां. gst.gov.in पर Create Challan के बाद E-Payment में UPI चुनकर भुगतान किया जा सकता है. सितंबर 2025 से यह सुविधा Bihar में भी उपलब्ध है. Tax payment पर UPI की सीमा ₹5 लाख प्रति transaction है.
UPI से आई दुकान की कमाई पर tax लगता है?
हां. Business की कमाई किसी भी तरीके से आए, वह income tax के लिए गिनी जाती है. GST registration turnover पर निर्भर है, Bihar जैसे राज्यों में सामान के लिए ₹40 लाख और सेवा के लिए ₹20 लाख.
निष्कर्ष
GST on UPI Transaction का सीधा जवाब यह है कि UPI से भेजी गई रकम पर GST नहीं लगता, न ₹2,000 से कम पर और न उससे ज़्यादा पर. GST सिर्फ MDR जैसे service charges पर लगता है, जो merchant चुकाता है. सितंबर 2026 का MDR प्रस्ताव अभी टला हुआ है, और लागू होने पर भी यह ग्राहक पर नहीं, merchant पर होगा.
दुकानदारों को अपना turnover, GST सीमा और income tax का हिसाब साफ रखना चाहिए, और ग्राहकों को WhatsApp की अफवाहों की जगह official स्रोत पर भरोसा करना चाहिए. नए MDR की तारीख घोषित होने पर हम यह लेख update करेंगे.
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और tax सलाह नहीं है. GST, MDR और UPI नियम सरकार, RBI और NPCI द्वारा बदले जा सकते हैं. अपने business के GST और income tax मामलों के लिए योग्य CA या GST practitioner से सलाह लें.








