दुकान पर QR scan किया, PIN डाला और पैसा चला गया. बाद में पता चला कि QR ही नकली था. ऐसी ठगी इसलिए होती थी क्योंकि payment से पहले screen पर वह नाम दिखता था जो QR या app में लिखा होता, असली bank account वाले का नहीं.
इसी खामी को बंद करने वाला UPI Rule Change यह है कि अब UPI apps payment से पहले सिर्फ वही नाम दिखाते हैं जो bank के core banking record में दर्ज है. QR से निकला नाम, contact में save किया nickname या user का लिखा नाम अब confirmation screen पर नहीं दिखता.
इस लेख में हम बताएंगे कि यह नियम असल में कब और किस circular से आया, ग्राहक और दुकानदार को क्या करना है, और 2025-26 में UPI के बाकी कौन से बड़े नियम बदले हैं. Bihar के छोटे दुकानदारों के लिए अलग से ज़रूरी बातें भी दी गई हैं.
इस लेख में आप जानेंगे
✔ Bank-registered नाम दिखाने वाला नियम क्या है और कब से लागू है
✔ QR scan करके सुरक्षित payment करने का Step-by-Step तरीका
✔ दुकानदारों को अपने QR और account के लिए क्या करना चाहिए
✔ 2025-26 के दूसरे UPI बदलाव: limit, collect request, MDR
✔ गलत या फर्जी payment होने पर शिकायत कैसे करें
मुख्य जानकारी एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| नियम | Payment से पहले सिर्फ bank (CBS) में दर्ज payee नाम दिखेगा |
| Official आधार | NPCI circular NPCI/UPI/OC No-101A/2025-26, दिनांक 24 अप्रैल 2025 |
| Compliance की आखिरी तारीख | 30 जून 2025 |
| किन payments पर | P2P (व्यक्ति से व्यक्ति) और P2PM (छोटे दुकानदार जो personal account पर QR लेते हैं) |
| क्या बंद हुआ | QR से निकला नाम, user-defined nickname, नाम edit करने का option |
| Official website | npci.org.in |
| Last updated | 29 अक्टूबर 2026 |
ताज़ा अपडेट (29 अक्टूबर 2026): NPCI ने ₹2,000 से ऊपर के चुनिंदा P2M (merchant) UPI transactions पर MDR लागू करने की प्रक्रिया Diwali के बाद तक टाल दी है. नई तारीख अलग से notify होगी. P2P transfer पर कोई MDR नहीं है. स्रोत: All India Radio News, 15 अक्टूबर 2026.
UPI Rule Change क्या है: नाम दिखाने का नया नियम
UPI में payment से पहले “Validate Address” नाम की प्रक्रिया होती है. इसमें payer का app, payee के bank से पूछता है कि यह UPI ID किस account की है और उस account का नाम क्या है. NPCI के circular के अनुसार अब app को सिर्फ यही bank से आया नाम दिखाना है.
Circular में साफ लिखा है कि QR code से निकाले गए नाम, payee के लिए user के लिखे नाम या किसी और logic से बना नाम payer को नहीं दिखाया जाएगा. Apps को वह feature भी बंद करना है जिससे user beneficiary का नाम बदल सकता था.

तारीख को लेकर भ्रम: 1 जून 2026 या 30 जून 2025?
जून 2026 में कई खबरों में इसे “1 जून से लागू नया नियम” बताया गया. लेकिन ये रिपोर्ट किसी नए circular का हवाला नहीं देतीं. NPCI का मूल निर्देश OC-101A है, जो 24 अप्रैल 2025 को जारी हुआ और जिसकी compliance deadline 30 जून 2025 थी. यानी नियम पिछले साल से ही लागू है, ज़्यादातर apps में यह पहले से दिख रहा है.
आम user के लिए असली बात तारीख नहीं, आदत है. PIN डालने से पहले screen पर दिख रहा नाम पढ़ना अब सबसे बड़ा सुरक्षा कदम है.
पुराना तरीका बनाम नया नियम
| बिंदु | पहले | अब |
|---|---|---|
| Confirmation screen पर नाम | QR label, contact nickname या app का नाम भी दिख सकता था | सिर्फ bank record वाला नाम |
| नाम edit करना | कुछ apps में संभव | Option बंद |
| नकली QR की पहचान | मुश्किल | नाम मिलाकर आसानी से |
| छोटे दुकानदार (personal account) | दुकान का नाम दिखता था | Account holder का नाम दिखेगा |
| Registered merchant (current account / merchant QR) | Merchant नाम | Bank और merchant onboarding में दर्ज business नाम |
किसी भी app में पैसे गलत जगह न जाएं, इसके लिए Fake UPI Payment App कैसे पहचानें वाला लेख भी ज़रूर पढ़ें.
QR Scan करके सुरक्षित UPI Payment: Step-by-Step
नीचे के steps PhonePe, Google Pay, Paytm, BHIM या किसी भी UPI app में लगभग एक जैसे हैं. बटन के नाम app के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं.
Step 1: App में Scan QR खोलें
App के home screen पर “Scan any QR” या scanner icon पर tap करें. QR को camera के फ्रेम में रखें. अगर QR पर कोई दूसरा sticker चिपका दिखे या कटा-फटा हो, तो scan करने से पहले दुकानदार से पूछ लें.

Step 2: Screen पर दिख रहा नाम मिलाएं
Scan के बाद amount वाली screen पर payee का नाम आता है. यही bank में दर्ज नाम है. अगर दुकान का नाम “गुप्ता किराना” है और screen पर किसी बिल्कुल अनजान व्यक्ति या कंपनी का नाम है, तो रुकें और दुकानदार से पुष्टि करें.

Step 3: राशि भरें और UPI PIN डालें
नाम सही लगे तभी amount भरें और “Pay” या “Proceed” दबाएं. UPI PIN सिर्फ पैसे भेजने के लिए डाला जाता है. पैसा लेने के लिए कभी PIN नहीं डालना पड़ता, इसलिए कोई “पैसा receive करने” के नाम पर PIN मांगे तो वह ठगी है.

Step 4: Receipt और UTR नंबर संभालें
Payment सफल होने पर screen पर 12 अंकों का UPI Ref No. (UTR) आता है. इसका screenshot रखें या app की history से receipt share करें. शिकायत में यही नंबर काम आता है. विस्तार के लिए UPI UTR Number क्या होता है देखें.

QR scan करके नाम मिलाकर सुरक्षित UPI payment करने का तरीका
Step 1: Scan QR खोलें
UPI app में Scan any QR पर tap करें और QR scan करें.
Step 2: नाम मिलाएं
Screen पर दिख रहा bank-registered नाम दुकान या व्यक्ति से मिलाएं.
Step 3: Amount और PIN
नाम सही हो तभी amount भरें, Pay दबाएं और UPI PIN डालें.
Step 4: Receipt रखें
सफल payment का UTR नंबर और receipt सुरक्षित रखें.
दुकानदारों पर UPI Rule Change का असर
Bihar के कई छोटे दुकानदार अपने निजी savings account से बना QR इस्तेमाल करते हैं. नए नियम के बाद ग्राहक के phone पर दुकान का नहीं, account holder का नाम दिखेगा. नया ग्राहक इससे हिचक सकता है, इसलिए दुकानदार को पहले से तैयारी करनी चाहिए.
मान लीजिए गया में “शिव मोबाइल रिचार्ज” नाम की दुकान है और QR दुकानदार की पत्नी के savings account से जुड़ा है. अब ग्राहक के phone पर पत्नी का bank में दर्ज नाम दिखेगा. अगर काउंटर पर यह बात लिखी हो, तो ग्राहक बिना शक के payment कर देगा. न लिखी हो, तो ग्राहक रुक सकता है या नकद मांग सकता है.
| स्थिति | क्या करें |
|---|---|
| Personal account पर QR, नाम अलग दिखता है | QR के पास साफ लिखें कि payment किस नाम से दिखेगा |
| कारोबार बढ़ रहा है | Bank से current account या merchant QR के बारे में पूछें, ताकि business नाम दिखे |
| परिवार के किसी सदस्य का QR लगा है | अपने नाम के account का QR लगाएं, ताकि शक न हो |
| QR पुराना या धुंधला है | Bank या payment app से नया QR लें और नियमित जांचें कि कोई sticker न चिपका हो |
Savings और current account का फर्क समझने के लिए Saving Account vs Current Account वाला लेख मदद करेगा.
2025-26 के दूसरे बड़े UPI बदलाव
नाम वाले नियम के साथ पिछले डेढ़ साल में UPI में कुछ और अहम बदलाव भी हुए हैं. इन्हें एक साथ समझना ज़रूरी है ताकि अफवाहों से बचा जा सके.
| बदलाव | क्या हुआ | तारीख / स्थिति |
|---|---|---|
| Bank-registered नाम दिखाना | QR या nickname की जगह CBS नाम | Compliance 30 जून 2025 तक |
| Merchant limit | चुनिंदा verified categories में P2M payment एक दिन में ₹10 लाख तक | 15 सितंबर 2025 से |
| P2P limit | व्यक्ति से व्यक्ति transfer ₹1 लाख प्रति दिन, कोई बदलाव नहीं | जारी |
| P2P Collect request | दूसरे व्यक्ति से पैसा मांगने वाला collect request बंद | 1 अक्टूबर 2025 से |
| P2M पर MDR | ₹2,000 से ऊपर के चुनिंदा merchant payments पर MDR | Diwali 2026 के बाद, तारीख notify होगी |
Merchant limit की जानकारी All India Radio News पर उपलब्ध है. Collect request बंद होने से वह आम ठगी कमजोर हुई है जिसमें ठग “पैसा भेज रहा हूं” कहकर असल में collect request भेजते थे.
MDR से ग्राहक पर क्या असर
MDR वह fee है जो merchant अपने bank या payment company को देता है. All India Radio की रिपोर्ट के अनुसार P2P transfer पर कोई MDR नहीं है, ₹2,000 तक के P2M payment इससे बाहर हैं, और P2PM श्रेणी के छोटे दुकानदार जिनकी UPI QR से मासिक प्राप्ति ₹1 लाख तक है, उन पर zero MDR जारी रहेगा. अंतिम दर और तारीख NPCI की notification से ही मानें.
1 अप्रैल 2026 से लागू authentication से जुड़े बदलावों के लिए हमारा New UPI Rules 2026 वाला लेख पढ़ें.
गलत या फर्जी Payment हो जाए तो शिकायत कैसे करें
नाम दिखने के बावजूद गलती या ठगी हो सकती है. ऐसे में देर न करें, शुरुआती घंटे सबसे अहम होते हैं.
Step 1: ठगी हो तो तुरंत 1930 पर call करें
Cyber fraud की स्थिति में National Cyber Crime Helpline 1930 पर call करें या cybercrime.gov.in पर “Report Cyber Crime” में शिकायत दर्ज करें. UTR नंबर, तारीख, समय, राशि और payee का UPI ID तैयार रखें. जल्दी रिपोर्ट से पैसा रोके जाने की संभावना बढ़ती है.

Step 2: App और bank में dispute दर्ज करें
App की transaction history में उस payment को खोलें और “Help” या “Raise Dispute” चुनें. साथ में अपने bank को भी लिखित शिकायत दें. 30 दिन में हल न मिले या जवाब संतोषजनक न हो, तो RBI CMS portal पर Integrated Ombudsman में शिकायत कर सकते हैं.

Bihar के ग्राहकों और दुकानदारों के लिए खास सलाह
पटना, गया, मुज़फ़्फ़रपुर, भागलपुर जैसे शहरों के भीड़ वाले बाज़ार, बस स्टैंड और मेले नकली QR के लिए सबसे आसान जगह होते हैं. यहां payment करते समय screen पर नाम पढ़ने की आदत सबसे काम आती है.
- गांव या कस्बे में नए UPI user को परिवार का कोई सदस्य नाम मिलाने का तरीका एक बार सिखा दे.
- दुकानदार QR के पास bank में दर्ज नाम लिखकर लगाएं. इससे ग्राहक का भरोसा बढ़ता है.
- Payment के बाद दुकानदार “payment received” की आवाज़ या SMS देखकर ही सामान दें.
- कोई भी व्यक्ति “गलती से पैसा भेज दिया, वापस करो” कहे तो पहले अपने bank statement में जांचें.
💡 प्रो टिप: बड़ी रकम किसी नए व्यक्ति को भेजनी हो तो पहले ₹1 भेजकर नाम और account की पुष्टि करें, फिर बाकी राशि भेजें. Merchant payment में बिल पर लिखा नाम और screen का नाम मिलाकर ही PIN डालें.
आम गलतफहमियां और सच
| गलतफहमी | सच |
|---|---|
| नाम दिख रहा है तो payment 100% सुरक्षित है | नाम सिर्फ account की पहचान बताता है. ठग अपने असली नाम का account भी इस्तेमाल कर सकता है |
| सभी पुराने QR बदलने होंगे | ज़रूरी नहीं. QR वही रह सकता है, बस अब bank वाला नाम दिखेगा |
| इस नियम से UPI पर charge लगने लगा | नाम वाले नियम का charge से कोई संबंध नहीं. MDR merchant पर है और अभी टला हुआ है |
| पैसा लेने के लिए भी PIN डालना होता है | नहीं. PIN सिर्फ पैसा भेजने या mandate approve करने में लगता है |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
UPI Rule Change में असल में क्या बदला है?
UPI apps अब payment से पहले सिर्फ bank के core banking record में दर्ज payee का नाम दिखाते हैं. QR से निकला नाम या user का लिखा nickname नहीं दिखता. यह NPCI circular OC-101A/2025-26 के तहत है.
यह नियम कब से लागू है?
NPCI ने 24 अप्रैल 2025 को circular जारी किया और members को 30 जून 2025 तक इसे लागू करना था. जून 2026 की कुछ खबरों में इसे 1 जून से लागू बताया गया, पर मूल निर्देश 2025 का है.
दुकान का नाम क्यों नहीं दिख रहा?
अगर दुकानदार का QR उसके personal savings account से जुड़ा है, तो bank में दर्ज व्यक्ति का नाम दिखेगा. Business नाम दिखाने के लिए दुकानदार को business नाम वाले account या merchant QR की ज़रूरत होगी.
क्या UPI पर अब ग्राहक से charge लगेगा?
P2P transfer पर कोई MDR नहीं है. ₹2,000 से ऊपर के चुनिंदा merchant payments पर MDR का प्रस्ताव Diwali 2026 के बाद तक टला है और यह fee merchant की तरफ से है.
गलत नाम दिखे तो क्या करें?
Payment न करें. दुकानदार से पूछें, और अगर QR नकली लगे तो 1930 पर या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें.
UPI से एक दिन में कितना भेज सकते हैं?
P2P transfer की सीमा ₹1 लाख प्रति दिन है. चुनिंदा verified merchant categories में 15 सितंबर 2025 से एक दिन में ₹10 लाख तक भुगतान हो सकता है. आपका bank इससे कम limit भी रख सकता है.
निष्कर्ष
UPI Rule Change का मूल मकसद सीधा है: पैसा भेजने से पहले आपको पता हो कि वह किसके bank account में जा रहा है. यह नियम NPCI के अप्रैल 2025 के circular से आया और 30 जून 2025 की deadline के बाद से apps में लागू है.
ग्राहक के लिए सबसे ज़रूरी आदत है PIN डालने से पहले नाम पढ़ना. दुकानदार के लिए ज़रूरी है कि QR और account का नाम ग्राहकों को साफ बताएं. MDR जैसे नए बदलावों की अंतिम जानकारी हमेशा NPCI या अपने bank से ही लें.
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है. UPI नियम, limits और charges NPCI और banks समय-समय पर बदलते हैं. किसी भी निर्णय से पहले npci.org.in या अपने bank की आधिकारिक जानकारी देखें.









