पटना में चाय की दुकान से लेकर बेंगलुरु के मॉल तक QR code हर जगह दिखता है. फिर भी कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या सच में पूरा देश UPI से भुगतान कर रहा है, या यह बड़े शहरों तक सीमित कहानी है. Bihar के छोटे दुकानदार भी यही पूछते हैं कि ग्राहक QR scan क्यों नहीं करते.
UPI Payment के ताज़ा NPCI आंकड़े इस सवाल का साफ जवाब देते हैं. देश में हर महीने 24 अरब से ज़्यादा transactions हो रहे हैं, लेकिन इनका बड़ा हिस्सा कुछ गिने-चुने शहरी जिलों और राज्यों से आता है. इस लेख में हम official data के आधार पर बताएंगे कि कौन से शहर आगे हैं, Bihar की असली रैंक क्या है और कस्बों में cash अब भी क्यों चलता है.
साथ ही, अगर आपका कोई UPI Payment अटक जाए, गलत account में चला जाए या ठगी हो जाए, तो शिकायत का सही क्रम क्या है, यह भी Step-by-Step समझाया गया है.
इस लेख में आप जानेंगे
✔ सितंबर 2026 में UPI Payment का कुल volume और value कितना रहा
✔ किन शहरी जिलों और राज्यों का UPI में सबसे बड़ा हिस्सा है
✔ NPCI state-wise data में Bihar की रैंक और हिस्सेदारी
✔ शहर बनाम कस्बे में UPI इस्तेमाल का फर्क और उसके कारण
✔ Failed या गलत UPI Payment की शिकायत का Step-by-Step तरीका
✔ RBI के refund नियम: कब पैसा अपने आप लौटता है और कब मुआवज़ा मिलता है
मुख्य जानकारी एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| सितंबर 2026 UPI volume | 24.07 अरब transactions (साल-दर-साल 23% बढ़त) |
| सितंबर 2026 UPI value | ₹29.37 लाख करोड़ (साल-दर-साल 18% बढ़त) |
| औसत रोज़ाना transactions | करीब 80.2 करोड़ (802 million) |
| सबसे बड़ा शहरी जिला | Bengaluru Urban, देश के कुल UPI transactions का 2.86% |
| सबसे बड़ा राज्य (जून 2026) | Maharashtra, volume में 9.78% हिस्सा |
| Bihar (जून 2026) | 10वां स्थान, 50.28 करोड़ transactions, volume में 2.21% हिस्सा |
| Official website | npci.org.in (UPI Product Statistics) |
| Last updated | 30 अक्टूबर 2026 |
ताज़ा अपडेट (30 अक्टूबर 2026): NPCI के अनुसार सितंबर 2026 में UPI Payment की संख्या 24.07 अरब रही, जो अगस्त के 24.51 अरब से थोड़ी कम है. इसकी बड़ी वजह यह है कि सितंबर में 30 दिन थे. रोज़ाना औसत transactions अगस्त के 79.1 करोड़ से बढ़कर 80.2 करोड़ हो गए. अक्टूबर 2026 के आंकड़े NPCI नवंबर की शुरुआत में जारी करेगा.
UPI Payment का ताज़ा आंकड़ा: हर महीने 24 अरब से ज़्यादा लेनदेन
NPCI (National Payments Corporation of India) हर महीने UPI के कुल transactions और उनकी कीमत जारी करता है. ये आंकड़े NPCI की UPI Product Statistics page पर मिलते हैं. अगस्त 2026 में UPI ने अब तक का सबसे ऊंचा मासिक volume, 24.51 अरब transactions, दर्ज किया था.
| महीना | Volume | Value | रोज़ाना औसत volume | रोज़ाना औसत value |
|---|---|---|---|---|
| अगस्त 2026 | 24.51 अरब | ₹29.82 लाख करोड़ | 79.1 करोड़ | ₹96,205 करोड़ |
| सितंबर 2026 | 24.07 अरब | ₹29.37 लाख करोड़ | 80.2 करोड़ | ₹97,913 करोड़ |
इन आंकड़ों से साफ है कि UPI अब भारत का सबसे बड़ा retail payment तरीका है. लेकिन कुल संख्या यह नहीं बताती कि भुगतान देश के किस हिस्से से हो रहा है. इसके लिए NPCI का state-wise data और जिलों पर आई रिपोर्ट देखनी होती है.

किन शहरों का UPI में दबदबा है
Moneycontrol की एक रिपोर्ट, जो NPCI के जिला-स्तरीय data पर आधारित है, बताती है कि UPI इस्तेमाल अब भी शहरी जिलों में केंद्रित है. रिपोर्ट के मुताबिक देश के कुल UPI Payment में तीन जिलों का हिस्सा सबसे ज़्यादा है.
| जिला | राज्य | देश के कुल UPI transactions में हिस्सा |
|---|---|---|
| Bengaluru Urban | Karnataka | 2.86% |
| Mumbai Suburban | Maharashtra | 2.49% |
| Pune | Maharashtra | 1.86% |
सुनने में 2.86% छोटा लगता है, पर भारत में 700 से ज़्यादा जिले हैं. एक जिले से पूरे देश के लगभग 3% transactions आना बताता है कि वहां डिजिटल भुगतान कितना घना है. इन शहरों में IT और service sector की नौकरियां, बाहर से आए कामकाजी लोग, छात्र और बड़ी संख्या में online कारोबार हैं.
Karnataka और Telangana में भी शहर ही आगे
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि Karnataka और Telangana जैसे डिजिटल रूप से आगे माने जाने वाले राज्यों में भी UPI Payment का बड़ा हिस्सा राजधानी और आसपास के जिलों से आता है. यानी राज्य की रैंक ऊंची होने का मतलब यह नहीं कि उसके हर जिले में बराबर इस्तेमाल है. किसी राज्य के भीतर जिलों का सटीक प्रतिशत NPCI के सार्वजनिक data में हर राज्य के लिए उपलब्ध नहीं है.
राज्यवार UPI आंकड़े: Maharashtra सबसे आगे
NPCI राज्यों के हिसाब से भी UPI usage का data जारी करता है. जून 2026 के state-wise आंकड़ों के अनुसार टॉप 10 राज्य इस तरह रहे. प्रतिशत देश के कुल transactions के अनुपात में हैं.
| रैंक | राज्य | Volume (करोड़) | Volume हिस्सा | Value हिस्सा |
|---|---|---|---|---|
| 1 | Maharashtra | 222.14 | 9.78% | 9.25% |
| 2 | Uttar Pradesh | 122.17 | 5.38% | 5.30% |
| 3 | Karnataka | 117.53 | 5.17% | 5.75% |
| 4 | Tamil Nadu | 90.87 | 4.00% | 4.90% |
| 5 | Telangana | 90.08 | 3.97% | 5.11% |
| 6 | Andhra Pradesh | 63.22 | 2.78% | 3.74% |
| 7 | Gujarat | 56.77 | 2.50% | 2.93% |
| 8 | Rajasthan | 55.70 | 2.45% | 2.85% |
| 9 | Delhi | 51.62 | 2.27% | 2.29% |
| 10 | Bihar | 50.28 | 2.21% | 2.42% |
एक दिलचस्प बात यह है कि Uttar Pradesh volume में दूसरे नंबर पर है, जबकि Karnataka value में उससे आगे है. इसका मतलब है कि Karnataka में औसत transaction की रकम ज़्यादा है. Telangana में भी value हिस्सा volume से काफी ऊपर है.

Bihar में UPI Payment की असली तस्वीर
Bihar के हर जिले का अलग-अलग UPI data NPCI सार्वजनिक रूप से जारी नहीं करता. इसलिए पटना, गया या मुज़फ़्फ़रपुर की तुलना का कोई official आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. राज्य-स्तर पर NPCI का आंकड़ा इस तरह है.
| पैमाना (जून 2026) | Bihar |
|---|---|
| राष्ट्रीय रैंक (volume) | 10 |
| कुल UPI transactions | 50.28 करोड़ (502.75 million) |
| कुल value | ₹70,130.89 करोड़ |
| Volume में हिस्सा | 2.21% |
| Value में हिस्सा | 2.42% |
Bihar ने इस data में West Bengal (2.14%), Madhya Pradesh (2.11%) और Kerala (2.00%) को volume में पीछे छोड़ा है. पड़ोसी Jharkhand का हिस्सा 0.84% है. यानी Bihar अब UPI के मामले में “पिछड़ा” राज्य नहीं कहा जा सकता.
फिर भी, आबादी के हिसाब से देखें तो Bihar का हिस्सा उसकी जनसंख्या के अनुपात से कम है. इसके कारणों में smartphone और stable internet की कमी, कम औसत आय, बड़ी ग्रामीण आबादी और नकद लेनदेन की पुरानी आदत शामिल मानी जाती है. Bihar का value हिस्सा volume से ऊपर होना संकेत देता है कि यहां लोग अपेक्षाकृत बड़ी रकम के लिए UPI चुन रहे हैं.
शहर बनाम कस्बा: डिजिटल भुगतान का फर्क
Moneycontrol की रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया कि छोटे कस्बों में लोग छोटी खरीदारी के लिए अब भी cash पसंद करते हैं और UPI का इस्तेमाल ज़्यादातर बड़ी रकम के लिए करते हैं. शहरों में तस्वीर उलटी है, जहां ₹10-20 की चाय या auto किराया भी UPI से दिया जाता है.
| पहलू | बड़े शहर | कस्बे और गांव |
|---|---|---|
| छोटे भुगतान (₹10-200) | ज़्यादातर UPI से | ज़्यादातर cash से |
| बड़े भुगतान | UPI, card, net banking | UPI तेज़ी से बढ़ रहा है |
| Merchant QR | लगभग हर दुकान पर | बढ़ रहा है, पर हर जगह नहीं |
| Internet | ज़्यादातर stable | कई इलाकों में कमज़ोर |
| मुख्य चुनौती | Fraud और fake QR | Network, जानकारी और भरोसा |
मान लीजिए दरभंगा के किसी बाज़ार में एक किराना दुकान है. ग्राहक ₹30 का सामान लेकर cash देता है, पर ₹4,000 के महीने के राशन के लिए QR scan करता है. ऐसे में दुकान पर transactions की संख्या कम रहती है, जबकि रकम ठीक-ठाक होती है. यही पैटर्न Bihar के आंकड़ों में भी झलकता है.

कस्बों में UPI बढ़ाने के आसान रास्ते
- UPI Lite जैसे feature छोटे भुगतान के लिए बने हैं, जिनमें हर बार PIN की ज़रूरत नहीं होती. अपने bank app में इसकी उपलब्धता देखें.
- जहां internet कमज़ोर है, वहां feature phone के लिए UPI 123PAY जैसे विकल्प NPCI ने शुरू किए हैं. Bank से इसकी जानकारी लें.
- दुकानदार QR के पास साफ लिखें कि payment किस नाम से दिखेगा. Bank-registered नाम दिखाने वाले नियम की जानकारी के लिए UPI Rule Change 2026 पढ़ें.
- बुज़ुर्गों और नए users को परिवार का कोई सदस्य UPI PIN सुरक्षित रखने का तरीका सिखाए. UPI PIN क्या है वाला लेख मददगार रहेगा.
UPI limits और refund नियम जो हर user को पता होने चाहिए
UPI इस्तेमाल बढ़ने के साथ limits और नियम भी बदले हैं. नीचे की जानकारी NPCI के निर्देशों और आधिकारिक खबरों पर आधारित है. आपका bank इससे कम limit भी रख सकता है.
| नियम | मौजूदा स्थिति |
|---|---|
| P2P (व्यक्ति से व्यक्ति) limit | ₹1 लाख प्रति दिन |
| चुनिंदा verified merchant categories (जैसे बीमा, निवेश, टैक्स) | 15 सितंबर 2025 से एक दिन में ₹10 लाख तक |
| P2P collect request | 1 अक्टूबर 2025 से बंद |
| Payment से पहले नाम | सिर्फ bank में दर्ज नाम दिखता है |
| ग्राहक पर charge | सामान्य UPI Payment पर ग्राहक से कोई charge नहीं |
ज़्यादा रकम भेजनी हो तो क्या विकल्प हैं, इसके लिए UPI Transaction Limit कैसे बढ़ाएं वाला लेख देखें.
Failed transaction पर RBI का refund नियम
कई बार account से पैसा कट जाता है पर सामने वाले तक नहीं पहुंचता. ऐसे मामलों के लिए RBI ने सितंबर 2019 के circular (RBI/2019-20/67) में Turn Around Time (TAT) और मुआवज़ा तय किया है. यह नियम 15 अक्टूबर 2019 से लागू है.
| स्थिति | पैसा लौटने की समय-सीमा | देरी पर मुआवज़ा |
|---|---|---|
| Account से पैसा कटा, पर पाने वाले के account में नहीं आया (fund transfer) | T+1 दिन तक auto-reversal | ₹100 प्रति दिन (T+1 के बाद) |
| पैसा कटा, पर merchant को confirmation नहीं मिला (merchant payment) | T+5 दिन तक auto-reversal | ₹100 प्रति दिन (T+5 के बाद) |
यहां T का मतलब transaction का दिन है. अगर तय समय में पैसा वापस नहीं आता, तो bank को अपने आप मुआवज़ा देना होता है. इसके लिए ग्राहक को अलग से दावा करने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए, फिर भी शिकायत दर्ज करना समझदारी है.
गलत या अटके UPI Payment की शिकायत कैसे करें: Step-by-Step
शिकायत हमेशा नीचे दिए क्रम में करें. NPCI खुद भी कहता है कि पहले उस app और bank से संपर्क करें जिसके ज़रिए payment हुआ था. ठगी की स्थिति में Step 4 वाला 1930 call सबसे पहले करें.
Step 1: Payment का status और UTR नंबर जांचें
UPI app में “History” या “Transactions” खोलें और उस payment को चुनें. देखें कि status “Success”, “Pending” या “Failed” है. यहीं 12 अंकों का UPI Ref No. यानी UTR नंबर मिलता है, जो हर शिकायत में ज़रूरी है. UTR को समझने के लिए UPI UTR Number क्या होता है पढ़ें.

Step 2: उसी UPI app में dispute दर्ज करें
Transaction details वाले page पर “Help”, “Need help” या “Raise Dispute” जैसा option होता है. सही कारण चुनें, जैसे “पैसा कटा पर पहुंचा नहीं” या “गलत व्यक्ति को भेजा”. शिकायत दर्ज होने के बाद मिलने वाला complaint या ticket नंबर संभाल कर रखें.

Step 3: अपने bank में लिखित शिकायत दें
App से हल न मिले तो उस bank के customer care या branch में शिकायत करें जिसके account से पैसा कटा. UTR नंबर, तारीख, समय, राशि और सामने वाले की UPI ID लिखें. Bank से शिकायत की acknowledgement या reference number ज़रूर लें.

Step 4: NPCI, RBI CMS और 1930 पर आगे बढ़ें
NPCI की website पर “What We Do” में “UPI” और फिर “Dispute Redressal Mechanism” खोलें. “Complaint” section में “Transaction” चुनें, transaction का प्रकार और समस्या चुनें, फिर bank name, Transaction ID, UPI ID, amount, तारीख, email और mobile नंबर भरें और bank statement upload करें. NPCI का UPI toll-free नंबर 1800-120-1740 है.
Bank या NPCI स्तर पर 30 दिन में संतोषजनक जवाब न मिले, तो RBI CMS portal पर RBI Ombudsman में शिकायत करें या 14448 पर call करें. ठगी हुई हो तो तुरंत 1930 पर call करें या cybercrime.gov.in पर “Report Cyber Crime” में रिपोर्ट करें.

गलत, failed या ठगी वाले UPI Payment की शिकायत करने का सही क्रम
Step 1: Status और UTR जांचें
UPI app की History में payment का status देखें और 12 अंकों का UTR नंबर नोट करें.
Step 2: App में dispute
Transaction पर Help या Raise Dispute चुनकर सही कारण के साथ शिकायत दर्ज करें.
Step 3: Bank में शिकायत
हल न मिले तो अपने bank के customer care या branch में UTR के साथ लिखित शिकायत दें.
Step 4: NPCI, RBI CMS और 1930
NPCI के Dispute Redressal Mechanism, फिर RBI CMS पर जाएं. ठगी में तुरंत 1930 पर call करें.
UPI fraud से बचाव: आम तरीके और सावधानी
UPI जितना फैल रहा है, ठग भी उतने नए तरीके अपना रहे हैं. नीचे आम तरीकों और बचाव की जानकारी है.
| Fraud का तरीका | कैसे होता है | कैसे बचें |
|---|---|---|
| नकली payment screenshot | सामान लेकर नकली success screen दिखाना | सामान देने से पहले bank SMS या app में credit देखें |
| Fake QR | दुकान के QR पर दूसरा QR चिपका देना | Payment से पहले screen पर दिखा नाम मिलाएं |
| पैसा पाने के नाम पर PIN मांगना | कहना कि PIN डालो तो पैसा आएगा | पैसा लेने के लिए कभी PIN नहीं डालना होता |
| नकली customer care | Search या social media पर दिया नकली नंबर | नंबर सिर्फ official website या app से लें |
| Remote access app | Screen-sharing app install करवाना | किसी अनजान के कहने पर ऐसे app install न करें |
नकली payment app और screenshot से बचने का विस्तृत तरीका Fake UPI Payment App कैसे पहचानें में दिया गया है.
💡 प्रो टिप: हर UPI Payment के बाद receipt का screenshot लेने की आदत डालें और महीने में एक बार bank statement से मिलान करें. Failed transaction में पैसा T+1 दिन तक न लौटे, तो उसी दिन app में dispute दर्ज करें. देर से की गई शिकायत में ज़रूरी जानकारी जुटाना मुश्किल हो जाता है.
आगे क्या: Bihar के लिए डिजिटल भुगतान का अवसर
UPI का मासिक volume अगस्त और सितंबर 2026 में 24 अरब के ऊपर पहुंच चुका है. आगे की बढ़त का बड़ा हिस्सा उन इलाकों से आने की उम्मीद है जहां अभी cash ज़्यादा चलता है.
Bihar के लिए असली अवसर छोटे भुगतानों में है. अगर कस्बों में ₹10-100 के भुगतान भी डिजिटल होने लगें, तो राज्य का volume हिस्सा तेज़ी से बढ़ सकता है. इसके लिए बेहतर network, merchant QR की उपलब्धता, UPI Lite जैसे features की जानकारी और fraud से बचाव की जागरूकता सबसे ज़रूरी है. India Post Payments Bank और ग्रामीण bank branches जैसे नेटवर्क गांवों तक बैंकिंग सेवा पहुंचाने में भूमिका निभाते हैं.
दुकानदारों के लिए भी फायदा साफ है. UPI से आया हर भुगतान bank statement में दर्ज होता है, जो आगे चलकर loan या credit के लिए आय का रिकॉर्ड बन सकता है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सितंबर 2026 में UPI Payment कितने हुए?
NPCI के अनुसार सितंबर 2026 में 24.07 अरब UPI transactions हुए, जिनकी कुल value ₹29.37 लाख करोड़ रही. रोज़ाना औसत करीब 80.2 करोड़ transactions रहा.
UPI में कौन सा शहर सबसे आगे है?
NPCI data पर आधारित रिपोर्ट के अनुसार Bengaluru Urban जिला देश के कुल UPI transactions में 2.86% हिस्से के साथ सबसे आगे है. इसके बाद Mumbai Suburban (2.49%) और Pune (1.86%) हैं.
UPI transactions में Bihar की रैंक क्या है?
NPCI के जून 2026 के state-wise data में Bihar volume के हिसाब से 10वें स्थान पर रहा. राज्य में 50.28 करोड़ transactions हुए, जो देश के कुल volume का 2.21% है.
Failed UPI Payment का पैसा कब लौटता है?
RBI के नियम के अनुसार fund transfer में पैसा कटकर न पहुंचे तो T+1 दिन तक auto-reversal होना चाहिए. Merchant payment में यह समय-सीमा T+5 दिन है. देरी पर ₹100 प्रति दिन मुआवज़ा तय है.
UPI की शिकायत NPCI पर कैसे करें?
NPCI website पर What We Do में UPI और फिर Dispute Redressal Mechanism खोलें. Complaint में Transaction चुनकर details भरें और bank statement upload करें. पहले app और bank में शिकायत करना ज़रूरी है.
UPI से एक दिन में कितना पैसा भेज सकते हैं?
P2P transfer की सामान्य सीमा ₹1 लाख प्रति दिन है. चुनिंदा verified merchant categories में 15 सितंबर 2025 से एक दिन में ₹10 लाख तक भुगतान संभव है. आपका bank कम limit भी रख सकता है.
निष्कर्ष
NPCI के आंकड़े बताते हैं कि UPI Payment अब हर महीने 24 अरब से ज़्यादा लेनदेन वाला विशाल सिस्टम है, पर इसका केंद्र अब भी बड़े शहर और कुछ राज्य हैं. Bengaluru Urban, Mumbai Suburban और Pune जैसे जिले सबसे आगे हैं, जबकि Maharashtra राज्यों में पहले स्थान पर है.
Bihar जून 2026 के data में 10वें स्थान पर पहुंच चुका है और value में उसका हिस्सा volume से ज़्यादा है. कस्बों में छोटे भुगतान डिजिटल होने के साथ यह तस्वीर और बदलेगी. Payment में कोई गड़बड़ी हो तो app, bank, NPCI और RBI CMS वाले क्रम को याद रखें और ठगी में बिना देर किए 1930 पर call करें.
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है. आंकड़े NPCI, RBI और उन पर आधारित प्रकाशित रिपोर्टों से लिए गए हैं और समय के साथ बदल सकते हैं. किसी भी विवाद या भुगतान संबंधी निर्णय के लिए npci.org.in, rbi.org.in या अपने bank की आधिकारिक जानकारी देखें.










